लहार विधायक अंबरीश शर्मा ने अधिकारियों के रवैए से परेशान होकर धरना दिया और हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याएं उठाईं।
MP News: लहार विधायक अंबरीश शर्मा का आंदोलन और सियासी हलचल
लहार विधायक अंबरीश शर्मा इन दिनों मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठाना किसी भी विधायक के लिए आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने जनता की समस्याओं को लेकर यह कदम उठाया।भिंड जिले की लहार सीट से विधायक अंबरीश शर्मा ने अधिकारियों के रवैए से नाराज होकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि प्रशासन जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात का उद्देश्य
धरने के बाद लहार विधायक अंबरीश शर्मा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की समस्याओं को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाना था।
उन्होंने बताया कि:
- कई बार प्रशासन से शिकायत की गई
- मुख्यमंत्री तक भी बात पहुंचाई गई
- लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला
इसलिए उन्हें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
धरने के पीछे की बड़ी वजह
लहार विधायक अंबरीश शर्मा का आरोप है कि अधिकारी:
- मनमानी कर रहे हैं
- जनता से अभद्र व्यवहार कर रहे हैं
- भ्रष्टाचार में लिप्त हैं
धरने के दौरान उनका बयान काफी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कड़ा संदेश दिया।
लहार विधायक अंबरीश शर्मा के 3 प्रमुख मुद्दे
सड़क कब्जा विवाद
लहार विधायक अंबरीश शर्मा ने आरोप लगाया कि:
- दलित और पिछड़ी बस्ती के रास्ते पर कब्जा किया गया
- कोर्ट के आदेश के बावजूद रास्ता नहीं खुला
- 595 दिनों से लोग धरने पर बैठे हैं
यह मुद्दा सामाजिक न्याय और प्रशासनिक लापरवाही दोनों को उजागर करता है।
बिजली विभाग पर आरोप
विधायक ने बिजली विभाग की डीजीएम पर गंभीर आरोप लगाए:
- गलत बिजली बिल भेजना
- बिना कारण कनेक्शन काटना
- ग्रामीणों से दुर्व्यवहार
लहार विधायक अंबरीश शर्मा का कहना है कि इससे गरीब जनता सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।
रेत खदान बंद होने का मुद्दा
रेत खदान बंद होने से:
- निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं
- रेत की कीमत दोगुनी हो गई है
- आम लोगों का बजट बिगड़ गया है
उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की साजिश हो सकती है।
प्रशासन पर लगाए गए आरोप
धरने के दौरान लहार विधायक अंबरीश शर्मा ने भिंड कलेक्टर को अनुभवहीन बताया। उनका कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर कोई भी समस्या हल नहीं हो रही।उन्होंने कहा:“जनता की समस्या का समाधान नहीं होगा, तो हमें सड़क पर उतरना ही पड़ेगा।”
जनता के लिए सड़क पर उतरे विधायक
लहार विधायक अंबरीश शर्मा का यह कदम राजनीतिक से ज्यादा जनहित का बताया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि:
- वे जनता के प्रतिनिधि हैं
- जनता की समस्या उनकी जिम्मेदारी है
- इसलिए वे संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगेसियासी असर और आगे की रणनीति
इस पूरे मामले ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
लहार विधायक अंबरीश शर्मा के इस कदम के कई मायने निकाले जा रहे हैं:
- पार्टी के अंदर दबाव की राजनीति
- प्रशासन पर जवाबदेही का दबाव
- जनता के बीच मजबूत छवि
आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक रूप ले सकता है।

