IAS Avi Prasad: कौन हैं आईएएस अवि प्रसाद,
मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी Avi Prasad इन दिनों प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि यह चर्चा किसी बड़े प्रशासनिक फैसले, स्थानांतरण या विवाद को लेकर नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन को लेकर है। अवि प्रसाद ने हाल ही में तीसरी बार विवाह किया है। खास बात यह है कि उनकी पहली दो पूर्व पत्नियां भी आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में कलेक्टर पद पर पदस्थ हैं, जबकि उनकी तीसरी पत्नी राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं।
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि तीनों ही महिलाएं भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं और अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
वर्तमान पद और प्रशासनिक प्रोफाइल
IAS Avi Prasad वर्तमान में मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के पद पर पदस्थ हैं। इस भूमिका में वे राज्य की रोजगार गारंटी से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इससे पहले वे प्रदेश के कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रशासनिक सख्ती, त्वरित निर्णय क्षमता और फील्ड में सक्रिय उपस्थिति के कारण वे एक तेजतर्रार अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं।
पहली शादी: रिजू बाफना के साथ
Avi Prasad की पहली शादी 2014 बैच की आईएएस अधिकारी Riju Bafna से हुई थी। यह विवाह कुछ समय बाद टूट गया और दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया।
रिजू बाफना वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं। प्रशासनिक कार्यों में उनकी भी अलग पहचान है। तलाक के बाद दोनों ने अपने-अपने करियर पर ध्यान केंद्रित किया और सार्वजनिक रूप से इस विषय पर अधिक टिप्पणी नहीं की।
दूसरी शादी: मिशा सिंह
पहले विवाह के समाप्त होने के बाद अवि प्रसाद ने 2016 बैच की आईएएस अधिकारी Misha Singh से विवाह किया। यह रिश्ता लगभग चार वर्षों तक चला। बाद में दोनों के बीच अलगाव हो गया और तलाक हो गया।
मिशा सिंह वर्तमान में रतलाम जिले की कलेक्टर हैं। वे भी प्रशासनिक सख्ती और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जानी जाती हैं।
तीसरी शादी: अंकिता धाकरे
हाल ही में अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी Ankita Dhakre से विवाह किया है। बताया जाता है कि यह विवाह 11 फरवरी 2026 को सादगीपूर्ण समारोह में संपन्न हुआ।
अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय (प्रशासनिक सेवा) में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर पदस्थ हैं। वे मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से संबंध रखती हैं। उनकी प्रशासनिक छवि भी एक सक्रिय और जिम्मेदार अधिकारी की रही है।
अवि प्रसाद का पारिवारिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अवि प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश में पूरी की और बाद में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए।
उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि मजबूत मानी जाती है और प्रशासनिक प्रशिक्षण के दौरान भी वे सक्रिय रहे।
प्रशासनिक कार्यशैली और उपलब्धियां
अवि प्रसाद की पहचान केवल उनके निजी जीवन तक सीमित नहीं है। वे अपने कार्यों के कारण भी चर्चा में रहे हैं। कटनी जिले में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था।
उस समय जिले में कुपोषण के आंकड़े चिंताजनक थे। उन्होंने आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा की, स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बढ़ाया और जमीनी स्तर पर निगरानी को सख्त किया।
उनके नेतृत्व में कई प्रशासनिक सुधार लागू किए गए, जिनकी राज्य स्तर पर सराहना भी हुई। समर्थकों का कहना है कि वे फाइल आधारित प्रशासन की बजाय जमीनी हकीकत जानने को प्राथमिकता देते हैं।
प्रशासनिक सेवा में व्यक्तिगत जीवन की चर्चा
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का निजी जीवन आमतौर पर सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं बनता, लेकिन जब व्यक्तिगत और पेशेवर पहचान आपस में जुड़ जाएं, तो चर्चा स्वाभाविक हो जाती है।
इस मामले में भी यही हुआ है। तीनों पत्नियां आईएएस अधिकारी हैं और महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। यही कारण है कि यह विषय प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
हालांकि, यह पूरी तरह व्यक्तिगत मामला है और इसमें किसी प्रकार की प्रशासनिक अनियमितता या कानूनी विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
तीसरी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग इसे निजी जीवन का मामला मानते हुए टिप्पणी से बचने की बात कह रहे हैं, तो कुछ इसे चर्चा का विषय बना रहे हैं।
अब तक अवि प्रसाद या उनकी पत्नी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
निष्कर्ष
IAS Avi Prasad इन दिनों अपने निजी जीवन को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन उनकी प्रशासनिक पहचान और कार्यशैली भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। तीनों ही जीवनसाथी उच्च प्रशासनिक पदों पर कार्यरत रहे या हैं, जिससे यह मामला और अधिक सुर्खियों में आया है।
हालांकि, यह पूरी तरह व्यक्तिगत विषय है और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से इसका सीधा संबंध नहीं है। फिलहाल अवि प्रसाद अपने वर्तमान पद पर कार्यरत हैं और प्रशासनिक दायित्व निभा रहे हैं।
उनका करियर, कार्यशैली और निजी जीवन—तीनों ही अलग-अलग स्तर पर चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम रूप से उनकी पहचान एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में ही बनी हुई है।
