MP बजट सत्र: कफ सिरप, भागीरथपुरा और स्लॉटर हाउस कांड से हंगामा, पहले दिन से सियासी तापमान बढ़ा
MP विधानसभा का बजट सत्र 2026 इस बार सामान्य औपचारिकताओं तक सीमित रहने वाला नहीं दिख रहा। सत्र की शुरुआत 18 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी, लेकिन सदन के भीतर सियासी तापमान पहले ही बढ़ चुका है। पिछले दिनों सामने आए कफ सिरप जब्ती, इंदौर के भागीरथपुरा प्रकरण और कथित स्लॉटर हाउस कांड ने विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका दे दिया है।
सत्र का स्वरूप और बजट पेशगी
सत्र 18 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस दौरान 18 फरवरी को करीब 4.80 लाख करोड़ रुपये का पेपरलेस बजट पेश किया जाएगा। सरकार इसे विकास और निवेश केंद्रित बताने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष का फोकस उन आपराधिक और प्रशासनिक मामलों पर है जिनसे प्रदेश की छवि पर सवाल उठे हैं।
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की प्रक्रिया भी संभवतः तीखी बहस और नारेबाजी के बीच होगी। विपक्ष ने संकेत दे दिए हैं कि वे तीन मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग भी उठा सकते हैं।
कफ सिरप जब्ती और नशा नेटवर्क पर सियासत
हाल में MP के अलग-अलग जिलों में बड़ी मात्रा में कफ सिरप जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध नशा कारोबार से जुड़ी थी। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में नशे का नेटवर्क बढ़ रहा है और स्थानीय प्रशासन की ढिलाई के कारण यह कारोबार फल-फूल रहा है।
विपक्ष इसे युवाओं के भविष्य और कानून-व्यवस्था से जोड़कर सदन में मुद्दा बनाएगा। सरकार का दावा है कि अवैध कफ सिरप और नशीली दवाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, कई जिलों में एफआईआर दर्ज की गई हैं और सप्लाई चेन की जांच हो रही है। बजट सत्र में इस मामले पर विस्तृत जवाब और आंकड़ों की मांग उठ सकती है।
भागीरथपुरा प्रकरण और स्थानीय तनाव
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हाल ही में सामने आए घटनाक्रम को भी विपक्ष मुद्दा बना रहा है। स्थानीय स्तर पर अवैध गतिविधियों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद गहराया। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिसिंग की विफलता के रूप में प्रस्तुत कर सकता है।
सरकार का कहना है कि किसी भी अवैध गतिविधि पर सख्ती से कार्रवाई की गई और स्थिति नियंत्रण में है। सत्र में इस मामले की जांच, गिरफ्तारी और प्रशासनिक कदमों का ब्यौरा मांगा जा सकता है।
स्लॉटर हाउस कांड और राजनीतिक आरोप
कथित स्लॉटर हाउस कांड ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई है। आरोप है कि नियमों के विपरीत गतिविधियां संचालित हो रही थीं। विपक्ष इसे प्रशासनिक संरक्षण का मामला मानकर उच्चस्तरीय जांच की मांग कर सकता है। इसी संदर्भ में तीन मंत्रियों के खिलाफ बर्खास्तगी की मांग उठने की संभावना जताई जा रही है।
सियासी माहौल और विपक्ष की रणनीति
सत्र का पहला दिन औपचारिकताओं से अधिक टकराव का मंच बनता दिख रहा है। विपक्ष ने संकेत दे दिए हैं कि वे तीन मुख्य मामलों कफ सिरप, भागीरथपुरा और स्लॉटर हाउस को सरकार की जवाबदेही और प्रशासनिक नाकामी से जोड़कर उठाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि बजट पेशगी और राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सत्र में तीखी बहस, नारेबाजी और रोष देखने को मिल सकता है। यह सत्र केवल वित्तीय आंकड़ों पर चर्चा नहीं बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक सवालों का भी सामना करेगा।
सरकार की तैयारी
सरकार ने अपनी तरफ से रणनीति तैयार की है कि यह बजट विकास और निवेश केंद्रित होगा। मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री सत्र के दौरान बजट में प्रमुख योजनाओं और विकास परियोजनाओं पर जोर देंगे। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि बजट पेशगी के दौरान सत्र व्यवस्थित रूप से संचालित हो और राजनीतिक टकराव के बावजूद वित्तीय मुद्दे प्रमुख बने रहें।
निष्कर्ष
इस प्रकार MP विधानसभा का बजट सत्र इस बार सियासी टकराव और गंभीर बहसों का प्रतीक बनने जा रहा है। कफ सिरप जब्ती, भागीरथपुरा और स्लॉटर हाउस कांड जैसे मुद्दे सत्र के पहले दिन से ही गर्मागर्म चर्चा में रहेंगे। तीन मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग उठ सकती है और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की प्रक्रिया तेज बहस और नारेबाजी के बीच होगी।
इस सत्र का परिणाम न केवल बजट और वित्तीय निर्णयों पर असर डालेगा बल्कि प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाएगा।
