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भारत के दुश्मनों की अब खैर नहीं! PM मोदी ने रक्षा बजट बढ़ाने की कई बड़ी वजहें बताईं

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Published On: 16 February 2026
PM
— "भारत की सुरक्षा मजबूत, पीएम मोदी ने बढ़ाया रक्षा बजट – दुश्मनों के लिए कोई गुंजाइश नहीं!"

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भारत के दुश्मनों की अब खैर नहीं! PM मोदी ने रक्षा बजट बढ़ाने की कई बड़ी वजहें बताईं

सरकार ने बजट 2026‑27 में रक्षा बजट में ऐतिहासिक वृद्धि करने का निर्णय लिया है। PM नरेंद्र मोदी ने इस वृद्धि के पीछे की वजहों को स्पष्ट किया और कहा कि यह केवल किसी एक घटना या हाल की स्थिति के लिए नहीं, बल्कि देश की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का सुरक्षा तंत्र लगातार विकसित हो रहा है और देश हर परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बजट में वृद्धि का विस्तार

इस बार के बजट में रक्षा क्षेत्र को 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है। इसके तहत कैपिटल व्यय (Capital Expenditure) के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये अलग से निर्धारित किए गए हैं। यह राशि मुख्य रूप से आधुनिक हथियारों, उन्नत तकनीकी उपकरणों और सैन्य अवसंरचना के विकास के लिए खर्च की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बढ़ोतरी का उद्देश्य सिर्फ संख्या में वृद्धि नहीं है, बल्कि भारतीय सेना की क्षमता और तैयारियों को तकनीकी और रणनीतिक रूप से मजबूत करना है।

‘कमिटमेंट और लॉन्ग टर्म रणनीति’

PM मोदी ने एक इंटरव्यू में समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा कि रक्षा बजट बढ़ाने का निर्णय किसी एक विशेष घटना या हाल की चुनौती के लिए नहीं लिया गया। उन्होंने बताया, “सरकार पहले दिन से ही स्पष्ट थी कि हमारी सेना को वह करना है जो आवश्यक है। यह बजट आधुनिक जरूरतों के अनुसार हमारी सेना को सशक्त बनाने की हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है और सरकार के कमिटमेंट को साबित करता है।”

PM ने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर जैसी सफलताओं ने देश को गर्व से भर दिया और दिखाया कि पिछले दशक में किए गए सुरक्षा सुधार वास्तव में प्रभावी रहे। यह ऑपरेशन केवल भारतीय सेना की वीरता का प्रमाण नहीं है, बल्कि पिछले वर्षों में रक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी परिणाम है।

बढ़ते वैश्विक और क्षेत्रीय खतरे

PM मोदी ने विश्व के बदलते सुरक्षा परिदृश्य का हवाला देते हुए कहा कि यह आवश्यक है कि भारत की सुरक्षा तैयारियां समय के साथ विकसित हों। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि केवल तात्कालिक कारणों के लिए नहीं है बल्कि लॉन्ग टर्म सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। भारत को पड़ोसी देशों में निरंतर हो रहे सैन्य उन्नयन और क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत रखना आवश्यक है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा विवाद, आतंकवाद और अन्य सुरक्षा चुनौतियां इस बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण हैं। नए हथियार, युद्धपोत और आधुनिक मिसाइल सिस्टम खरीदने पर जोर देने से यह सुनिश्चित होगा कि भारत किसी भी परिस्थिति में अपनी रक्षा क्षमता से पीछे नहीं रहे।

आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा उत्पादन

PM मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि रक्षा बजट में वृद्धि का एक बड़ा उद्देश्य स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले कुछ वर्षों से स्वदेशी हथियारों और तकनीक पर जोर दे रही है। इसके तहत न केवल स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाया जा रहा है बल्कि नई तकनीकों के विकास और रक्षा निर्यात को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मोदी ने कहा कि बजट के इस हिस्से से भारत की तकनीकी क्षमता और अनुसंधान‑विकास (R&D) को बल मिलेगा। यह कदम रक्षा क्षेत्र के स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए अवसर पैदा करेगा और उन्हें आधुनिक तकनीक विकसित करने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह न केवल सेना की तैयारी को मजबूत करेगा बल्कि भारत को वैश्विक मंच पर एक सक्षम और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।

आर्थिक और सामरिक दृष्टिकोण

PM मोदी ने यह भी कहा कि रक्षा बजट केवल सैन्य खर्च नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक रणनीति और दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा है। रक्षा क्षेत्र में निवेश से रोजगार, औद्योगिक विकास और तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे देश की सामरिक मजबूती भी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि निरंतर बढ़ती रक्षा तैयारियां न केवल बाहरी खतरों से देश की रक्षा करेंगी, बल्कि देश की आर्थिक और तकनीकी शक्ति को भी मजबूत बनाएंगी। इससे भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका और प्रभाव को और बढ़ा सकेगा।”

PM का संदेश

PM मोदी ने स्पष्ट किया कि इस बजट के माध्यम से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि भारत अपने दुश्मनों के लिए हमेशा सतर्क और तैयार है। उन्होंने कहा कि यह बजट रक्षा तैयारियों, तकनीकी उन्नयन और स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता देने का प्रतीक है।

PM मोदी ने बताया कि सरकार के लिए यह बजट एक लॉन्ग टर्म सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है और इसमें लगातार सुधार और मॉडर्नाइजेशन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल रक्षा बलों को मजबूत करेगा बल्कि देशवासियों को यह विश्वास देगा कि भारत सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और विकास के सभी पहलुओं में तैयार है।

निष्कर्ष

PM नरेंद्र मोदी का कहना है कि रक्षा बजट में वृद्धि केवल संख्याओं की बात नहीं है। यह देश की सामरिक तैयारियों, आत्मनिर्भरता, और भविष्य की सुरक्षा रणनीति का प्रमाण है। उनके अनुसार, भारत न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम रहेगा बल्कि वैश्विक मंच पर एक मजबूत और प्रभावशाली देश के रूप में उभरता रहेगा। रक्षा बजट के बढ़ते हिस्से से स्वदेशी उत्पादन, तकनीकी उन्नयन और रोजगार के अवसरों को भी बल मिलेगा।

PM मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत के दुश्मनों की अब खैर नहीं और देश हर परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह कदम देश की दीर्घकालिक सुरक्षा और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।

 

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