पुष्पावती नगरी में ध्वजारोहण के साथ प्रारंभ हुआ वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव
धर्मप्रचारक नितिन जैन
Jabalpur, 13 फरवरी 2026: संस्कारधानी Jabalpur की शुभ भूमि पर शुक्रवार के दिन बड़े धूमधाम के साथ श्री तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय का तीन दिवसीय वेडी प्रतिष्ठा महोत्सव आरंभ हुआ। यह महोत्सव सकल तारण तरण दिगंबर जैन समाज एवं रामडिम मूरी परिवार के तत्वावधान में आयोजित किया गया। उत्सव की शुरुआत पुष्पवती नगरी फूटाताल में ध्वजारोहण समारोह से हुई, जिसने श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह की लहर दौड़ा दी।
महोत्सव के मीडिया प्रभारी दीपक राज जैन ने बताया कि इस वर्ष के मंगल महोत्सव में मेला नायक बनने का सौभाग्य जिनशासन पुष्प परिवार को प्राप्त हुआ, जिन्होंने जबलपुर, सागर, नागपुर और भोपाल से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उत्सव की गरिमा बढ़ाई। इसके साथ ही भाईजी कुंडा वाला परिवार ने तीनों मनोहारी वेदी के लिए चांदी की चौंकी भेंट कर अनुमोदना की, जो इस आयोजन की भव्यता और पवित्रता को दर्शाता है।
समारोह में शामिल हुए प्रमुख अतिथि और श्रद्धालु
वेडी प्रतिष्ठा महोत्सव में बड़ी संख्या में त्यागी व्रती साधक और देशभर से पधारे श्रेष्ठिगण, श्रावक और श्राविकाएँ सम्मिलित हुए। इस अवसर पर पूर्व विधायक विनय सक्सेना और मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीए अखिलेश जैन सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। आयोजक रामडिम मूरी परिवार ने इन सभी अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया, जिससे आयोजन का सौहार्द और भी बढ़ गया।
धर्म और भक्ति के इस संगम ने सभी उपस्थित लोगों के मन में श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का संचार किया। कार्यक्रम स्थल पर सजावट, फूलों की सजावट और मंडप की भव्यता ने इसे एक ऐसा उत्सव बना दिया जो न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं बल्कि दूर-दूर से आए भक्तों के लिए भी अविस्मरणीय रहेगा।

दोपहर का कार्यक्रम: मंदिर विधि और जिनवाणी चल समारोह
दोपहर में समवशरण मंडप में मंदिर विधि के माध्यम से देव, शास्त्र और गुरु भगवंतों की विधिवत् आराधना की गई। इसके पश्चात दान प्रभावना और जिनवाणी चल समारोह निकाला गया, जो मंगलगान के साथ चैत्यालय पहुँचा। इस दौरान श्रावक और श्राविकाओं ने भक्ति भाव से संगमरमर की तीनों मनोहारी वेदी पर मां जिनवाणी का अस्थापन किया।
वेडी प्रतिष्ठा के इस अनुष्ठान में छत्र और चंबर समर्पित करने की विधि विधानपूर्वक पूजा हुई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति और श्रद्धा के साथ इन अनुष्ठानों में भाग लिया। यह दृश्य न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अद्भुत प्रतीत हुआ।
संध्याकाल: सामूहिक भक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
शाम के समय सामूहिक भक्ति और साधकों के श्रीमुख से जिनवाणी रसस्वादन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर महिला मंडल और बालकों ने नाटक ‘महासती सीता की अग्नि परीक्षा’ की प्रस्तुति दी। इस नाटक ने न केवल कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया बल्कि उपस्थित सभी लोगों का हृदय भी जीत लिया। नाटक और भक्ति का यह संगम दर्शकों के लिए अत्यंत मनोरंजक और प्रेरणादायक रहा।
महोत्सव का यह भाग न केवल धार्मिक अनुष्ठानों से भरा हुआ था बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी उत्सव को समृद्ध बनाने वाला था। बालकों और युवाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए नाटक और गीत ने आयोजन में जीवंतता और ऊर्जा का संचार किया।
महोत्सव का द्वितीय दिवस: संजीव जैन की भजन संध्या
महोत्सव के दूसरे दिन, शनिवार 14 फरवरी 2026, का शुभारंभ प्रातः 5 बजे सामयिक ध्यान और प्रभात फेरी से हुआ। इस दिन का संपूर्ण कार्यक्रम इस प्रकार था:
- सुबह 7 बजे: मंत्र जप तारण त्रिवेणी पाठ एवं भाव पूजा
- 8 बजे: वृहद मंदिर विधि
- 9 बजे: प्रवचन
- 10 बजे: मंगल कलशों की दान प्रभावना
- 11 बजे: पात्र भावना
- 1 बजे: मंदिर विधि, जिनवाणी पालकी शोभायात्रा एवं कलशरोहण महोत्सव
- 4 बजे: पात्र भावना
- 7 बजे: आरती, भक्ति और स्तुति
- 8 बजे: प्रवचन
- रात 9 बजे: अंतरराष्ट्रीय भजन गायक संजीव जैन (उस्मानपुर, दिल्ली) की विशेष भजन संध्या
इस दिन का कार्यक्रम पूरी तरह से भक्ति, ध्यान और आध्यात्मिक अनुशासन के अनुरूप तैयार किया गया था। उपस्थित श्रद्धालु दिनभर के विभिन्न अनुष्ठानों में सम्मिलित होकर धर्म लाभ प्राप्त कर सकते थे।

आयोजन समिति और समाज की भागीदारी
इस महोत्सव का आयोजन महोत्सव समिति के ट्रस्ट के अध्यक्ष द्वारा किया गया। प्रमुख आयोजक हैं:
- सतीश समैया
- शरद समैया
- दीपक राज जैन
- सीए राहुल जैन
- राजू परासिया
- मनोज मंटू कुंडा वाले
- प. संतोष जैन भाईजी
- जतिन समैया
- प्रियंक समैया
- राजेश दिगंबर
सकल समाज की सहभागिता और आस्था ने इस महोत्सव को और भी भव्य और स्मरणीय बनाया। आयोजकों ने सुनिश्चित किया कि हर श्रद्धालु, चाहे वह स्थानीय हो या दूर-दूर से आया हो, आयोजन में सहज रूप से भाग ले सके।
महोत्सव का महत्व
वेडी प्रतिष्ठा महोत्सव न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन है, बल्कि यह समाज में एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और भक्ति भाव को भी प्रोत्साहित करता है। यह आयोजन धार्मिक अनुशासन और नैतिक मूल्यों की शिक्षा के साथ-साथ नए और युवा श्रद्धालुओं को जैन धर्म के प्रति आस्था और प्रेम से जोड़ता है।
महोत्सव के दौरान आयोजित भजन संध्या, नाटक प्रस्तुतियाँ, पालकी शोभायात्रा और विभिन्न पूजा-अनुष्ठान श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव का अवसर प्रदान करते हैं। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी इसे एक अद्वितीय उत्सव माना जा सकता है।
समापन
श्री तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय में आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव आज रात की भजन संध्या के साथ अपनी चरम सीमा को छूएगा। संजीव जैन (दिल्ली) की भक्ति भरी प्रस्तुति ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में आनंद और भक्ति भाव भर दिया।
यह महोत्सव न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का उत्सव है, बल्कि यह जैन समाज के श्रद्धा, सेवा और एकजुटता का प्रतीक भी है। आयोजकों की कड़ी मेहनत और समाज की सहभागिता ने इसे यादगार बना दिया।
