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Indore में महाशिवरात्रि पर आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में साझा किए गए जीवन और सफलता के सूत्र

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Published On: 5 February 2026
Indore Celebrates Maha Shivaratri with Spiritual Awareness Program
— Indore Celebrates Maha Shivaratri with Spiritual Awareness Program

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“दूसरों से तुलना न करें, अपने जीवन का लक्ष्य खुद निर्धारित करें” – Dr. Bharat Rawat

Indore में महाशिवरात्रि विशेष कार्यक्रम

Indore , 5 फरवरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, न्यू पलासिया स्थित ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी सभागृह, ज्ञानशिखर में महाशिवरात्रि के अवसर पर “परमात्मा अवतरण से स्वर्णिम भारत की ओर” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के नागरिक, आध्यात्मिक साधक, डॉक्टर, पत्रकार और युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया।

विशेष अतिथि, सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ Dr. Bharat Rawat ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे भीतर की दुनिया अत्यंत सुंदर और दिव्य है। बाहरी दुनिया के प्रभाव से हमारी आत्मा पर धूल जम जाती है और हम अपनी श्रेष्ठता भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों से तुलना करने के बजाय अपने जीवन के उद्देश्य और लक्ष्य स्वयं तय करने चाहिए। जब लक्ष्य महान हो, तो छोटी-छोटी कमजोरियां अपने आप समाप्त हो जाती हैं।

आत्मा की श्रेष्ठता को समझने का संदेश

Dr. Bharat Rawat ने कहा कि हमारे अंदर की दुनिया अत्यंत खूबसूरत है। प्रत्येक व्यक्ति के अंदर शुद्धता, पवित्रता और श्रेष्ठता निहित है, लेकिन बाहरी दुनिया की चमक-दमक और भौतिक मोह हमें अपनी आत्मिक श्रेष्ठता को पहचानने से रोकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें अपने कर्मों के माध्यम से खुद को बेहतर बनाना चाहिए और कभी भी दूसरों से तुलना नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि जीवन में यदि हम अपने लक्ष्य को उच्च और स्पष्ट रखें, तो छोटी-छोटी कमजोरियां स्वतः ही महत्वहीन हो जाती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व समझाया। डॉ. रावत के अनुसार, शिवरात्रि का अर्थ केवल पर्व मनाना नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक जागरण और आत्मा के शुद्धिकरण का प्रतीक है।

महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

Indore  जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्राह्माकुमारी हेमलता दीदी ने अपने संबोधन में महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय गीता में वर्णित कलयुग के अंत का काल है, जिसमें अत्यधिक अधर्म और नैतिक पतन व्याप्त है। इस समय मानव मन अज्ञान के अंधकार से घिरा है और अनेक प्रकार के दुष्कर्मों में लिप्त है।

हेमलता दीदी ने बताया कि ऐसे समय में परमात्मा शिव अपने साकार माध्यम प्रजापिता ब्रह्मा के माध्यम से सत्य ज्ञान और राजयोग की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि कलयुगी अंधकार को दूर कर सतयुग का सवेरा स्थापित किया जा सके। इसे उन्होंने “स्वर्णिम भारत” और “दैवी सृष्टि की स्थापना” के रूप में परिभाषित किया।

ईश्वरीय विश्व विद्यालय: आध्यात्मिक शिक्षा और स्वास्थ्य

डॉ. विनीता कोठारी, सेंट्रल लैब की डायरेक्टर, ने कहा कि यह ईश्वरीय विश्व विद्यालय केवल आध्यात्मिक शिक्षा का केंद्र ही नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यहाँ जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे ब्लड प्रेशर, शुगर और मानसिक समस्याओं का उपचार राजयोग मेडिटेशन द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक साधना केवल आत्मा को शांति नहीं देती, बल्कि शरीर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरक संदेश

कस्टम एवं जी.एस.टी. विभाग के कमिश्नर दिनेश बिसेन ने कहा कि किसी भी उत्सव का महत्व केवल बाहरी रूप में नहीं, बल्कि यह हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा भरने का अवसर है। महाशिवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा और उद्देश्य की भावना जगाने का पर्व है।

पूर्व सिटी इंजीनियर महेश शर्मा ने कहा कि परमात्मा से जुड़ने के लिए मन को शुद्ध, सरल और सकारात्मक बनाना आवश्यक है। अपने भीतर के बंधनों और मोह-माया को दूर करके ही हम परमात्मा के साथ एकाकार हो सकते हैं।

पूर्व कुलपति डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि यह विश्वविद्यालय सभी पेशेवरों को आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करता है। डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पत्रकार आदि इस शिक्षा से अपने जीवन को दिव्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे परमात्मा के संदेशवाहक बनें और यह ज्ञान सभी आत्माओं तक पहुंचाएं।

कार्यक्रम की रूपरेखा

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद कुमारी गौरवी ने शिव महिमा पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि ब्रहमाकुमारी आकांक्षा बहन ने गीत के माध्यम से सभी को भावविभोर किया। ब्रहमाकुमारी उषा बहन ने सभी उपस्थित लोगों से प्रतिज्ञा करवाई और सभी ने मिलकर शिव ध्वज फहराया। कार्यक्रम का समापन केक कटिंग और खुशियों के साथ हुआ।
संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन ब्रहमाकुमारी अनिता बहन ने किया।

संदेश और प्रेरणा

इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, दिव्यता और परमात्मा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उपस्थित लोगों ने न केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन में उच्च लक्ष्यों और सकारात्मक सोच को अपनाने की प्रेरणा भी ली।

 

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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