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India-US ट्रेड डील: रूस ने कहा, भारत किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र

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Published On: 5 February 2026
Russia Responds to India-US Trade Deal: India Free to Buy Oil from Any Country, Not Targeting Russia
— Russia Responds to India-US Trade Deal: India Free to Buy Oil from Any Country, Not Targeting Russia

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India-US ट्रेड डील और रूस की प्रतिक्रिया

India-US  के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते को लेकर रूस ने प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और अमेरिका तथा वेनेजुएला से अधिक क्रूड ऑइल खरीदेगा। इसके जवाब में रूस ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। रूस का कहना है कि भारत की यह कोशिश नई नहीं है और यह किसी भी तरह से रूस को टारगेट नहीं कर रही।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने 4 फरवरी 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा, “हम जानते हैं कि भारत को केवल रूस से ही तेल और पेट्रोलियम उत्पाद नहीं मिलते। भारत ने हमेशा विभिन्न स्रोतों से तेल और हाइड्रोकार्बन खरीदे हैं। इसलिए हाल की गतिविधियां कुछ नई नहीं हैं और इसे रूस पर कोई दबाव नहीं माना जाना चाहिए।”

रूस ने India को लेकर अपनाई स्थिर नीति

पेस्कोव ने यह भी स्पष्ट किया कि मॉस्को को भारत से रूसी तेल खरीदने बंद करने का कोई औपचारिक संकेत नहीं मिला है। उनका कहना था कि रूस कभी भी भारत का अकेला ऊर्जा भागीदार नहीं रहा है और अगर भारत अपने तेल सोर्स में बदलाव करता है तो यह सामान्य और रणनीतिक निर्णय माना जाएगा।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने भी भारत-रूस ऊर्जा सहयोग की अहमियत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हाइड्रोकार्बन व्यापार दोनों देशों के लिए फायदेमंद है। भारत के साथ यह सहयोग ग्लोबल एनर्जी मार्केट की स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है। हम इस सहयोग को आगे भी जारी रखने के लिए तैयार हैं।”

भारत-रूस संबंध सिर्फ ऊर्जा तक सीमित नहीं

रूस ने यह भी बताया कि भारत-रूस संबंध केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, और रणनीतिक सहयोग दशकों पुराना है। मॉस्को का यह भी कहना है कि वैश्विक दबावों के बावजूद वह भारत के साथ अपनी साझेदारी बनाए रखना चाहता है।

विशेष रूप से, भारत-रूस संबंध कई स्तरों पर विस्तृत हैं – रक्षा तकनीक, व्यापार समझौते, ऊर्जा सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सामूहिक प्रयास शामिल हैं। रूस की नजर में यह साझेदारी भारत और रूस दोनों के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।

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अमेरिका का नजरिया और भारत की स्वतंत्रता

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा करते हुए कहा था कि भारत अब रूस से तेल खरीदना कम करेगा और अमेरिका तथा वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा। इसके बदले अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर आयात शुल्क को 50% से घटाकर 18% कर दिया। ट्रंप का कहना था कि इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों को बड़ी राहत मिलेगी और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे।

हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी देश पर निर्भर नहीं रहेगा और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार अपने ऊर्जा स्रोतों को विविध बनाए रखेगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करने और नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है।

भारत की रणनीति और वैश्विक परिदृश्य

भारत की रणनीति में ऊर्जा के विविध स्रोतों पर ध्यान देना मुख्य है। देश को ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों और वैश्विक राजनीति में निरंतर बदलावों के कारण यह कदम उठाना पड़ा। भारत का लक्ष्य है कि वह किसी एक देश पर निर्भर न रहे और अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करे।

रूस ने भी स्वीकार किया कि भारत के लिए तेल की खरीद का विकल्प व्यापक है और किसी भी देश से तेल खरीदने का अधिकार भारत का है। यह दर्शाता है कि भारत अपनी राष्ट्रीय हितों के अनुरूप स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम है।

निष्कर्ष

India-US ट्रेड डील ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में हलचल पैदा की है। रूस ने स्पष्ट कर दिया कि भारत की तेल खरीद में विविधता उसके लिए सामान्य है और इसे रूस पर कोई असर नहीं माना जाना चाहिए।

भारत ने ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी स्वतंत्रता और रणनीतिक विकल्पों को बरकरार रखा है। इस निर्णय से यह साफ है कि भारत वैश्विक दबावों से प्रभावित हुए बिना अपने हितों के अनुसार नीतियां बना रहा है।

इस पूरी प्रक्रिया से यह भी सामने आया कि भारत का अंतरराष्ट्रीय संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, रणनीति और ऊर्जा में भी भारत वैश्विक मंच पर अपनी मजबूती दिखा रहा है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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