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PM Modi के खास दोस्त पर बड़ा झटका: Trump ने दक्षिण कोरिया पर 25% टैरिफ लगाया

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Published On: 27 January 2026
Trump cites South Korea’s failure to implement historic trade deal as reason for tariff hike
— Trump cites South Korea’s failure to implement historic trade deal as reason for tariff hike

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PM Modi के खास दोस्त पर बड़ा झटका: Trump ने दक्षिण कोरिया पर 25% टैरिफ लगाया

नई दिल्ली / इंदौर।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के सामानों पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा कर सुप्रभात ही वैश्विक व्यापार जगत में हलचल पैदा कर दी। पहले 15 प्रतिशत का टैरिफ अब बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इस कदम से दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत-दक्षिण कोरिया संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार दक्षिण कोरिया को अपना “खास दोस्त” बता चुके हैं और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के कई उदाहरण भी सामने आए हैं। लेकिन अब अमेरिका की इस नई टैरिफ नीति से दक्षिण कोरिया को आर्थिक झटका लगा है।

Trump ने क्यों बढ़ाया टैरिफ?

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में Trump ने कहा कि दक्षिण कोरियाई विधायिका ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक व्यापार समझौते को लागू नहीं किया, जो उनके विशेषाधिकार में शामिल था। इसी कारण उन्होंने ऑटो, लकड़ी, फार्मा और कुछ अन्य सामानों पर 15% से 25% तक टैरिफ बढ़ाने का निर्णय लिया।

Trump के अनुसार, यह कदम अमेरिकी उद्योगों की सुरक्षा और घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के लिए जरूरी था। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संशोधित टैरिफ दरें तुरंत लागू हो गई हैं या नहीं, लेकिन इसके असर से दक्षिण कोरिया से अमेरिका में जाने वाले उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की संभावना है।

कौन-कौन से सामानों की कीमत बढ़ेगी?

Trump के टैरिफ निर्णय के तहत ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्युटिकल्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ड्यूटी बढ़ाने की तैयारी है। इसका मतलब है कि इन उत्पादों की कीमतों में अमेरिका में वृद्धि हो सकती है।

वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कोरिया अमेरिका के आयातित सामानों के प्रमुख स्रोतों में से एक है। 2024 में दक्षिण कोरिया ने अमेरिका को 132 बिलियन अमेरिकी डॉलर के उत्पादों का निर्यात किया था। ऐसे में 25 प्रतिशत टैरिफ की दर से दक्षिण कोरियाई सामानों की लागत बढ़ने की संभावना है, जो दोनों देशों के व्यापार संतुलन पर असर डाल सकती है।

भारत-दक्षिण कोरिया संबंध

भारत और दक्षिण कोरिया के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार दक्षिण कोरिया को “खास दोस्त” कहा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी और निवेश सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

हालांकि, ट्रंप के इस टैरिफ कदम से भारत पर प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ेगा, लेकिन दक्षिण कोरिया के साथ व्यापार और निवेश संबंधों पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की यह नीति वैश्विक व्यापार में अस्थिरता और रणनीतिक तनाव बढ़ा सकती है।

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Trump की टैरिफ नीति और कानूनी जांच

Trump द्वारा टैरिफ बढ़ाना ऐसे समय में आया है जब उनकी व्यापार शक्तियों की कानूनी जांच चल रही है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में संसद की मंजूरी के बिना ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को चुनौती देने वाली दलीलों को सुना।

कई न्यायाधीशों ने सवाल किया कि क्या राष्ट्रपति के पास एकतरफा टैरिफ लगाने का अधिकार था। अदालत ने अभी तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं सुनाया है, लेकिन इससे साफ है कि ट्रंप की नई टैरिफ नीति विवादित और संवेदनशील हो सकती है।

टैरिफ बढ़ने का आर्थिक प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण कोरिया के लिए यह निर्णय आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण चुनौती साबित हो सकता है। अमेरिका दक्षिण कोरिया के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है। 25 प्रतिशत टैरिफ से ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमत बढ़ सकती है, जिससे दक्षिण कोरिया का निर्यात प्रभावित होगा।

इस कदम से अमेरिकी उद्योगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ेगा। दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के लिए यह चुनौती बढ़ाएगा कि वे अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए नई रणनीति अपनाएं।

Trump और दक्षिण कोरिया: राजनीतिक संदेश

ट्रंप ने अपने फैसले के माध्यम से स्पष्ट किया कि अमेरिका अपनी व्यापार नीतियों में कठोर और सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा कि दक्षिण कोरियाई विधायिका ने अमेरिका के विशेष व्यापार समझौते का पालन नहीं किया, इसलिए यह कदम जरूरी था।

इससे यह भी संदेश गया कि अमेरिका अपने आर्थिक और व्यापार हितों की रक्षा के लिए किसी भी समय टैरिफ बढ़ा सकता है। दक्षिण कोरिया पर यह कदम राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से गंभीर संदेश है।

निष्कर्ष

अमेरिका द्वारा दक्षिण कोरिया पर टैरिफ बढ़ाना वैश्विक व्यापार और रणनीतिक संबंधों में नई चुनौतियां पेश करता है। भारत के पीएम मोदी द्वारा दक्षिण कोरिया को “खास दोस्त” बताने के बावजूद, अमेरिकी नीति ने यह दिखा दिया कि व्यापारिक हित हमेशा प्राथमिकता रखते हैं।

ट्रंप की यह कार्रवाई ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में मूल्य वृद्धि ला सकती है और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता पैदा कर सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस टैरिफ निर्णय से न केवल दक्षिण कोरिया बल्कि एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की वैश्विक व्यापार रणनीतियां भी प्रभावित हो सकती हैं।

इससे स्पष्ट है कि वैश्विक व्यापार में राजनीतिक निर्णय और आर्थिक हितों का सीधा प्रभाव पड़ता है, और ऐसे कदम भविष्य में अन्य देशों के व्यापारिक रिश्तों पर भी असर डाल सकते हैं।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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