भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है और 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में कुल चार बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें जनता के कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय को अब तक 1497 प्रश्न प्राप्त हुए हैं, जिनमें 751 तारांकित और 746 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा 194 ध्यानाकर्षण, 6 स्थगन प्रस्ताव, 14 अशासकीय संकल्प और 52 शून्यकाल के प्रश्न भी आए हैं। इस दौरान सदन में दो शासकीय विधेयक पेश किए जाएंगे।
यह 16वीं विधानसभा का सातवां सत्र है। इस बार के सत्र में कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा में रह सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से एसआईआर विवाद, जानलेवा कफ सिरप, तथा मक्का और सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) शामिल हैं। इन मुद्दों को लेकर विपक्ष पहले ही सक्रिय है और सदन में जोरदार बहस की संभावना है।

सत्र में स्मार्ट बिजली मीटर, ओबीसी आरक्षण, और रोजगार जैसे विषय भी सदन में उठाए जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा में इन मुद्दों पर बहस से न केवल जनता की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित होगा, बल्कि सरकार की नीतियों और उनकी कार्यवाही पर भी सवाल उठेंगे।
मध्य प्रदेश विधानसभा के इस शीतकालीन सत्र को राज्य की राजनीति और जनता के हितों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर कफ सिरप मामले पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और बहस के चलते सत्र की शुरुआत काफी उथल-पुथल वाली होने की संभावना है।
