—Advertisement—

Neemuch Rishwat Case: मनासा Bank of India में लोन के लिए 15 हजार रिश्वत, Ujjain Lokayukt Trap में कर्मचारी गिरफ्तार

Author Picture
Published On: 24 November 2025
mp neemuch manasa bank staff bribery trap lokayukt action hindi news zvj 2025 11 24 17 50 19

—Advertisement—

Neemuch BOI Rishwat Case: लोन पास कराने के लिए 15,000 की मांग—लोकायुक्त ने बैंक कर्मचारी को रंगे हाथों दबोचा

मध्य प्रदेश (MP) में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए लोकायुक्त द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है, बावजूद इसके सरकारी दफ्तरों और बैंकों में रिश्वतखोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। नया मामला नीमच जिले के मनासा से सामने आया है, जहां उज्जैन लोकायुक्त (Ujjain Lokayukt Action) की टीम ने बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) के कर्मचारी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी बैंककर्मी आवेदक से लोन पास कराने के एवज में यह रकम मांग रहा था।
यह सनसनीखेज कार्रवाई सामने आते ही पूरे बैंक परिसर में हड़कंप मच गया है।

कैसे हुआ खुलासा? शिकायतकर्ता ने की थी लोकायुक्त से शिकायत

सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने मनासा स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा (Manasa BOI) में लोन के लिए आवेदन किया था। बैंक के एक कर्मचारी ने फाइल को आगे बढ़ाने और लोन पास कराने के एवज में उससे 15 हजार रुपए की मांग की।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इंकार करते हुए Ujjain Lokayukt से इसकी शिकायत की। लोकायुक्त टीम ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और फिर ट्रैप कार्रवाई (Lokayukt Trap Neemuch) की योजना बनाई गई।

रंगे हाथ पकड़ा गया बैंक कर्मचारी

निर्धारित प्लान के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोपी बैंककर्मी के बताए स्थान पर पैसे देने की सहमति जताई। जैसे ही बैंक कर्मचारी ने 15,000 रुपए की रिश्वत ली, वहीं लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ जारी है और मामले की आगे जांच की जा रही है।

कार्रवाई के बाद बैंक में हड़कंप

Neemuch BOI Rishwat Case के उजागर होने के बाद मनासा स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों में लोकायुक्त की अचानक हुई कार्रवाई को लेकर खौफ देखा गया।
कई कर्मचारी तो तुरंत अपनी सीट छोड़कर इधर-उधर दिखाई दिए, जबकि कुछ ने कार्रवाई के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की।

मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी पर लोकायुक्त की सख्त नजर

मध्य प्रदेश में पिछले कुछ महीनों से लगातार रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में तेजी आई है।
सरकारी विभागों—जैसे नगर निगम, पंचायत कार्यालय, राजस्व विभाग से लेकर बैंक शाखाओं तक—अक्सर रिश्वत की मांग की शिकायतें सामने आती रही हैं।

लोकायुक्त की टीम भी सक्रिय है और लगातार Corruption in MP पर नकेल कसने के लिए अनेक जगहों पर ट्रैप कार्रवाई कर चुकी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों और बैंकों में कब तक रिश्वतखोरी का चलन जारी रहेगा?

लोन पास कराने के नाम पर बढ़ती रिश्वतखोरी

राज्यभर में लोन से जुड़े मामलों में रिश्वत मांगे जाने की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं।
कई बैंक कर्मचारी फाइल आगे बढ़ाने, प्रक्रिया तेज करने या दस्तावेज़ों को मंजूरी देने के नाम पर आवेदकों से पैसे वसूलते पाए गए हैं।

Manasa BOI Bribery Case इसका ताज़ा उदाहरण बन गया है, जिसने आम जनता की परेशानी को उजागर कर दिया है। लोग बैंक से लोन लेने के लिए पहले ही दस्तावेज़ों और प्रक्रियाओं से जूझते हैं, ऊपर से रिश्वत मांगने जैसी घटनाएं उनका भरोसा तोड़ रही हैं।

लोकायुक्त ने क्या कहा?

लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि

“किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।”

अधिकारियों ने यह भी बताया कि बैंक कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश — ‘बैंक भी सुरक्षित नहीं!’

नीमच और मनासा इलाके में लोगों का कहना है कि

  • लोन निकालना आम लोगों के लिए पहले ही मुश्किल काम है

  • ऊपर से बैंककर्मियों द्वारा रिश्वत मांगना अत्यंत गंभीर अपराध है

इस घटना के बाद लोग खुलकर कह रहे हैं कि सरकार को बैंकिंग सिस्टम में रिश्वतखोरी पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि जनता को राहत मिल सके।

क्या बढ़ेगी आगे की जांच?

सूत्रों के अनुसार, लोकायुक्त इस बात की भी जांच कर सकती है कि

  • क्या इस बैंक शाखा में पहले भी रिश्वत ली जाती थी?

  • क्या अन्य कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं?

  • क्या यह कोई बड़ा रिश्वतखोरी रैकेट का हिस्सा है?

फिलहाल आरोपी कर्मचारी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।

निष्कर्ष

Neemuch Rishwat Case, Manasa BOI Bribery Case, और Lokayukt Action एक बार फिर इस बात को सामने लाते हैं कि बैंकिंग सेक्टर में भी भ्रष्टाचार अपनी जड़ें जमा चुका है।
नीमच जिले में हुई यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन इससे यह भी साफ होता है कि भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म होने तक ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रखना बेहद जरूरी है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp