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“सिवनी हवाला लूट कांड: CSP पूजा पांडेय के ‘सर’ DSP पंकज मिश्रा सहित 4 गिरफ्तार, SIT जांच में बड़ा खुलासा”

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Published On: 19 November 2025
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सिवनी हवाला लूट कांड में बड़ा खुलासा: CSP पूजा पांडेय के ‘सर’ DSP पंकज मिश्रा समेत 4 गिरफ्तार, 20 नवंबर तक पुलिस रिमांड

Seoni News Update | सिवनी हवाला लूट कांड | CSP पूजा पांडेय | DSP पंकज मिश्रा | Seoni Hawala Loot Case

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सिवनी हवाला लूट कांड में एक और बड़ा धमाका सामने आया है। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को उस ‘सर’ को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसका नाम शुरू से इस हाई-प्रोफाइल प्रकरण में चर्चा में था। यह ‘सर’ कोई और नहीं बल्कि बालाघाट हॉक फोर्स में पदस्थ DSP पंकज मिश्रा हैं। उनके साथ ही पुलिस ने तीन अन्य लोगों — जबलपुर क्राइम ब्रांच के एक आरक्षक, CSP पूजा पांडेय के एक रिश्तेदार और एक मुखबिर — को भी गिरफ्तार किया है।

चारों आरोपियों को सिवनी कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 20 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस पूरे मामले में पहले से ही CSP पूजा पांडेय सहित 12 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। नई गिरफ्तारियों के साथ इस हाई-प्रोफाइल हवाला लूट कांड में कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा 16 पर पहुंच गया है।

कौन हैं DSP पंकज मिश्रा और क्या है उनका रोल?

जांच में सामने आया है कि DSP पंकज मिश्रा ही वही व्यक्ति हैं, जिनका नाम CSP पूजा पांडेय की कॉल डिटेल्स में ‘सर’ के रूप में सामने आया था। यह खुलासा तभी से चर्चा में था और अब गिरफ्तारी ने इस संदेह को और पुख्ता कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, 8–9 अक्टूबर की रात जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रदीप सोनी को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफेद कार में लगभग 2.96 करोड़ रुपये की हवाला रकम नागपुर जा रही है। यह कार जबलपुर से सिवनी रूट से गुजरने वाली थी।

आरक्षक प्रदीप सोनी ने यह महत्वपूर्ण सूचना DSP पंकज मिश्रा को दी। मिश्रा ने फिर यह सूचना तत्कालीन CSP पूजा पांडेय को फॉरवर्ड की। यह भी सामने आया है कि पंकज मिश्रा और पूजा पांडेय एक ही बैच के अधिकारी हैं और दोनों के बीच लंबे समय बाद यह कॉल संपर्क हुआ था।

इसी सूचना के आधार पर CSP पूजा पांडेय और उनकी टीम पर आरोप है कि उन्होंने NH-44 पर गाड़ी रोककर 1.47 करोड़ रुपये लूट लिए। बाद में जांच में पूरा मामला हवाला रकम की बड़ी डील और सुनियोजित साजिश के रूप में सामने आया।

गिरफ्तारी से पहले DSP मिश्रा ने दी थी सफाई

नाम उछलने के बाद DSP पंकज मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से मीडिया से बात करते हुए खुद को निर्दोष बताया था। उनका कहना था कि उनकी भूमिका केवल “सूचना पास करने” तक सीमित थी।

उन्होंने कहा था—
“आरक्षक को लगा कि मैं सिवनी में तैनात हूं, इसलिए उसने मुझे जानकारी दी। मैंने उसे CSP से सीधे बात करने को कहा, लेकिन उसके कहने पर मैंने पूजा पांडेय को सूचना दे दी। पूजा मेरे बैच की हैं, पर 4–5 साल से बात नहीं हुई थी।”

मिश्रा ने यह भी माना था कि जब पूजा पांडेय को पहली बार कार में कैश नहीं मिला, तो उन्होंने रात में कई बार उन्हें कॉल किया। आरक्षक से दोबारा पुष्टि करने के बाद उन्होंने पूजा को गाड़ी को “अच्छी तरह चेक करने” को कहा था। बाद में, जब कैश मिला, तो दोनों के बीच अंतिम बार बातचीत हुई।

मिश्रा के मुताबिक, उन्हें अगले दिन मीडिया से पता चला कि यह मामला लूट कांड में बदल चुका है।

SIT को मिले साजिश के पुख्ता सबूत

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अब तक कई बार बयान दर्ज किए। SIT अधिकारियों के अनुसार:

  • DSP पंकज मिश्रा

  • आरक्षक प्रदीप सोनी

  • मुखबिर

  • और पूजा पांडेय के रिश्तेदार

– इन सभी के बयान पहले दर्ज किए जा चुके थे। लेकिन तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, लोकेशन, और बरामद दस्तावेज़ों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह सिर्फ “सूचना देने की भूमिका” नहीं थी, बल्कि पूरे हवाला लूट कांड में इन सभी की संलिप्तता के मजबूत सबूत मिले हैं।

इन्हीं प्रमाणों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने चारों को गिरफ्तार किया है।

सिवनी हवाला लूट कांड: अब तक क्या-क्या सामने आया?

यह मामला शुरुआत से ही तमाम कारणों से चर्चा में है—

1. 2.96 करोड़ की हवाला रकम की सूचना

सूचना के अनुसार, एक बड़ी हवाला रकम नागपुर जा रही थी। CSP पूजा पांडेय और टीम ने कार को रोका।

2. 1.47 करोड़ की बरामदगी पर विवाद

बरामदगी को लेकर कई तरह की विसंगतियाँ सामने आईं, जिसके बाद मामला गंभीर हुआ।

3. 12 पुलिसकर्मी और संबंधित लोग पहले ही गिरफ्तार

CSP पांडेय सहित कई पुलिसकर्मी न्यायिक हिरासत में हैं।

4. अब DSP तक पहुंचा मामला

‘सर’ की पहचान सामने आने और गिरफ्तारी ने इस केस को और बड़ा बना दिया है।

5. कुल गिरफ्तारियां 16 तक पहुंचीं

यह अब MP पुलिस के इतिहास के बड़े मामलों में दर्ज होने जा रहा है।

मामले की अगली दिशा

क्राइम ब्रांच और SIT अब:

  • हवाला नेटवर्क

  • पुलिस अधिकारियों की कथित मिलीभगत

  • बरामद रकम के असली स्रोत

  • रकम के आगे कहां जाने वाले थे

  • साजिश में अन्य अधिकारियों की भूमिका

जैसे अहम पहलुओं पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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