मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नीतियों से मध्यप्रदेश खनन क्षेत्र में बना देश का अग्रणी राज्य
खान मंत्रालय ने जारी की राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग
भोपाल, 16 अक्टूबर 2025:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार के खान मंत्रालय द्वारा जारी राज्य खनन तत्परता सूचकांक (State Mining Readiness Index) और राज्य रैंकिंग 2025 में मध्यप्रदेश ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह गौरवशाली उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी नीतियों, सुधारवादी दृष्टिकोण और खनन क्षेत्र में पारदर्शी व आधुनिक प्रबंधन का परिणाम है।
मध्यप्रदेश को मिला देश में पहला स्थान
केंद्रीय खान मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यवार खनन तत्परता रैंकिंग जारी की। इस सूची में मध्यप्रदेश ने सभी प्रमुख मानकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
राज्य खनन तत्परता सूचकांक (SMRI) के तहत राज्यों को उनके खनिज भंडार, नीलामी प्रक्रिया, सतत खनन, निवेश अनुकूलता और प्रशासनिक दक्षता के आधार पर तीन श्रेणियों — A, B, और C — में वर्गीकृत किया गया।
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श्रेणी A में शीर्ष तीन राज्य: मध्यप्रदेश, राजस्थान, और गुजरात
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श्रेणी B में शीर्ष राज्य: गोवा, उत्तर प्रदेश, और असम
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श्रेणी C में शीर्ष राज्य: पंजाब, उत्तराखंड, और त्रिपुरा
इस सूची में मध्यप्रदेश का प्रथम स्थान यह दर्शाता है कि राज्य न केवल खनिज संपदा में समृद्ध है, बल्कि उसकी प्रशासनिक तत्परता और निवेश नीतियाँ देश के अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दूरदर्शी नेतृत्व बना सफलता की कुंजी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खनन क्षेत्र को केवल संसाधन आधारित नहीं, बल्कि राज्य की औद्योगिक प्रगति का मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा में कई बड़े सुधार किए हैं।
उनकी प्राथमिकता रही है —
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खनन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना
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खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को तेज और निष्पक्ष बनाना
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पर्यावरणीय संतुलन के साथ सतत खनन को बढ़ावा देना
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खनिज आधारित उद्योगों में निवेश आकर्षित करना
डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने न केवल खनिज नीलामी में देश में पहला स्थान प्राप्त किया, बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) की नीलामी लागू करने वाला देश का पहला राज्य भी बना।
खनिज नीलामी में मध्यप्रदेश बना राष्ट्रीय मॉडल
राज्य सरकार की सक्रियता और मुख्यमंत्री की निगरानी में मध्यप्रदेश ने खनिज ब्लॉकों की रिकॉर्ड नीलामी की है।
खनन मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार:
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मध्यप्रदेश ने अब तक सर्वाधिक खनिज ब्लॉक नीलाम किए हैं।
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नीलामी से प्राप्त राजस्व ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है।
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नीलामी की पारदर्शी प्रक्रिया के लिए भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को सम्मानित किया है।
यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उस दृष्टिकोण का प्रमाण है जिसमें उन्होंने खनन को राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि से सीधे जोड़ा।
खनन क्षेत्र में सतत विकास और आधुनिकीकरण की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीतियों के अंतर्गत राज्य सरकार ने खनन क्षेत्र में आधुनिकीकरण, ई-गवर्नेंस, और पर्यावरणीय मानकों को प्राथमिकता दी है।
खनन विभाग में डिजिटलीकरण के तहत:
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ई-ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया गया है।
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खनन पट्टों के शीघ्र संचालन के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।
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अन्वेषण कार्यों को गति दी गई है ताकि नए खनिज स्रोतों की पहचान हो सके।
इन पहलों ने मध्यप्रदेश को “उत्तरदायी खनन का मॉडल राज्य” बना दिया है।
निवेश अनुकूल नीतियों से बढ़ा औद्योगिक विश्वास
खनन और खनिज संसाधनों की प्रचुरता के साथ, राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए एक सकारात्मक और स्थिर वातावरण तैयार किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में:
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खनन आधारित उद्योगों को वन-स्टॉप क्लियरेंस सिस्टम की सुविधा मिली है।
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निवेशकों के लिए नीति-आधारित प्रोत्साहन (incentives) तय किए गए हैं।
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राज्य सरकार ने खनिज मूल्यवर्धन उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की है।
इससे मध्यप्रदेश आज खनन और औद्योगिक विकास का केंद्र बन चुका है।
राज्य खनन तत्परता सूचकांक का उद्देश्य
केंद्रीय खान मंत्रालय द्वारा इस सूचकांक की घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य था —
राज्यों को खनन क्षेत्र में सुधार करने के लिए प्रेरित करना और पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा व निवेश बढ़ाना।
सूचकांक में जिन प्रमुख मानकों का मूल्यांकन किया गया, वे हैं:
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खनिज नीलामी प्रक्रिया और पारदर्शिता
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खनन पट्टों का शीघ्र संचालन
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अन्वेषण की गति और गहराई
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सतत और पर्यावरण-अनुकूल खनन
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प्रशासनिक और नीति सुधारों की प्रभावशीलता
इन सभी मापदंडों पर मध्यप्रदेश ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री की नीतियों से मजबूत हो रही है राज्य की अर्थव्यवस्था
खनन क्षेत्र की प्रगति ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।
खनिज राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
डॉ. यादव की समग्र विकास नीति के तहत खनन से प्राप्त आय का उपयोग ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है।
निष्कर्ष: डॉ. मोहन यादव का नेतृत्व बना “खनन सुधारों की पहचान”
मध्यप्रदेश की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सशक्त नेतृत्व, पारदर्शी नीति और दूरदर्शी दृष्टिकोण किसी भी राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खनन क्षेत्र में सुधारों को “राज्य की प्रगति का इंजन” बना दिया है।
उनकी नीतियों ने न केवल मध्यप्रदेश को देश के खनन मानचित्र पर शीर्ष पर पहुंचाया है, बल्कि इसे आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी बना दिया है।
