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“उज्जैन महाकाल मंदिर कॉरिडोर में 200 साल पुरानी Takia Masjid हटाने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला”

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Published On: 10 October 2025
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Indore News: उज्जैन महाकाल में Takia Masjid को लेकर High Court का बड़ा फैसला

Indore News: मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में महाकाल लोक परिसर की विस्तार योजना के चलते हटाई गई लगभग 200 साल पुरानी Takia Masjid को लेकर इंदौर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। इंदौर हाई कोर्ट की बेंच ने मस्जिद के पुनर्निर्माण की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस मामले में जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं का दावा उचित नहीं है और निचली अदालत का निर्णय सही था।

Takia Masjid हटाने का मामला और पृष्ठभूमि

Ujjain Mahakal Lok Mandir corridor के विस्तार के लिए स्थानीय प्रशासन ने कई पुराने भवनों और मकानों को ध्वस्त किया। इस योजना के तहत लगभग 257 मकान तोड़े गए, जिनमें 200 साल पुरानी Takia Masjid भी शामिल थी। मस्जिद हटाए जाने की कार्रवाई को लेकर कई धार्मिक और सामाजिक संगठन ने विरोध जताया था।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दावा किया कि मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति थी और सरकार को इसे तोड़ने का कोई अधिकार नहीं था। याचिका में मस्जिद के पुनर्निर्माण और इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ताओं की दलीलें

याचिकाकर्ता मोहम्मद तैयब और उनके सहयोगियों ने अदालत में प्रस्तुत दलील में कहा कि Takia Masjid 200 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत थी और धार्मिक दृष्टि से इसका महत्व अत्यधिक था। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन वक्फ बोर्ड की संपत्ति है और सरकार ने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के मस्जिद को तोड़ा।

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से अपील की कि मस्जिद का पुनर्निर्माण कराया जाए और उन अधिकारियों के खिलाफ जांच की जाए जिन्होंने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। उनका कहना था कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल था और इसे हटाना पूरी तरह से अनुचित था।

सरकारी पक्ष का जवाब

सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद सोनी ने कोर्ट को बताया कि मस्जिद की जमीन का अधिग्रहण पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन के बदले संबंधित पक्ष को उचित मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है और अब यह भूमि पूर्ण रूप से सरकार के स्वामित्व में है।

आनंद सोनी ने यह भी बताया कि वक्फ बोर्ड ने पहले ही भोपाल स्थित वक्फ ट्रिब्यूनल में एक अलग मामला दर्ज कर रखा है। कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया कि जमीन के स्वामित्व को लेकर कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं।

न्यायालय की टिप्पणी और फैसला

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद इंदौर हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के दावे अपर्याप्त हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि Takia Masjid के पुनर्निर्माण की मांग करने का याचिकाकर्ताओं के पास कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने अपने फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक पुराने निर्णय का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार किसी विशेष स्थल से नहीं जुड़ा। कोर्ट ने कहा कि नमाज और पूजा किसी भी स्थान पर अदा की जा सकती है, इसलिए मस्जिद के स्थान पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक नहीं है।

न्यायालय का निष्कर्ष:

याचिकाकर्ताओं के दावे पर्याप्त नहीं।

मस्जिद का पुनर्निर्माण कानूनी आधार पर नहीं हो सकता।

निचली अदालत का फैसला सही है, याचिका खारिज की जाती है।

उज्जैन महाकाल लोक परिसर और Takia Masjid का ऐतिहासिक महत्व

Ujjain Mahakal Lok Mandir corridor मध्य प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के पास स्थित यह परिसर हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

200 साल पुरानी Takia Masjid ने भी कई दशकों तक धार्मिक और सामाजिक महत्व रखा। हालांकि, धार्मिक स्थल की सुरक्षा और संरक्षण महत्वपूर्ण है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और शहर के विकास की दृष्टि से प्रशासन ने इसे हटाने का निर्णय लिया।

इस फैसले के बाद उज्जैन और इंदौर में धार्मिक और नागरिक संगठनों में चर्चाएं चल रही हैं। कई लोगों ने कोर्ट के निर्णय को स्वागत योग्य बताया, वहीं कुछ ने प्रशासनिक निर्णय पर सवाल उठाए।

MP News: महाकाल परिसर का विस्तार और स्थानीय प्रतिक्रिया

MP News: उज्जैन में महाकाल लोक परिसर के विस्तार के लिए प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर 257 मकान तोड़े। इस प्रक्रिया के दौरान कई पुराने धार्मिक और आवासीय भवन हटाए गए। प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए की जा रही है।

स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों ने इस प्रक्रिया को लेकर mixed reactions दी हैं। कुछ लोग इसे महाकाल परिसर के विकास के लिए आवश्यक मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर के नुकसान के रूप में देख रहे हैं।

Indore News: उज्जैन की महाकाल लोक परिसर की Takia Masjid के हटाने के मामले में इंदौर हाई कोर्ट का फैसला स्पष्ट और निर्णायक है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं की अपील खारिज कर दी और प्रशासन के पक्ष को सही ठहराया।

यह फैसला स्थानीय प्रशासन और धार्मिक संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि शहर के विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

MP News: महाकाल लोक परिसर का विस्तार योजना तेजी से जारी है और प्रशासन का दावा है कि यह तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।

इस निर्णय के बाद उज्जैन और इंदौर में धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से चर्चाएं बढ़ी हैं, और Takia Masjid का इतिहास हमेशा स्मरणीय रहेगा।

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