आस्था की 485 किलोमीटर पदयात्रा: सुरसुरा से अखंड ज्योत लेकर रामपुरिया खेड़ा पहुंचे श्रद्धालु, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
पड़ाना। वीर तेजाजी महाराज के प्रति आस्था, श्रद्धा और संकल्प का अनूठा उदाहरण रामपुरिया खेड़ा गांव में देखने को मिला। गांव के करीब 40 श्रद्धालुओं ने राजस्थान के सुरसुरा से अखंड ज्योत लेकर लगभग 485 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी की और अपने गांव रामपुरिया खेड़ा पहुंचे। श्रद्धालुओं के गांव में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ वीर तेजाजी महाराज के जयकारे लगाए तथा पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का जोरदार स्वागत किया। लंबे सफर के बाद श्रद्धालुओं के गांव पहुंचने पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और धार्मिक उल्लास का माहौल दिखाई दिया।
सुरसुरा से शुरू हुई यह पदयात्रा श्रद्धालुओं के लिए केवल पैदल यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और संकल्प की परीक्षा भी रही। लंबी दूरी, कठिन रास्ते और बारिश जैसी परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा जारी रखी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पूरी यात्रा के दौरान अखंड ज्योत को श्रद्धा और सावधानी के साथ सुरक्षित रखा गया। श्रद्धालुओं का कहना था कि वीर तेजाजी महाराज के प्रति अटूट विश्वास और गांव तक अखंड ज्योत पहुंचाने के संकल्प ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति दी।
गांव में प्रवेश करते ही हुआ भव्य स्वागत
रामपुरिया खेड़ा में पदयात्रियों के पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके स्वागत के लिए एकत्रित हो गए। जैसे ही श्रद्धालु गांव की सीमा में पहुंचे, ढोल-नगाड़ों की गूंज और वीर तेजाजी महाराज के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ग्रामीणों ने सभी पदयात्रियों पर पुष्पवर्षा की और उनका आत्मीय स्वागत किया।
गांव के लोगों ने श्रद्धालुओं के इस धार्मिक संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि 485 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करना आसान कार्य नहीं है। इसके लिए शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मजबूत इच्छाशक्ति, धैर्य और अटूट आस्था की आवश्यकता होती है। बारिश और रास्ते की परेशानियों के बावजूद श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योत को सुरक्षित गांव तक पहुंचाकर अपने संकल्प को पूरा किया है।

युवाओं ने दिखाई आस्था और समर्पण
इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। पदयात्रा में पिंटू जाट, राजेश जाट, अमन जाट, आशीष जाट, शुभम जाट, जितेंद्र जाट, संदीप जाट, रितेश जाट, गणेश जाट, आदर्श जाट, राहुल जाट, मनोज जाट और चेतन जाट सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे।
युवाओं की इस धार्मिक यात्रा को लेकर गांव में विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि आज के समय में युवा वर्ग का धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ना समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ सामूहिकता और सामाजिक एकता की भावना को भी मजबूत करते हैं।
बारिश और कठिन रास्तों के बीच जारी रखी यात्रा
श्रद्धालुओं ने सुरसुरा से रामपुरिया खेड़ा तक की यात्रा के दौरान कई तरह की कठिनाइयों का सामना किया। रास्ते में बारिश होने के कारण पदयात्रा में परेशानी आई, वहीं लंबी दूरी तय करने के कारण शारीरिक थकान भी हुई। इसके बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा को बीच में नहीं रोका।
अखंड ज्योत को सुरक्षित रखना इस पूरी यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण संकल्प था। श्रद्धालुओं ने मौसम और रास्ते की परिस्थितियों के बीच ज्योत की विशेष देखभाल की। उनके लिए यह ज्योत केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि वीर तेजाजी महाराज के प्रति उनकी श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक थी।
