यमुना हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ा: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बाढ़ का संकट, 43 गांव प्रभावित
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगातार बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी के चलते यमुना और हिंडन नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जबकि हिंडन नदी फिलहाल सुरक्षित स्तर से नीचे बह रही है। प्रशासन ने 43 गांवों को प्रभावित घोषित किया है, जिनमें जेवर के 25 गांवों में फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। अब तक 3800 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 2637 विस्थापित लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं। राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों को लगाया गया है। पशुओं के लिए भी अलग शिविर बनाए गए हैं। बारिश जारी रहने और हठनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले 48 घंटे दिल्ली-एनसीआर के लिए सबसे नाजुक माने जा रहे है
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यमुना नदी जलस्तर
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हिंडन नदी बाढ़
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नोएडा ग्रेटर नोएडा में बाढ़
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दिल्ली बाढ़ अलर्ट
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हठनीकुंड बैराज पानी
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जेवर में फसलें नष्ट
यमुना-हिंडन का जलस्तर बढ़ा, खतरे की स्थिति
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यमुना नदी 200.65 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान (200.60 मीटर) से ऊपर है।
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हिंडन नदी का जलस्तर 201 मीटर दर्ज हुआ है, जो अभी चेतावनी स्तर से 4 मीटर नीचे है।
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बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली-एनसीआर पर खतरा मंडरा रहा है।
H2 – गांव और फसलों पर असर
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गौतमबुद्धनगर जिले के 43 गांव प्रभावित
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जेवर तहसील के 25 गांवों में फसलें पूरी तरह बर्बाद
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सदर और दादरी तहसील के 18 गांवों में आबादी प्रभावित
बचाव और राहत कार्य
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करीब 3800 लोग निकाले गए, 2637 शरणालयों में रह रहे
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सामुदायिक किचन से तीन वक्त का भोजन उपलब्ध
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1471 से ज्यादा गौवंश सुरक्षित पशु शिविरों में भेजे गए
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स्वास्थ्य विभाग ने विशेष कैंप लगाए, सांप के काटने के इलाज की दवाएं रखी गईं
दिल्ली के लिए बड़ा खतरा
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हठनीकुंड बैराज से यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है
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अगले 48 घंटे दिल्लीवासियों के लिए अहम
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष अलर्ट मोड पर, अतिरिक्त नावें और राहत दल तैनात
प्रभावित प्रमुख गांव और क्षेत्र
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नोएडाः मंगरौली, छपरौली, गुलावली, मोहियापुर, झट्टा, याकूतपुर
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ग्रेटर नोएडाः सेक्टर-150 और 168 के नजदीकी गांव, पंडितों की डेरी आदि
