हार्परकॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित हो रही गौर गोपाल दास की नई किताब ‘यू कैन हैव इट ऑल’: दिसंबर 2025 में आएगी मार्केट में
दिल्ली, 18 नवंबर 2025: भारत के सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक वक्ताओं और मोटिवेशनल लेखकों में से एक, गौर गोपाल दास की बहुप्रतीक्षित किताब ‘यू कैन हैव इट ऑल’ (You Can Have It All) जल्द ही पाठकों के हाथों में होगी। प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्था हार्परकॉलिन्स इंडिया (HarperCollins India) ने घोषणा की है कि यह किताब दिसंबर 2025 में अंग्रेजी में प्रकाशित की जाएगी, जिसके बाद इसे अन्य भारतीय भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा।
गौर गोपाल दास अपनी सरल भाषा, गहन आध्यात्मिक दृष्टि और जीवन-परिवर्तनकारी विचारों के लिए जाने जाते हैं। उनकी नई किताब You Can Have It All को अब तक की सबसे व्यक्तिगत, प्रभावशाली और गहरी कृति माना जा रहा है। यह पुस्तक जीवन में संतुलन स्थापित करने की एक अनोखी पद्धति प्रस्तुत करती है—ऐसी पद्धति जो बताती है कि व्यक्ति बिना अपनी शांति खोए, अपने सपनों और लक्ष्यों को एक साथ कैसे हासिल कर सकता है।
किताब में क्या है खास — जीवन के संतुलन का गहरा संदेश
इस पुस्तक में गौर गोपाल दास जीवन के उन सवालों का जवाब खोजते हैं, जिन्हें हम अक्सर भीतर ही भीतर दबा देते हैं—
क्या हम सब कुछ पा सकते हैं? क्या हम सफलता, खुशी, प्रेम, सेहत और शांति को एक साथ संभाल सकते हैं? क्या बिना संतुलन खोए यह संभव है?
लेखक बताते हैं कि यह किताब सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि “जीवन को देखने का एक आईना” है। पुस्तक में वे हास्य, ईमानदारी और आध्यात्मिक ज्ञान के साथ यह दिखाते हैं कि जीवन हमें कितनी दिशाओं में खींचता है, और हम कैसे खुद को संभाले रख सकते हैं।
गौर गोपाल दास कहते हैं—
“जब मैंने ‘यू कैन हैव इट ऑल’ लिखना शुरू किया, मेरा उद्देश्य सिर्फ कहानी कहना नहीं था। मैं उस गहरे सवाल की खोज में था, जो हम सबके भीतर रहता है—क्या हम सच में सब कुछ पा सकते हैं? यह किताब पाठकों को अपने भीतर झाँकने और जीवन की असल धुन सुनने का अवसर देगी।”
हार्परकॉलिन्स इंडिया का बयान — “यह किताब लोगों की सोच बदल देगी”
हार्परकॉलिन्स इंडिया की एग्जीक्यूटिव पब्लिशर पौलोमी चटर्जी ने कहा—
“आज के समय में बहुत कम ऐसे लोग हैं जिनसे भारतीय जनता मार्गदर्शन की उम्मीद रखती है। गौर गोपाल दास उन चुनिंदा नामों में से हैं। उनकी विशिष्ट शैली, गर्मजोशी और सौम्य हास्य उन्हें खास बनाते हैं। हमें गर्व है कि हम उनकी नई किताब प्रकाशित कर रहे हैं, क्योंकि यह पुस्तक लाखों लोगों का जीवन बदलने की क्षमता रखती है।”
वहीं, हार्परकॉलिन्स की एग्जीक्यूटिव एडिटर तृषा बोरा ने कहा—
“एक ऐसी दुनिया में जहाँ लोग अपनी कमियों पर ही ध्यान देते हैं, गौर गोपाल दास remind करते हैं कि हम सभी के भीतर बहुत कुछ पहले से मौजूद है। ‘यू कैन हैव इट ऑल’ इस साल की हमारी सबसे बड़ी और सबसे प्रभावशाली किताबों में से एक है। यह आध्यात्मिक भी है और साथ ही बेहद प्रैक्टिकल भी। उनके साथ इस परियोजना पर काम करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।”
कहानी की पृष्ठभूमि — जैसलमेर की शादी और जीवन के अनकहे सबक
‘You Can Have It All’ की कहानी की शुरुआत होती है जैसलमेर की ठंडी नवंबर सुबह से, जहाँ गौर गोपाल दास अपने मित्र राकेश अरोड़ा के बेटे की शादी में शामिल होने पहुँचते हैं। तीन दिनों के विवाह समारोह में लेखक दोनों परिवारों के सदस्यों, रिश्तेदारों और मेहमानों से मिलते हैं।
कहानी में एक रोमांचक मोड़ तब आता है जब शादी के दिन से पहले एक बिन बुलाया मेहमान अचानक आ जाता है। उसका आगमन दोनों परिवारों के रिश्तों में तूफान ला देता है और शादी टूटने की कगार पर पहुँच जाती है।
इन तीन दिनों में गौर गोपाल दास मेहमानों के संघर्ष, दिल में छुपे भय, असुरक्षाएँ और आकांक्षाओं को समझते हैं और उन्हें जीवन की व्यावहारिक और आध्यात्मिक सीख के साथ राह दिखाते हैं।
इस दौरान वे अपने जीवन के उतार-चढ़ाव और व्यक्तिगत अनुभव भी साझा करते हैं—दिखाते हैं कि हर व्यक्ति के संघर्ष अलग होते हैं, लेकिन समाधान अक्सर भीतर ही छिपा होता है।
किताब क्या सिखाती है — जीवन को बिना बोझ के जीने का तरीका
‘You Can Have It All’ उन पाठकों के लिए है जो—
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जीवन में संतुलन तलाश रहे हैं
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अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं
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रिश्तों, करियर, स्वास्थ्य और मानसिक शांति को एक साथ साधना चाहते हैं
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आत्म-करुणा और सेल्फ-अवेयरनेस की ओर बढ़ना चाहते हैं
यह किताब बताती है कि—
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हमारा दृष्टिकोण हमारी वास्तविकता बनाता है
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अपनी कमियों को पहचानकर भी हम आगे बढ़ सकते हैं
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खुद के प्रति दयालु होकर हम जीवन को सरल और सार्थक बना सकते हैं
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संतुलन कोई असंभव लक्ष्य नहीं, बल्कि एक अभ्यास है
गौर गोपाल दास की सहज भाषा और गहरी समझ इस किताब को पढ़ने योग्य बनाते हैं। यह सिर्फ आध्यात्मिक पुस्तक नहीं है, बल्कि जीवन जीने का व्यावहारिक मार्गदर्शन है।
किताब का प्रकाशन और प्री-ऑर्डर
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प्रकाशन: दिसंबर 2025
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भाषाएँ: पहले अंग्रेजी, फिर प्रमुख भारतीय भाषाएँ
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प्री-ऑर्डर: जल्द शुरू होगा
पुस्तक के लॉन्च के बाद यह 2025 की सबसे चर्चित और प्रेरक किताबों में शामिल होने की पूरी संभावना रखती है।
निष्कर्ष
‘यू कैन हैव इट ऑल’ सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन की चुनौतियों को समझने और उनमें संतुलन स्थापित करने की एक मार्गदर्शिका है।
हार्परकॉलिन्स इंडिया के साथ मिलकर गौर गोपाल दास ने एक ऐसी पुस्तक तैयार की है जो हर उम्र, हर वर्ग और हर पेशे के पाठकों के लिए उपयोगी साबित होगी।
यह कृति बताती है कि हम सबकुछ पा सकते हैं—बस सही दृष्टिकोण और सही समझ की जरूरत है।
