आठनेर महाविद्यालय में योग-आयुर्वेद महाकुंभ, स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों विद्यार्थियों ने लिया भाग
आठनेर। शासकीय महाविद्यालय आठनेर में रेड रिबन क्लब के तत्वावधान में एकदिवसीय ‘योग-आयुर्वेद महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर’ आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. सरोज पाटिल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आठनेर एवं आयुष विभाग मांडवी की विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य, पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, योग तथा मानसिक संतुलन के विषय में जानकारी दी।
आयोजन में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के साथ अनुशासित दिनचर्या अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, व्यसनों से दूर रहने और किसी भी समस्या के लक्षण दिखाई देने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।
सरस्वती और धन्वंतरि पूजन से शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती एवं भगवान धन्वंतरि के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर ज्ञान, स्वास्थ्य और सद्बुद्धि की प्रार्थना की।
इसके पश्चात महाविद्यालय परिवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आठनेर और आयुष विभाग मांडवी से आए विशेषज्ञों का पुष्पगुच्छ, तिलक एवं स्वागत गीत के साथ अभिनंदन किया। स्वागत के बाद विशेषज्ञों के उद्बोधन और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों का क्रम प्रारंभ हुआ।
युवाओं को रचनात्मक दिशा देने का आह्वान
प्रभारी प्राचार्य डॉ. वर्जिनिया दवंडे ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ शरीर बेहतर अध्ययन, प्रखर बुद्धि और उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए अपनी ऊर्जा सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में लगाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को व्यसनों और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहना चाहिए। डॉ. दवंडे ने रेड रिबन क्लब एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय की सराहना करते हुए आयोजन को छात्रहित में उपयोगी पहल बताया।
स्वस्थ और संवेदनशील युवा बनाना उद्देश्य
रेड रिबन क्लब के कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुरेंद्र जीतपूरे ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि क्लब का उद्देश्य युवाओं को बीमारियों के प्रति जागरूक करने के साथ उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का प्रत्येक विद्यार्थी स्वस्थ, सजग और संवेदनशील बने, यही प्रयास है। उन्होंने योग और आयुर्वेद से संबंधित जानकारी प्राप्त करने तथा संतुलित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उनके अनुसार स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार युवा समाज और राष्ट्र निर्माण में बेहतर योगदान दे सकते हैं।
जीवनशैली और स्वच्छता पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आठनेर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. अतुल राय ने भारतीय चिकित्सा परंपरा और आयुर्वेद के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने प्रकृति से जुड़ाव, व्यवस्थित दिनचर्या और अनुशासित आहार को महत्व देने के लिए प्रेरित किया।
वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुशील कुमार सोनी ने वर्तमान जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों, मौसमी संक्रमणों तथा व्यक्तिगत स्वच्छता पर जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही से बचने का संदेश दिया। किसी भी लक्षण की अनदेखी करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की आवश्यकता समझाई।
छात्राओं में एनीमिया और पोषण पर चर्चा
आयुष विभाग मांडवी की डॉ. रंजीता झड़बड़े ने युवाओं, विशेषकर छात्राओं में खून की कमी यानी एनीमिया तथा पोषण संबंधी समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी पोषण आवश्यकताओं को समझने और दैनिक आहार पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने रसोई में उपलब्ध खाद्य पदार्थों तथा आसपास की प्राकृतिक वनस्पतियों के संदर्भ में भी जानकारी साझा की। इस सत्र में पोषण और स्वास्थ्य के बीच संबंध को समझाने पर जोर रहा।
प्राणायाम, ध्यान और दवाओं के उपयोग की जानकारी
योग प्रशिक्षक डॉ. सतीश कुमार शैली ने प्रतिभागियों को प्राणायाम, सूक्ष्म व्यायाम और ध्यान का सजीव अभ्यास कराया। उन्होंने तनाव प्रबंधन, एकाग्रता और मानसिक दृढ़ता के लिए नियमित अभ्यास का महत्व समझाया।
वरिष्ठ फार्मासिस्ट डॉ. अभिषेक कोसे ने दवाओं के उपयोग में सही जानकारी, शुद्धता और निर्धारित मात्रा के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकीय परामर्श के बिना दवाएं लेने से बचने का संदेश दिया। शिविर में स्वास्थ्य शिक्षा और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी दैनिक आदतों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा मिली।
