विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम सिरोंज में मानव अधिकार स्वस्थ्य एवं सुरक्षा संगठन भारत द्वारा आयोजित। डॉ ए.के जैन, एड. राजीव जैन सैनानी व वरिष्ठ समाजसेवियों का सम्मान, स्कूली बच्चों की प्रतियोगिताएं और गरीबों को कंबल वितरण।
विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम : सम्मान, सेवा और जागरूकता का भव्य आयोजन
सिरोंज में इस वर्ष मानव अधिकार स्वस्थ्य एवं सुरक्षा संगठन भारत के तत्वाधान में विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम अत्यंत भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में न केवल समाजसेवियों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों का सम्मान किया गया, बल्कि स्कूली बच्चों को प्रोत्साहन देने और गरीबों को कंबल वितरण जैसी मानवीय पहलें भी की गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया जिसने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बना दिया।
विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. विमल ऑसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ए.के. जैन और ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (AIJA) के प्रदेश अध्यक्ष एड. राजीव जैन सैनानी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इन सभी अतिथियों की उपस्थिति ने विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम को और भी गरिमामय बनाया।
निस्वार्थ सेवा ही मानवता की पहचान – एड. राजीव जैन सैनानी
एड. राजीव जैन सैनानी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मानव अधिकार स्वस्थ्य एवं सुरक्षा संगठन कई वर्षों से समाज के हित में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि—
-
हर वर्ष विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाती है।
-
स्कूली छात्र–छात्राओं के लिए भाषण और निबंध प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी दी जाती है।
-
इस ठंड के मौसम में संगठन द्वारा गरीबों को कंबल वितरण करना अत्यंत प्रशंसनीय है क्योंकि सड़क पर रात गुजारने वाले लोगों के पास अक्सर सर्दी से बचाव के साधन नहीं होते।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में संवेदनशीलता और कर्तव्य-बोध को बढ़ाते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ए.के. जैन को मिले अनेक राष्ट्रीय सम्मान
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ए.के. जैन को देशभर में कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- राज गौरव सम्मान
- राष्ट्रीय चिकित्सा सेवा रत्न
- आयुर्वेद भूषण
- आयुर्वेद सम्राट
- आयुर्वेद चिकित्सा गौरव
- आयुर्वेद शिरोमणि
- वेदराज सम्मान
- वेद शिरोमणि अवार्ड
इन सम्मानों ने संगठन की विश्वसनीयता और समाज सेवा के प्रति समर्पण को और अधिक मजबूत किया है।
संगठन की भूमिका – मानव अधिकार, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए समर्पित
डॉ. ए.के. जैन ने कहा कि भारत में मानव अधिकार और सुरक्षा से जुड़ी कई संस्थाएँ सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि—
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
- भारतीय मानव अधिकार सुरक्षा परिषद
- मानवाधिकार सुरक्षा समिति
जैसे संगठन निरंतर मानव अधिकारों की रक्षा, जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं।
विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाता है।
गरीबों की मदद सबसे बड़ा पुण्य – डॉ. विमल ऑसवाल
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. विमल ऑसवाल ने कहा कि गरीबों को कंबल वितरण करना सिर्फ सहायता नहीं, बल्कि मानवता का सर्वोच्च रूप है।
उन्होंने कहा—
- स्कूली बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित करना अत्यंत सराहनीय है।
- बच्चे अपने अधिकारों को समझकर भविष्य में आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बन सकते हैं।
उन्होंने विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम को समाज में जागरूकता और सेवा की भावना के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में सम्मानित किए गए विशिष्ट जन
कार्यक्रम में निम्नलिखित समाजसेवियों और पदाधिकारियों का सम्मान किया गया—
- डॉ. ए.के. जैन
- एड. राजीव जैन सैनानी
- डॉ. विमल ऑसवाल
- भगवानदास साहू
- राम नारायण पलोड
- गणेश राम रघुवंशी
- सुनील पिंगले
- हरिबाबू अग्रवाल
- महेन्द्र सिंह सूर्यवंशी
कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी निर्मल जैन ने किया।
विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम क्यों है जरूरी?
- मानव अधिकारों की जागरूकता बढ़ती है
- गरीबों और वंचित वर्ग की सहायता होती है
- बच्चों को उनके अधिकारों का ज्ञान मिलता है
- समाज में समानता और करुणा का भाव विकसित होता है
यही वजह है कि विश्व मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है।
- National Human Rights Commission: https://nhrc.nic.in
- UNICEF – Human Rights Info: https://unicef.org
yourwebsite.com/human-rights-awareness-india

