जयसिंहनगर ब्लॉक में 30 स्वास्थ्य कर्मियों का संलग्नीकरण समाप्त
बीएमओ ने तत्काल प्रभाव से किया भारमुक्त; सभी को मूल पदस्थापना स्थल पर लौटने के निर्देश
रिपोर्ट: सुनील रैदास
जयसिंहनगर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जयसिंहनगर ब्लॉक में संलग्न 30 संविदा और नियमित स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त कर दिया है। सिविल अस्पताल जयसिंहनगर के मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) कार्यालय ने 24 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश क्रमांक 1146 जारी किया। साथ ही प्रमाण-पत्र क्रमांक 1150 जारी कर जिला कार्यालय को जानकारी भेजी गई।
आदेश के अनुसार, सिविल अस्पताल जयसिंहनगर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और उपस्वास्थ्य केंद्रों में संलग्न कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से भारमुक्त किया गया है। सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने मूल पदस्थापना स्थल पर अविलंब उपस्थिति दर्ज कराएं और वहां के पदीय दायित्वों का निर्वहन करें।
शासन और सीएमएचओ के निर्देश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक 1175 और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), शहडोल के पत्र क्रमांक 8554 के निर्देशों के पालन में की गई है। बीएमओ डॉ. आनंद प्रताप सिंह ने ब्लॉक में संलग्न सभी 30 कर्मचारियों की सूची जिला कार्यालय को भेजी है। जारी प्रमाण-पत्र में बताया गया है कि अब ब्लॉक में संलग्नीकरण पर कोई कर्मचारी शेष नहीं है।
विभागीय आदेश के बाद कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। निर्देशों के तहत संबंधित कर्मचारी अपने निर्धारित स्वास्थ्य केंद्रों में उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इससे विभिन्न ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर पदस्थ कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में लौटेंगे कर्मचारी
विभागीय जानकारी के अनुसार, कुछ कर्मचारी ग्रामीण उपस्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ होने के बावजूद मुख्यालय या बड़े अस्पतालों में संलग्न थे। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका थी। अब कुदरी, पहाड़िया, महुआटोला, बनचर, सीधी, टेटका, मोहनी, दादर, चितराव, आमडीह, कनाड़ी, उफरी, समरा, रामपुर, पौड़ीकला, भेलहा और छतेनी जैसे क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की वापसी होगी।
विभाग का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। कर्मचारियों के मूल पदस्थापना स्थल पर लौटने से इन केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। आदेश के पालन और केंद्रों पर कर्मचारियों की उपस्थिति के बाद ही इसका वास्तविक असर सामने आएगा।
आदेश में इन कर्मचारियों के नाम
जारी सूची के अनुसार, सिविल अस्पताल जयसिंहनगर से उपस्वास्थ्य केंद्रों के लिए रमेश वर्मा (कुवरा), जे.पी. गुप्ता (पहाड़िया), राजकुमार द्विवेदी (महुआटोला), जीवनलाल सिंह कंवर (बनचाचर), रामलखन सिंह कंवर (सीधी), छोटेलाल सिंह (टेटका), मीहालाल बैगा (मोहनी), प्रीतम सिंह (दादर), कंचन नामदेव (चितरांव) और शारदा देवी द्विवेदी (पोड़ीकला) का संलग्नीकरण समाप्त किया गया है।
सिविल अस्पताल से पीएचसी और सीएचसी के लिए संलग्न वीणा साहू (पीएचसी आमडीह), उमरवती मरावी और शिखा चंदौल (सीएचसी बनसुकली) तथा दीक्षाली सिलोकर (पीएचसी वराछ) को भी भारमुक्त किया गया है।
पीएचसी और सेक्टर से उपस्वास्थ्य केंद्रों के लिए संलग्न कर्मचारियों में सतेन्द्र पटेल (मीठी), कुवर केशर खैरवार (आमडीह), जगन्नाथ सिंह (कनाड़ी), धनुषधारी मौर्य (कुदरी), दिनेश प्रसाद अहिरवार (चितरांव), पुष्पेन्द्र मौर्य (दरैन) और डी.पी. पयासी (पोड़ीकला) शामिल हैं।
अन्य केंद्रों से संबंधित सूची में शिवप्रसाद प्रजापति (पीएचसी उफरी), पार्वती सिंह (उपस्वास्थ्य केंद्र सेमरा), दीपा पटेल (पीएचसी उफरी), नसीमा बी (उपस्वास्थ्य केंद्र रामपुर), रीना गुप्ता (उपस्वास्थ्य केंद्र लपरी), अंजना खलको (पीएचसी आमडीह), अनीता सिंह (उपस्वास्थ्य केंद्र भैंसहा), रामेश्वर प्रसाद मिश्रा (उपस्वास्थ्य केंद्र छतैनी) और शशि देवी गौतम (सिविल अस्पताल से छतौनी) के नाम शामिल हैं। आदेश के तहत इन सभी का संलग्नीकरण समाप्त कर उन्हें संबंधित मूल पदस्थापना पर भेजा गया है।
