MP Weather Today: मध्यप्रदेश में 27 सितंबर तक बारिश के आसार, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी
भोपाल, 25 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 25 सितंबर को जारी चेतावनी के अनुसार, पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 25 से 27 सितंबर के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
किन तारीखों पर बारिश का अधिक असर?
IMD की संभागीय चेतावनी में 25 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश के लिए बहुत भारी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए भारी बारिश की संभावना दर्ज है। 26 सितंबर को दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 27 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी है। तीनों दिन गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ये चेतावनियां पूरे क्षेत्र में एक समान बारिश होने का अनुमान नहीं हैं; अलग-अलग स्थानों पर बारिश की तीव्रता बदल सकती है।
पिछले 24 घंटों में कहां बरसे बादल?
पिछले 24 घंटों में रीवा संभाग के ज्यादातर जिलों में बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम और शहडोल संभाग के कई इलाकों में भी बादल बरसे। भोपाल और जबलपुर संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश हुई, जबकि इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। इस तरह बारिश का असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अधिक दिखाई दिया, हालांकि अन्य क्षेत्रों में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहा।
बारिश की यह स्थिति लोगों के दैनिक आवागमन, खुले में आयोजित कार्यक्रमों और खेतों में चल रहे काम को प्रभावित कर सकती है। खासकर जिन इलाकों में कम समय में तेज बारिश होती है, वहां सड़कों पर पानी भरने और दृश्यता घटने की समस्या आ सकती है। लोगों को अपने क्षेत्र का ताजा पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
किन जिलों के लोगों को सतर्क रहना चाहिए?
रीवा, शहडोल, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में हाल की बारिश तथा अगले तीन दिनों की क्षेत्रीय चेतावनी को देखते हुए लोगों को मौसम पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के निवासी भी गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतें।
जिला-वार अलर्ट और संभागीय चेतावनी में अंतर है। IMD की उपलब्ध संभागीय चेतावनी पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए बारिश की तीव्रता बताती है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि हर जिले में समान स्तर की भारी बारिश होगी। किसी खास जिले में बाहर निकलने या कार्यक्रम आयोजित करने से पहले मौसम केंद्र भोपाल की ताजा जिला-वार चेतावनी देखना उचित रहेगा।
तेज हवा और बिजली चमकने पर क्या करें?
गरज सुनाई देने या बिजली चमकने पर खुले मैदान, खेत और छत जैसे स्थानों से हटकर पक्के भवन के भीतर चले जाएं। पेड़ के नीचे, बिजली के खंभे के पास या पानी से भरे खुले स्थान में खड़े होने से बचें। यदि यात्रा के दौरान तेज बारिश हो, तो जलभराव वाले रास्तों और उफनती पुलिया को पार करने की कोशिश न करें।
किसानों को भी मौसम की स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है। खेत में काम कर रहे लोग गरज-चमक शुरू होते ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। खुले में रखी उपज और उपकरणों को बारिश से बचाने की व्यवस्था करें। स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए दिन की शुरुआत में देखा गया पूर्वानुमान शाम तक पर्याप्त न हो।
28 सितंबर के बाद कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग की मौजूदा संभागीय चेतावनी में 28 सितंबर के लिए पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश में गरज-चमक तथा बिजली गिरने की आशंका दर्ज है, लेकिन उस दिन भारी बारिश की चेतावनी नहीं दिखाई गई है। 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक इस चेतावनी सूची में दोनों क्षेत्रों के लिए कोई अलर्ट दर्ज नहीं है। पूर्वानुमान बदल सकते हैं, इसलिए अगले कुछ दिनों तक ताजा बुलेटिन देखते रहना जरूरी है।
फिलहाल 25 से 27 सितंबर का समय अधिक सतर्कता वाला है। बारिश हर जगह एक जैसी नहीं होगी, लेकिन गरज-चमक के दौरान थोड़ी देर की लापरवाही भी जोखिम बढ़ा सकती है। अपने जिले की नवीनतम चेतावनी के अनुसार ही यात्रा, खेती और बाहरी कार्यक्रमों का निर्णय लें।
