स्वच्छता और ग्राम विकास में वायल की मिसाल, अब प्रदेशभर में बनी पहचान
जीपीडीपी प्रशिक्षण मॉड्यूल की पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर प्रकाशित हुआ वायल का ग्राम-नक्शा, पंचायत को पहले मिल चुका है ₹50 हजार का पुरस्कार
संवाददाता – कौशिक पंडित
दैनिक स्वराज वाणी
मनावर (धार)। मनावर विकासखंड की ग्राम पंचायत वायल ने स्वच्छता, ग्राम विकास और जनभागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए पूरे मध्य प्रदेश में अपनी विशेष पहचान बनाई है। ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2015 से 2022 के बीच किए गए कार्यों को अब प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण सामग्री में भी स्थान मिला है। प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए प्रकाशित प्रशिक्षण मॉड्यूल की पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर ग्राम वायल के समूह द्वारा बनाए गए गांव के नक्शे की तस्वीर प्रकाशित की गई है।
प्रदेश स्तरीय पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर वायल के ग्राम-नक्शे का चयन होने से पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों में खुशी का वातावरण है। ग्रामवासियों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे ग्राम विकास से जुड़े सामूहिक प्रयासों को प्रदेश स्तर पर पहचान मिली है।
स्वच्छता में जनपद स्तर पर मिला था प्रथम स्थान
ग्राम पंचायत वायल में वर्ष 2015 से 2022 के बीच स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और गांव को साफ-सुथरा रखने के लिए कई प्रयास किए गए थे। पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए अभियान में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की।
ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समूहों के सहयोग से किए गए स्वच्छता कार्यों के कारण वायल को जनपद पंचायत स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। पंचायत के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर तत्कालीन कलेक्टर द्वारा तत्कालीन ग्राम पंचायत को ₹50 हजार की पुरस्कार राशि का चेक प्रदान किया गया था।
इस पुरस्कार ने पंचायत और ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद गांव में स्वच्छता के साथ अन्य विकास योजनाओं को भी जनभागीदारी के माध्यम से प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रशिक्षण पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर वायल का नक्शा
ग्राम पंचायत वायल की उपलब्धियों में अब एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। “प्रशिक्षण मॉड्यूल—प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) निर्माण प्रक्रिया” विषय पर प्रकाशित पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर वायल के समूह द्वारा तैयार किए गए गांव के नक्शे की तस्वीर को स्थान दिया गया है।
ग्राम-नक्शे में गांव की आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों, सार्वजनिक स्थलों और विकास की संभावनाओं को स्थानीय सहभागिता के माध्यम से प्रदर्शित किया गया था। इस प्रक्रिया में गांव से जुड़े लोगों की भागीदारी रही। नक्शे के माध्यम से गांव की वर्तमान स्थिति को समझने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजना बनाने में सहायता मिली।
प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण पुस्तिका में इस तस्वीर का चयन यह दर्शाता है कि वायल में अपनाई गई ग्राम नियोजन प्रक्रिया अन्य पंचायतों के लिए भी उपयोगी उदाहरण बन सकती है।
क्या है ग्राम पंचायत विकास योजना?
ग्राम पंचायत विकास योजना यानी जीपीडीपी पंचायत स्तर पर विकास की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने की प्रक्रिया है। इसके माध्यम से गांव की वास्तविक आवश्यकताओं की पहचान कर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार योजनाएं तैयार की जाती हैं।
ग्राम पंचायत विकास योजना में सड़क, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, आजीविका और सार्वजनिक सुविधाओं जैसे विषयों को शामिल किया जाता है। योजना को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समूहों की सहभागिता को महत्वपूर्ण माना जाता है।
वायल में गांव का नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया इसी जनभागीदारी आधारित योजना निर्माण का हिस्सा रही। स्थानीय लोगों ने अपने गांव की जरूरतों, समस्याओं और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी साझा की। इससे पंचायत की विकास योजनाओं को वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने में सहायता मिली।
जनभागीदारी बनी सफलता का आधार
ग्राम पंचायत वायल की उपलब्धि के पीछे ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता को प्रमुख कारण बताया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छता से जुड़े समूहों, आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों और ग्रामवासियों ने मिलकर गांव को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया।
स्वच्छता अभियान के दौरान ग्रामीणों को अपने घरों के साथ सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों की भागीदारी से गांव में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को प्रभावी बनाया गया।
इसी तरह ग्राम विकास की योजनाओं को तैयार करते समय भी स्थानीय लोगों के सुझाव लिए गए। सामूहिक चर्चा के माध्यम से आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी गई और ग्राम-नक्शे की सहायता से विकास कार्यों की रूपरेखा बनाई गई।
छोटे गांवों के नवाचार बने प्रेरणास्रोत
प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण मॉड्यूल में वायल के ग्राम-नक्शे को स्थान मिलना इस बात का उदाहरण है कि छोटे गांवों में किए जा रहे प्रभावी नवाचार भी व्यापक पहचान हासिल कर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और सामूहिक प्रयासों से तैयार किए गए मॉडल अन्य ग्राम पंचायतों को भी दिशा दे सकते हैं।
ग्रामवासियों का कहना है कि वायल की तस्वीर प्रशिक्षण पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर प्रकाशित होने से गांव का नाम पूरे प्रदेश में पहुंचा है। अब प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले जीपीडीपी प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी इस तस्वीर को देख सकेंगे और जनभागीदारी से तैयार ग्राम-नक्शे की उपयोगिता समझ सकेंगे।
इस उपलब्धि से ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को भविष्य में भी नवाचार आधारित विकास कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
पंचायत प्रतिनिधियों ने जताया आभार
इस उपलब्धि पर ग्राम पंचायत वायल के सरपंच भागीराम भाभर, उपसरपंच दिनेश पटेल, समस्त पंचगण, आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूह, गणेश संगठन वायल और ग्रामवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण पुस्तिका में वायल के ग्राम-नक्शे को स्थान मिलना पूरे गांव के लिए सम्मान की बात है। यह पहचान किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पंचायत के सभी प्रतिनिधियों, समूहों और ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इस सम्मान से ग्राम विकास की दिशा में आगे काम करने की नई ऊर्जा मिली है। आने वाले समय में स्वच्छता, जल संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामवासियों ने भरोसा जताया कि प्रदेश स्तर पर मिली पहचान से वायल में विकास की नई संभावनाएं बनेंगी। जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी के माध्यम से गांव को स्वच्छ, विकसित एवं आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास निरंतर जारी रखे जाएंगे।
