मध्यप्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के तहत फिलहाल वोटर लिस्ट को फ्रीज कर दिया गया है। इस अवधि के दौरान न तो नए मतदाताओं का नाम जोड़ा जा सकता है और न ही पुराने नामों में कोई सुधार संभव है। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया 9 दिसंबर 2025 से दोबारा शुरू होगी।
इस बीच मतदाता पंजीयन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया ने बताया कि नए नियम के अनुसार फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने के लिए) और फॉर्म-8 (नाम सुधार या स्थानांतरण के लिए) के साथ घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा। इस घोषणा पत्र में मतदाता को अपने माता-पिता की जानकारी देनी होगी। यदि माता-पिता का नाम पिछली एसआईआर सूची में नहीं है, तो उन्हें रिश्तेदारों के नाम, उनका विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर भी देना होगा।

घोषणा पत्र केवल मतदाता द्वारा नहीं, बल्कि Booth Level Officer बीएलओ के हस्ताक्षर के साथ ही मान्य होगा। इस बदलाव का उद्देश्य मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाना है। इसके अलावा, जिन लोगों ने एसआईआर के दौरान अपने गणना पत्रक जमा नहीं किए या जिनकी प्रविष्टि बीएलओ के पास नहीं है, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
इस नए नियम से मतदाता सूची में त्रुटियों को कम करने और पंजीकरण प्रक्रिया में विश्वसनीयता बढ़ाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
9 दिसंबर से शुरू होने वाली यह पंजीकरण प्रक्रिया उन सभी नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो पहली बार वोटर सूची में नाम जोड़ना चाहते हैं या अपने विवरण में सुधार कराना चाहते हैं।
