घुवारा जैन समाज की 3 बसें गुनौर पहुँचकर पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज को पंचकल्याणक महोत्सव के लिए श्रीफल भेंट कर आमंत्रण दिया।
पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज घुवारा पंचकल्याणक महोत्सव के लिए जैन समाज ने किया श्रीफल भेंट
घुवारा जैन समाज द्वारा आयोजित होने जा रहे भव्य श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक जिन बिम्ब प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के लिए धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बन गया है। इसी क्रम में पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज घुवारा पंचकल्याणक महोत्सव में पधारने हेतु विनम्र आमंत्रण देने के लिए जैन समाज घुवारा से तीन बसों में श्रद्धालु पन्ना जिले के गुनौर के लिए रवाना हुए।
इस धार्मिक यात्रा का उद्देश्य परम पूज्य पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ को श्रीफल भेंट कर उन्हें घुवारा में आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन में सानिध्य प्रदान करने के लिए आमंत्रित करना था।
इस यात्रा में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी शामिल हुए।
घुवारा से गुनौर के लिए रवाना हुईं तीन बसें
घुवारा नगर से प्रातःकाल धार्मिक उत्साह और जयघोष के साथ तीन बसों में श्रद्धालु गुनौर (जिला पन्ना) के लिए रवाना हुए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर और जैन धर्म के जयकारों के साथ यात्रा का शुभारंभ किया।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उद्देश्य पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज घुवारा पंचकल्याणक महोत्सव के लिए उन्हें श्रीफल भेंट कर सादर आमंत्रित करना था।
यात्रा में समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, महिला मंडल, युवा मंडल तथा वरिष्ठ धर्मप्रेमी शामिल रहे। सभी श्रद्धालु अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ इस धार्मिक यात्रा में सम्मिलित हुए।
22 से 27 मार्च 2026 तक होगा भव्य पंचकल्याणक महोत्सव
घुवारा में 22 मार्च से 27 मार्च 2026 तक एक भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। इस दौरान श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक जिन बिम्ब प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।इस महोत्सव में देशभर से जैन समाज के हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।पंचकल्याणक महोत्सव जैन धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन होता है, जिसमें भगवान के जीवन के पांच प्रमुख कल्याणकों का उत्सव मनाया जाता है।
इन पाँच कल्याणकों में शामिल हैं
- गर्भ कल्याणक
- जन्म कल्याणक
- तप कल्याणक
- ज्ञान कल्याणक
- मोक्ष कल्याणक
इन सभी धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भक्तों को धर्म, संयम और आध्यात्मिकता का संदेश मिलता है।
पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज का सानिध्य
जैन धर्म में पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज का विशेष स्थान है। उनके प्रवचन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से हजारों श्रद्धालु धर्ममार्ग की ओर प्रेरित होते हैं।घुवारा में आयोजित होने वाले पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज घुवारा पंचकल्याणक महोत्सव में उनके सानिध्य से इस आयोजन की गरिमा और भी बढ़ जाएगी।उनकी उपस्थिति से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान, संयम और धर्म का संदेश प्राप्त होगा।
महोत्सव समिति द्वारा विशेष तैयारियां
घुवारा में आयोजित होने वाले इस भव्य महोत्सव के लिए महोत्सव समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
समिति ने बताया कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए
- आवास की विशेष व्यवस्था
- स्वादिष्ट एवं सात्विक भोजन की व्यवस्था
- यातायात सुविधा
- सुरक्षा व्यवस्था
जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।महोत्सव समिति का लक्ष्य है कि सभी श्रद्धालुओं को इस आयोजन में एक सुखद और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो।
धर्मावलंबियों से अधिक संख्या में आने की अपील
महोत्सव समिति ने देशभर के जैन समाज एवं धर्मप्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में घुवारा पधारकर पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज घुवारा पंचकल्याणक महोत्सव का लाभ प्राप्त करें।यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
पंचकल्याणक महोत्सव केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं होता बल्कि यह जैन संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों का उत्सव होता है।
इस आयोजन में
- धार्मिक अनुष्ठान
- प्रवचन
- शोभायात्राएं
- गजरथ महोत्सव
जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में धर्म, नैतिकता और आध्यात्मिकता का संदेश फैलता है।

