वात्सल्य रक्षा विधान इंदौर का भव्य आयोजन 28 अगस्त को आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर स्थित दलाल बाग देशना मंडप में होगा। प्रत्येक परिवार द्वारा 700 मुनिराजों का अर्घ्य समर्पित किया जाएगा।
वात्सल्य की छाया में रक्षा का पावन विधान : 28 अगस्त को इंदौर में वात्सल्य रक्षा विधान
वात्सल्य रक्षा विधान इंदौर का भव्य आयोजन रक्षाबंधन के पावन पर्व पर 28 अगस्त, शुक्रवार को किया जा रहा है। भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक इस धार्मिक आयोजन को सकल दिगम्बर जैन धर्म प्रभावना समिति द्वारा तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर स्थित दलाल बाग देशना मंडप में आयोजित किया जाएगा। आयोजन में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं के परिवार सहित शामिल होने की संभावना है।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह मांगलिक विधान 28 अगस्त, शुक्रवार को प्रातः 7 बजे से प्रारंभ होगा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर होने वाला यह आयोजन वात्सल्य, त्याग, धर्म प्रभावना, गुरु भक्ति और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का संदेश देगा।
वात्सल्य रक्षा विधान इंदौर की विशेषता
इस बार वात्सल्य रक्षा विधान इंदौर की सबसे बड़ी विशेषता यह रहेगी कि विधान में शामिल होने वाले प्रत्येक श्रावक श्रेष्ठी पुण्यार्क परिवार द्वारा 700 मुनिराजों का अर्घ्य समर्पित किया जाएगा। धार्मिक दृष्टि से यह आयोजन अत्यंत पुण्यकारी और विशेष माना जा रहा है।विधान की पुण्यफल राशि 21,000 रुपये निर्धारित की गई है। श्रीफल, अर्घ्य और शांतिधारा के साथ संपूर्ण विधान धार्मिक विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा।
प्रदीप भैया और पारस भैया के निर्देशन में होगा विधान
वात्सल्य रक्षा विधान बालब्रह्मचारी प्रदीप भैया एवं बाल ब्रह्मचारी पारस भैया जी के निर्देशन में संपन्न होगा। उनके सान्निध्य एवं निर्देशन में श्रावक-श्राविकाएं धार्मिक क्रियाओं में भाग लेते हुए अर्घ्य समर्पित करेंगे।आयोजन में श्रीफल अर्पण, अर्घ्य और शांतिधारा सहित विभिन्न मांगलिक धार्मिक क्रियाएं संपन्न होंगी। आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना ही नहीं, बल्कि समाज और विशेषकर नई पीढ़ी तक जैन धर्म के वात्सल्य, त्याग, संयम और गुरु भक्ति के संदेश को पहुंचाना भी है।
रक्षाबंधन पर वात्सल्य और सुरक्षा का संदेश
आयोजक समिति के भूपेंद्र जैन, कमल जैन, श्रुत जैन, विपुल बाझलं और अखिलेश सोधीया ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर समाज को वात्सल्य, त्याग और सुरक्षा का संदेश देने के लिए इस विधान का आयोजन किया जा रहा है।रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का पर्व है। जैन धर्म में वात्सल्य का व्यापक महत्व है। इसी भावना को धार्मिक स्वरूप देते हुए वात्सल्य रक्षा विधान के माध्यम से परिवार और समाज को धर्म से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
700 मुनिराजों का अर्घ्य समर्पित करेगा प्रत्येक परिवार
इस धार्मिक आयोजन का प्रमुख आकर्षण प्रत्येक परिवार द्वारा 700 मुनिराजों का अर्घ्य समर्पित करना रहेगा। आयोजकों के अनुसार विधान में शामिल प्रत्येक श्रावक श्रेष्ठी पुण्यार्क परिवार को यह पुण्य अवसर प्राप्त होगा।अर्घ्य समर्पण के माध्यम से मुनिराजों के प्रति श्रद्धा, विनय और गुरु भक्ति प्रकट की जाएगी। बड़ी संख्या में परिवारों के एक साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित होने से दलाल बाग देशना मंडप में धर्ममय वातावरण निर्मित होगा।
गुरु भक्ति और धर्म प्रभावना को मिलेगा बढ़ावा
बाल ब्रह्मचारी पारस भैया जी ने कहा कि वात्सल्य रक्षा विधान के माध्यम से समाज में भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता, गुरु भक्ति और धर्म प्रभावना को बढ़ावा देना है।उन्होंने कहा कि धर्म के संस्कार परिवार और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी भी अपनी धार्मिक परंपराओं, संस्कारों और जैन धर्म के मूल सिद्धांतों से परिचित होती है।वात्सल्य केवल परिवार तक सीमित भावना नहीं है, बल्कि प्रत्येक जीव के प्रति प्रेम, करुणा और सद्भाव का संदेश देता है। इसी व्यापक भावना के साथ वात्सल्य रक्षा विधान आयोजित किया जा रहा है।
आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में होगा भव्य आयोजन
आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर स्थित दलाल बाग देशना मंडप में आयोजित होने वाले इस विधान को लेकर जैन समाज में उत्साह है। आयोजक समिति द्वारा धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित और भव्य स्वरूप देने की तैयारियां की जा रही हैं।प्रातः 7 बजे से प्रारंभ होने वाले विधान में श्रीफल, अर्घ्य और शांतिधारा के साथ विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न होंगी। परिवारों द्वारा सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठान किए जाने के कारण आयोजन धर्म प्रभावना का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।
परिवार सहित शामिल होने का आह्वान
आयोजक समिति ने जैन समाज के सभी श्रावक-श्राविकाओं से वात्सल्य रक्षा विधान इंदौर में परिवार सहित उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।समिति का कहना है कि रक्षाबंधन के अवसर पर होने वाला यह आयोजन भाई-बहन के प्रेम के साथ-साथ गुरु भक्ति, त्याग, वात्सल्य और धार्मिक संस्कारों का संदेश देगा। समाज के परिवारों की सहभागिता इस आयोजन को और अधिक प्रभावी तथा धर्ममय बनाएगी।
नई पीढ़ी तक पहुंचेगा धार्मिक संस्कारों का संदेश
आज की युवा पीढ़ी को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना समाज के लिए महत्वपूर्ण है। वात्सल्य रक्षा विधान जैसे आयोजन परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ धर्म आराधना का अवसर प्रदान करते हैं।जब बच्चे और युवा अपने परिवार के साथ धार्मिक आयोजनों में सम्मिलित होते हैं, तो उन्हें जैन धर्म की परंपराओं, गुरु भक्ति, अहिंसा, संयम, त्याग और वात्सल्य की भावना को समझने का अवसर मिलता है।इसी उद्देश्य के साथ आयोजक समिति ने सभी आयु वर्ग के लोगों से कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आग्रह किया है।
28 अगस्त को सुबह 7 बजे से होगा शुभारंभ
वात्सल्य रक्षा विधान इंदौर का शुभारंभ 28 अगस्त, शुक्रवार को प्रातः 7 बजे से होगा। आयोजन स्थल आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर स्थित दलाल बाग देशना मंडप रहेगा।रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आयोजित यह मांगलिक विधान धर्म, वात्सल्य, त्याग, गुरु भक्ति और सुरक्षा की भावना को समर्पित रहेगा। प्रत्येक परिवार द्वारा 700 मुनिराजों का अर्घ्य समर्पित किए जाने की विशेषता इसे और भी महत्वपूर्ण बनाएगी।सकल दिगम्बर जैन धर्म प्रभावना समिति ने समाज के सभी श्रावक-श्राविकाओं से परिवार सहित उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ लेने और धर्म प्रभावना में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
कार्यक्रम एक नजर में
आयोजन: वात्सल्य रक्षा विधान
दिनांक: 28 अगस्त, शुक्रवार
समय: प्रातः 7 बजे से
स्थान: आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर स्थित दलाल बाग देशना मंडप, इंदौर
आयोजक: सकल दिगम्बर जैन धर्म प्रभावना समिति
विशेष आकर्षण: प्रत्येक परिवार द्वारा 700 मुनिराजों का अर्घ्य समर्पण
पुण्यफल राशि: ₹21,000/-
निर्देशन: बालब्रह्मचारी प्रदीप भैया एवं बाल ब्रह्मचारी पारस भैया जी
धर्म समाज प्रचारक/रिपोर्टर: राजेश जैन दद्दू, इंदौर
