Damoh पहुंची ‘वडनगर से वाराणसी’ जन सेवा यात्रा, कॉलेज में युवा संवाद को लेकर उठे सवाल‘
दैनिक स्वराज वाणी
कोमल अहिरवार “मूकनायक”
(जिला ब्यूरो चीफ दमोह)
Damoh । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘वडनगर से वाराणसी’ जन सेवा यात्रा दमोह पहुंची। यात्रा के तहत सेवा, जनसंपर्क और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दमोह के पीजी कॉलेज परिसर में भी यात्रा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित हुए, जहां युवा संवाद सहित विभिन्न गतिविधियां हुईं।
आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलेगी। यात्रा में 20 टीमें शामिल हैं, जो वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक विभिन्न राज्यों के शहरों, जिलों, प्रखंडों, कस्बों और गांवों का दौरा कर रही हैं। इन टीमों द्वारा कुल करीब 35,500 किलोमीटर की दूरी तय किए जाने की जानकारी दी गई है।
सेवा और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम
आयोजकों के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य केवल मोटरसाइकिल यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा गतिविधियों और समाज से सीधे संवाद को बढ़ावा देना है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय जरूरतों के अनुसार स्वच्छता अभियान, ग्राम सभा संवाद, युवा संवाद, महिला संवाद और लाभार्थी संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा तालाबों, मंदिरों, स्कूलों, पार्कों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाने, गौ सेवा तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण जैसे कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। अंगदान संकल्प अभियान के माध्यम से लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करने और शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने जैसी गतिविधियां भी यात्रा का हिस्सा हैं।
आयोजकों का कहना है कि यात्रा के माध्यम से युवाओं और महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों से संवाद स्थापित कर सामाजिक सहभागिता और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

कॉलेज में कार्यक्रम को लेकर उठे सवाल
इसी बीच दमोह के शासकीय ज्ञानचंद श्रीवास्तव कॉलेज में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को लेकर कुछ सवाल भी उठाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आए आरोपों में कहा गया है कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों और कॉलेज कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें निर्धारित समय से पहले बुलाया गया।
आरोप लगाने वालों का कहना है कि कुछ छात्र-छात्राएं कई घंटे तक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। एनसीसी विद्यार्थियों को सुरक्षा व्यवस्था में तथा एनएसएस विद्यार्थियों को कार्यक्रम से जुड़े कार्यों में लगाए जाने की बात भी कही गई है। कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि विद्यार्थियों को कक्षाओं से निकालकर कार्यक्रम में भेजा गया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कॉलेज प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को किस आधार पर कार्यक्रम में शामिल किया गया और क्या इसके लिए कोई औपचारिक निर्देश जारी किए गए थे, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कक्षाएं प्रभावित होने का आरोप
कार्यक्रम को लेकर उठे सवालों में कॉलेज की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने का मुद्दा भी शामिल है। आरोप है कि कार्यक्रम की तैयारियों और आयोजन के चलते कुछ कक्षाओं में ताले लगाए गए तथा शिक्षकों और कर्मचारियों को कार्यक्रम से संबंधित जिम्मेदारियां दी गईं।
आलोचकों ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित किए बिना इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए क्या व्यवस्था की गई थी। साथ ही यह भी पूछा गया है कि कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए किस स्तर से अनुमति या निर्देश प्राप्त हुए थे।
प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल
कार्यक्रम को लेकर उठे सवालों के बीच दमोह प्रशासन की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। कुछ लोगों ने सवाल किया कि यदि विद्यार्थियों को कक्षाओं से हटाकर कार्यक्रम में शामिल किया गया, तो इसकी अनुमति किस स्तर से मिली थी। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में किसी कार्रवाई या अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
वहीं, कार्यक्रम में मंत्री धर्मेंद्र लोधी, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत कुमार मलैया, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे तथा कॉलेज की प्राचार्य और प्रोफेसरों की मौजूदगी की जानकारी दी गई है।
फिलहाल जन सेवा यात्रा के आयोजकों की ओर से इसे सेवा, सामाजिक जागरूकता और जनसंवाद का अभियान बताया गया है, जबकि कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को लेकर उठे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
