इंदौर में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर “वंदे मातरम् – स्वर्णिम भारत” विषय पर विशेष परिचर्चा आयोजित हुई। पोस्टमास्टर जनरल प्रीति अग्रवाल और ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी सहित समाज की प्रमुख महिलाओं ने मातृशक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों पर विचार साझा किए।
वंदे मातरम् स्वर्णिम भारत महिला दिवस परिचर्चा इंदौर में आयोजित
इंदौर, 10 मार्च। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महिला प्रभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं ‘वंदे मातरम’ गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में “वंदे मातरम्- स्वर्णिम भारत” थीम पर ज्ञानशिखर ओमशांति भवन में गोलमेज परिचर्चा का आयोजन किया गया।
मातृशक्ति की जिम्मेदारी पर प्रीति अग्रवाल का संदेश
पोस्टमास्टर जनरल प्रीति अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय बिखरे हुए देश को एकजुट बनाने में वंदे मातरम् गीत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मातृशक्ति यदि स्वयं आध्यात्म से जुड़े और बच्चों को भी आध्यात्मिक मूल्यों की ओर प्रेरित करे तो समाज में भटकाव कम हो सकता है।
ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने बताया स्वर्णिम भारत का अर्थ
कार्यक्रम के शुभारंभ में इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि स्वर्णिम भारत केवल आर्थिक समृद्धि नहीं बल्कि श्रेष्ठ चरित्र, पवित्रता और दिव्य गुणों का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि नारी यदि अपने आचरण और व्यवहार से परिवार के लिए आदर्श बने तो ही भारत पुनः विश्व गुरु बन सकता है।
विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं ने साझा किए विचार
परिचर्चा में प्रशासन, चिकित्सा, शिक्षा, समाजसेवा और मीडिया क्षेत्र की कई प्रमुख महिलाओं ने अपने विचार साझा किए।संपूर्ण डायग्नोस्टिक की डायरेक्टर डॉ. साधना सोडाणी ने कहा कि समाज को बेहतर बनाने के लिए मन से ईर्ष्या, द्वेष और घृणा जैसी बुराइयों को समाप्त करना आवश्यक है।वन संरक्षक किरण बिसेन ने राजयोग मेडिटेशन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि आध्यात्म से जुड़कर व्यक्ति के अंदर आत्मिक शक्तियों का विकास होता है।
आध्यात्म और संस्कार से बनेगा स्वर्णिम भारत
पूर्व महापौर डॉ. उमा शशि शर्मा ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रेरणा दी।स्टेट महिला प्रेस क्लब की अध्यक्षा शीतल राय ने कहा कि नारी परिवार की धुरी होती है और वह परिवार में अच्छे संस्कारों का निर्माण कर समाज को सकारात्मक दिशा दे सकती है।
सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुति से सजा कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद उपस्थित महिलाओं का तिलक, पुष्पमाला, पट्टा और ताज पहनाकर स्वागत किया गया।कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी अनिता दीदी ने किया तथा अंत में ब्रह्माकुमारी उषा दीदी ने आभार व्यक्त किया।



