US-Israel-Iran War: डोनाल्ड Trump का दावा ईरान में सत्ता परिवर्तन, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड Trump ने गुरुवार की सुबह भारतीय समयानुसार राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली अभियान की सफलता का दावा किया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान में अपनी सैन्य और रणनीतिक जीत हासिल कर ली है और ईरान की मिसाइल एवं ड्रोन क्षमता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कई उच्चस्तरीय नेता अब इस दुनिया में नहीं हैं और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अभी पूरी तरह से जारी है।
राष्ट्र को संबोधन में Trump ने कहा, “मैंने हमेशा कहा था कि मैं कभी भी ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दूंगा। आज आप देख सकते हैं कि अमेरिका, इजरायल और हमारे सहयोगी इस मिशन में सफल रहे हैं। हमारा लक्ष्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना और मिडिल ईस्ट तथा इजरायल को तबाही से बचाना था। हम इसमें सफल हुए हैं।”
अमेरिका के राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट औ
होर्मुज स्ट्रेट पर Trump की चेतावनी
सहयोगी देशों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अमेरिकी तेल की आवश्यकताओं के लिए अमेरिका पूरी तरह स्वतंत्र है और किसी बाहरी देश पर निर्भर नहीं रहेगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी अब उन देशों की है जिन्होंने इस संघर्ष में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने अपने सहयोगियों की आलोचना करते हुए कहा कि कई देशों ने इस लड़ाई में समर्थन नहीं दिया, और उन्हें अपनी जिम्मेदारी खुद निभानी होगी।
Trump ने कहा, “हम किसी समझौते के जरिए झुकने वाले नहीं हैं। यदि कोई सहयोगी देश क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा करना चाहता है, तो उसे अपनी तरफ से पूरी तैयारी करनी होगी। अमेरिका ने अपनी भूमिका पूरी कर दी है और अब यह उनकी जिम्मेदारी है।”
ईरान के परमाणु हथियारों पर ट्रंप का रुख
राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आतंकवादी संगठन या ईरान जैसे राष्ट्र परमाणु हथियार हासिल कर लेते, तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होता। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले अमेरिकी राष्ट्रपति इस खतरे को रोकने में सफल नहीं हुए। ट्रंप ने इस मुद्दे को 47 साल पुरानी समस्या बताते हुए कहा कि इसे बहुत पहले ही हल किया जाना चाहिए था।
Trump ने अपने सहयोगियों इजरायल और खाड़ी देशों को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी मदद ने अमेरिका को इस अभियान में सफलता दिलाई। उन्होंने कहा कि ईरान ने कई बार इन देशों पर हमले किए, लेकिन अमेरिका ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी भी बड़े नुकसान को होने नहीं दिया।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का वर्तमान परिदृश्य
डोनाल्ड Trump ने बताया कि अमेरिका का मिशन लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि ईरान में अमेरिकी ऑपरेशन के मुख्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया गया है, लेकिन अंतिम कार्यवाही अभी पूरी होनी बाकी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका यह ऑपरेशन केवल तभी समाप्त करेगा, जब यह सुनिश्चित हो जाए कि ईरान कई वर्षों तक परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अगले दो से तीन हफ्तों में पूरी होने की संभावना है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान में मौजूद शेष यूरेनियम का कोई तत्काल खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि यह यूरेनियम जमीन के अंदर है और इसे तुरंत हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अमेरिकी कार्रवाई और इजरायल की मदद से गंभीर क्षति पहुँच चुकी है।
मिडिल ईस्ट और इजरायल की सुरक्षा
Trump ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिकी नीति ने मिडिल ईस्ट और इजरायल को बड़े पैमाने पर तबाही से बचाया है। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में 2015 के परमाणु समझौते को समाप्त करने का उदाहरण दिया और कहा कि यदि वह समझौता जारी रहता, तो ईरान के पास बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों का भंडार होता। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी कार्रवाई ने न केवल ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर किया, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और मित्र देशों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
Trump ने कहा, “हमने किसी भी स्थिति में असफल होने की अनुमति नहीं दी। हमारे सहयोगियों ने अच्छा समर्थन दिया। लेकिन अमेरिका किसी समझौते के बिना भी ईरान को नियंत्रित कर सकता है। जब हमें लगेगा कि ईरान की शक्ति अब कई वर्षों तक परमाणु हथियार बनाने में सक्षम नहीं होगी, तब हम वहां से पूरी तरह लौट जाएंगे।”
सहयोगियों और वैश्विक समुदाय पर ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सहयोगी देशों और वैश्विक समुदाय को चेतावनी दी कि किसी भी तरह की सुरक्षा जिम्मेदारी साझा करने में नाकामी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी रणनीति और सैन्य शक्ति का इस्तेमाल केवल आवश्यक होने पर ही करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य देश जो इस संघर्ष में भाग नहीं ले रहे, उन्हें अब खुद अपनी तैयारी करनी होगी।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी केवल अमेरिकी और इजरायली अभियान तक ही सीमित नहीं है। यह रणनीति पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और आतंकवादी हमलों को रोकने के लिए लंबी अवधि तक जारी रहेगी।
निष्कर्ष
डोनाल्ड Trump का यह संबोधन न केवल ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान की सफलता का दावा था, बल्कि यह वैश्विक समुदाय और सहयोगी देशों को चेतावनी भी था। ट्रंप ने ईरान की मिसाइल और परमाणु क्षमताओं को नष्ट करने, होर्मुज स्ट्रेट की जिम्मेदारी साझेदार देशों पर छोड़ने और सहयोगियों की भूमिका पर आलोचना करने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अभी जारी है और अमेरिका इसे अगले दो से तीन हफ्तों में पूरी तरह सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस संबोधन के बाद वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञ ईरान में हालात और क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान दे रहे हैं। ट्रंप ने यह संदेश भी दिया कि अमेरिका किसी भी तरह की परमाणु धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपने मित्र देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
