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US-Israel vs Iran Tension: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइन्स बिछाना शुरू किया, अमेरिका के हाथ में सैन्य विकल्प

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Published On: 11 March 2026
US Israel Iran Tension
— US-इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइन्स बिछाना शुरू किया, अमेरिका ने माइन-बिछाने वाले जहाजों को निशाना बनाया;

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US-Israel vs Iran Tension: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइन्स बिछाना शुरू किया, अमेरिका के हाथ में सैन्य विकल्प

US-इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ रहा है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछाना शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र का महत्व इसलिए और भी अधिक है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के ऊर्जा गलियारों में से एक प्रमुख मार्ग है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल की लगभग 20% आपूर्ति गुजरती है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खतरा बढ़ा

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की तरफ से माइन्स बिछाने की गतिविधियां फिलहाल सीमित हैं, लेकिन उनके पास स्थिति बिगड़ने पर जल्दी से सैकड़ों माइन्स तैनात करने की क्षमता मौजूद है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। यह मार्ग, जो सामान्य परिस्थितियों में व्यस्त समुद्री यातायात का हिस्सा है, अब “डेथ वैली” या ‘मौत की घाटी’ में बदल गया है। अधिकारियों ने नेविगेशन के जोखिमों और संभावित दुर्घटनाओं के कारण वैश्विक जलमार्ग की वर्तमान स्थिति को बेहद गंभीर बताया है।

ईरान के पास अभी भी लगभग 80-90% छोटी नावें और माइन्स बिछाने वाले जहाज सुरक्षित हैं। इसका मतलब है कि यदि स्थिति और बिगड़े, तो ईरान आसानी से इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद कर सकता है या गुजरने वाले जहाजों को गंभीर खतरे में डाल सकता है।

अमेरिका का जवाब

अमेरिका ने भी इस संकट के बीच कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 10 जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिन्हें समुद्र में माइन्स बिछाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। ये जहाज उस समय सक्रिय नहीं थे।

ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह भी संकेत दिया कि आगे और कार्रवाई की संभावना है। उनका कहना था कि अमेरिका अतिरिक्त माइन-बिछाने वाले जहाजों को निशाना बनाने के लिए तैयार है। इस बयान से स्पष्ट होता है कि अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य तत्परता बढ़ा दी है और किसी भी बढ़ते खतरे का सामना करने के लिए विकल्प खुले रखे हैं।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल गुजरता है, और अगर यह मार्ग बंद या प्रभावित होता है, तो वैश्विक तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान द्वारा माइन्स बिछाने और अमेरिका-इजरायल के हमलों के कारण यह जलमार्ग लगभग बंद होने के कगार पर है।

अमेरिकी विश्लेषकों का कहना है कि अगर संघर्ष बढ़ता है, तो तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है और इससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ जाएगी। इसके अलावा, प्रमुख देशों को अपने नौसैनिक बलों और समुद्री सुरक्षा उपायों को सक्रिय करना पड़ेगा ताकि तेल टैंकर सुरक्षित रूप से गुजर सकें।

Iran की रणनीति

Iran ने अब तक सीमित माइन्स बिछाई हैं, लेकिन उसके पास रणनीतिक रूप से कई विकल्प हैं। छोटे जहाजों और माइन्स बिछाने की क्षमता के कारण वह जलमार्ग को किसी भी समय अवरुद्ध कर सकता है। IRGC ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी विदेशी जहाज के पास आने पर कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की यह रणनीति सिर्फ क्षेत्रीय दबाव बनाने के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने और अमेरिका-इजरायल को संदेश देने के उद्देश्य से है।

अमेरिका-इजरायल के हमले

इस बीच अमेरिका और इजरायल के हमले लगातार जारी हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ अन्य रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इस कार्रवाई का मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और किसी भी बड़े सैन्य खतरे को रोकना बताया जा रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका ने रणनीतिक रूप से अपनी नौसैनिक ताकत को बढ़ा दिया है ताकि ईरान के किसी भी बड़े कदम का मुकाबला किया जा सके। ट्रंप के बयान से यह साफ हो गया है कि अमेरिका के पास विकल्प मौजूद हैं और वह जरूरत पड़ने पर अपने सैन्य बलों का उपयोग करने से नहीं हिचकिचाएगा।

अंतरराष्ट्रीय चिंता

इस संकट ने दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज केवल मध्यपूर्व की नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम है। तेल और गैस की निरंतर आपूर्ति पर असर पड़ने से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार अस्थिर हो सकता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि अगर संघर्ष लंबा चलता है, तो अन्य देशों को भी सुरक्षा उपाय करने पड़ेंगे। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक नौसेना बल सक्रिय हो सकते हैं।

निष्कर्ष

US-इजरायल और Iran के बीच तनाव ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दुनिया के लिए संवेदनशील बना दिया है। ईरान ने माइन्स बिछाकर खतरा बढ़ाया है, वहीं अमेरिका ने माइन-बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर जवाब दिया। यह संघर्ष वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस संकट का हल केवल कूटनीति और संयम से ही संभव है, क्योंकि किसी भी गलती से वैश्विक बाजार और नौसैनिक सुरक्षा पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका-इजरायल के सैन्य विकल्प खुले हैं और ईरान भी किसी भी समय तनाव बढ़ा सकता है।

 

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