UPSC 2025: मध्य प्रदेश के युवा टॉप-10 में चमके, ईशान भटनागर को 5वीं और पक्षाल जैन को 8वीं रैंक मिली
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 के अंतिम परिणाम ने मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए गर्व और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है। प्रदेश के दो अभ्यर्थियों ने ऑल इंडिया टॉप-10 में स्थान बनाकर अपनी और राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। भोपाल के ईशान भटनागर ने पांचवां स्थान हासिल किया, जबकि धार जिले के पक्षाल जैन ने आठवीं रैंक पाई। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य युवा अभ्यर्थियों ने भी यूपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर चयन सुनिश्चित किया है।
ईशान भटनागर: परिवार और शिक्षा से प्रेरित
भोपाल के शिवाजी नगर स्थित कीलनदेव टावर निवासी ईशान भटनागर का प्रदर्शन प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। ईशान ने पहले भी UPSC में चयनित होकर इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) के लिए चुने गए थे और वर्तमान में नागपुर में ट्रेनिंग कर रहे हैं। उनके परिवार में कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी हैं। मां प्रोफेसर विनीता धौंढ़ियाल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं और पिता अमिताभ भटनागर अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के सेवानिवृत्त प्रधान सलाहकार हैं। इसके अलावा उनकी बुआ कल्पना श्रीवास्तव भी आईएएस अधिकारी हैं और फूफा सेवानिवृत्त डीजी शैलेंद्र श्रीवास्तव हैं।
ईशान ने स्कूलिंग भोपाल के दिल्ली पब्लिक स्कूल से पूरी की और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त की। परिवार और शिक्षा की यह पृष्ठभूमि ही उन्हें आईएएस बनने की प्रेरणा देती रही।
पक्षाल जैन: सेल्फ स्टडी और स्मार्टफोन से दूरी
धार जिले के छोटे कस्बे बाग के पक्षाल जैन ने भी अपनी मेहनत और लगन से राज्य का नाम रोशन किया। आईआईटी कानपुर से इकोनॉमिक्स में बीटेक की पढ़ाई करने वाले पक्षाल के पास कॉरपोरेट क्षेत्र में आकर्षक नौकरी का अवसर था, लेकिन उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना। पहले प्रयास में उन्होंने इंटरव्यू तक का सफर तय किया, दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स में पीछे रहे, लेकिन तीसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन कर ऑल इंडिया रैंक आठ हासिल की।
पक्षाल ने दिसंबर 2023 से दिल्ली में सेल्फ स्टडी और टेस्ट सीरीज के माध्यम से तैयारी की। तैयारी के दौरान उन्होंने किसी कोचिंग या ऑनलाइन सामग्री का सहारा नहीं लिया। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया और स्मार्टफोन से दूरी बनाई और दो वर्षों तक केवल कीपैड मोबाइल का इस्तेमाल किया।
कठिन दिनचर्या और समर्पण
पक्षाल जैन ने कठिन दिनचर्या अपनाई। कई बार उन्हें केवल तीन-चार घंटे ही नींद लेने का समय मिला। दिनभर वे लाइब्रेरी में अध्ययन करते रहे। उनके पिता निलेश जैन कपड़ा व्यवसायी हैं और मां दीप्ति जैन गृहिणी हैं। छोटी बहन क्रिया जैन ने बताया कि उनके भाई ने तैयारी के दौरान अनुशासन और समय का कठोर पालन किया। प्रारंभिक शिक्षा बाग में हुई, आगे की पढ़ाई इंदौर से की और बाद में आईआईटी कानपुर से इकोनॉमिक्स में बीटेक पूरा किया।
अन्य मध्य प्रदेश के चयनित अभ्यर्थी
UPSC 2025 में प्रदेश के अन्य युवाओं ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। विदिशा जिले की नटेरन तहसील के ग्राम जोहद की प्राची चौहान ने 260वीं रैंक हासिल की। गुना से देवांशी मीणा ने 236वीं रैंक पाई, जो पहले 2024 में 764वीं रैंक के साथ IRS के लिए चुनी गई थीं और वर्तमान में मसूरी में ट्रेनिंग कर रही हैं। गुना जिले से नीरज निश्चल ने 241वीं रैंक प्राप्त की। नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी के आयुष स्वामी को 461वीं रैंक मिली। अशोकनगर जिले के चंदेरी निवासी विवेक यादव ने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल की।
मध्य प्रदेश के युवाओं की उपलब्धि
ईशान भटनागर और पक्षाल जैन की टॉप-10 रैंक ने प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत प्रस्तुत किया है। यह साबित करता है कि कड़ी मेहनत, सही योजना और परिवार की प्रेरणा के साथ कोई भी चुनौती पार की जा सकती है। ईशान और पक्षाल ने न केवल खुद का नाम बल्कि मध्य प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है।
निष्कर्ष
UPSC 2025 के परिणामों ने मध्य प्रदेश के युवाओं की क्षमता और मेहनत को स्पष्ट रूप से दिखाया। टॉप-10 में दो अभ्यर्थियों की जगह बनाने से राज्य में सिविल सेवा में रुचि रखने वाले अन्य युवाओं में भी उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा है। परिवार और शिक्षा की पृष्ठभूमि, कठिन दिनचर्या और सेल्फ स्टडी के माध्यम से ये युवा न केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त कर रहे हैं बल्कि राज्य और देश के लिए भी प्रेरणा बने हैं।
इस वर्ष यूपीएससी में मध्य प्रदेश के युवाओं ने जिस प्रकार सफलता हासिल की है, वह आने वाले वर्षों में प्रदेश के अन्य अभ्यर्थियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी और उन्हें भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।
