समंग्र जैन समाज की एकता से HND महावीर जैन मंदिर की सुरक्षा: ऐतिहासिक जीत
इंदौर: समंग्र जैन समाज ने एक बार फिर अपनी सशक्त एकता और धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा का उदाहरण प्रस्तुत किया। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि HND परिसर स्थित श्री 1008 महावीर जैन मंदिर को बचाने और HND डील को रद्द कराने के लिए चलाया गया आंदोलन समंग्र जैन समाज की एकता की जीत साबित हुआ।
यह ऐतिहासिक जीत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी के पावन सान्निध्य में और वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर की कृपा से संभव हुई। इस अभियान में एडवोकेट योगेश पांडे जी ने अग्रणी भूमिका निभाई और पूरे आंदोलन को अहिंसक और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाया।
HND महावीर जैन मंदिर बचाने की पृष्ठभूमि
HND परिसर में स्थित महावीर जैन मंदिर का महत्व न केवल इंदौर, बल्कि पूरे भारत के जैन समुदाय के लिए अत्यधिक है। मंदिर की पावनता और धार्मिक गरिमा को देखते हुए समाज जन, जैन मुनि, आचार्य एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने मिलकर इसे सुरक्षित करने का बीड़ा उठाया।
राजेश जैन दद्दू ने कहा, “जो कार्य पहले असंभव प्रतीत हो रहा था, वह समाज की एकजुटता और अडिग विश्वास से संभव हो गया। यह केवल HND महावीर जैन मंदिर की सुरक्षा नहीं, बल्कि भारत के अनेक जैन मंदिरों की रक्षा का प्रतीक है।”
अहिंसक आंदोलन और समाज की भूमिका
इस आंदोलन में समग्र जैन समाज के अनुयायियों, पुणे जैन समाज, भारतवर्ष के विभिन्न नगरों के जैन समाज वकीलों और वरिष्ठ समाजसेवियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विशेष रूप से एडवोकेट योगेशभाई ने अपने नेतृत्व और दलिलो के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समाज के वरिष्ठ सदस्य और संगठन जैसे कि:
- विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन
- राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू
- अध्यक्ष मयंक जैन
- महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल
- फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी
- वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, हंसमुख गांधी टीके वेद जैन
- राजनीतिक चेतना मंच के अध्यक्ष सुभाष काला
- समाजजन नकूल पाटोदी, नरेंद्र वेद, प्रदीप बड़जात्या, भूपेंद्र जैन
- फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल, रेखा जैन, श्रीफल और श्रीमती मुक्ता जैन
इन सभी ने मिलकर इस ऐतिहासिक विजय को जैन समाज की एकता, श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक बताया।
पुणे जैन समाज की भूमिका
विशेष रूप से पुणे जैन समाज के 28 मंदिरों की समर्पण और सहयोग ने इस जीत को और भी मजबूत बनाया। उनके प्रयासों से न केवल HND महावीर जैन मंदिर सुरक्षित हुआ, बल्कि संपूर्ण भारत में जैन मंदिरों की सुरक्षा की दिशा में एक मिसाल स्थापित हुई।
राजेश जैन दद्दू ने इस अवसर पर कहा, “समाज के प्रत्येक सदस्य की भागीदारी, उनकी भक्ति और विश्वास ने यह साबित कर दिया कि जैन समाज एकजुट होकर किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है।”
धार्मिक और सामाजिक महत्व
HND महावीर जैन मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने वाला, धर्म और संस्कृति का प्रतीक भी है। इस मंदिर की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों ने यह स्पष्ट किया कि जब समाज एकजुट होता है, तो कोई भी बाधा असंभव नहीं होती।
आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी के आशीर्वाद और भगवान महावीर की कृपा से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि HND डील रद्द की जाए और मंदिर सुरक्षित रहे।
निष्कर्ष
इस ऐतिहासिक विजय ने साबित कर दिया कि समग्र जैन समाज की एकता और अटूट श्रद्धा के सामने कोई भी चुनौती टिक नहीं सकती। राजेश जैन दद्दू ने कहा कि यह सफलता केवल HND महावीर जैन मंदिर की रक्षा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के जैन समाज के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन भी है।
समग्र जैन समाज की यह जीत धार्मिक आस्था, समाज सेवा और कानूनी अधिकारों के सम्मिलित प्रयास का परिणाम है। समाज के प्रत्येक सदस्य ने यह दिखाया कि संगठन, एकता और श्रद्धा के साथ कार्य करने से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है।
