“भारत की कम्युनिटी पुलिसिंग ब्रिटेन से कहीं बेहतर” — यूके के प्रो. रुआन पेरेरा ने की बड़वानी पुलिस की 3D/3S पहल की सराहना
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ ने बड़वानी पुलिस के नवाचारों का किया अध्ययन, ग्रामीणों और जनजातीय समुदाय से किया सीधा संवाद
रिपोर्ट: नरेंद्र सिरवी
बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के नेतृत्व में संचालित सामुदायिक पुलिसिंग (Community Policing) मॉडल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन रहा है। इसी कड़ी में ब्रिटेन (यूके) से आए ‘प्रोफेसर ऑफ सॉल्यूशन ओरिएंटेड पुलिसिंग’ प्रो. रुआन पेरेरा ने बड़वानी जिले का विस्तृत दौरा कर पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न नवाचारों का अध्ययन किया। विशेष रूप से उन्होंने ‘3D मिशन’ और ‘3S मिशन’ के तहत किए जा रहे सामाजिक सुधार एवं जन-जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि “भारत की कम्युनिटी पुलिसिंग ब्रिटेन से कहीं बेहतर और अधिक आत्मीय है।”
प्रो. पेरेरा ने अपने दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों, जनजातीय बस्तियों, छात्रावासों तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों का अवलोकन किया। उन्होंने पुलिस और आम जनता के बीच स्थापित विश्वास, सहभागिता और सामाजिक सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को विश्व स्तर पर अनुकरणीय बताया।
बड़वानी पुलिस का मॉडल बना अध्ययन का विषय
बड़वानी पुलिस पिछले कुछ वर्षों से केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार नवाचार कर रही है।
इन्हीं प्रयासों के अध्ययन के लिए यूके से आए प्रो. रुआन पेरेरा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और जाना कि किस प्रकार पुलिस स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर सामाजिक बदलाव का अभियान चला रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस और जनता के बीच विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होती है और बड़वानी पुलिस इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रही है।
3D मिशन से सामाजिक बदलाव की नई मिसाल
दौरे के दौरान प्रो. पेरेरा ने उन परिवारों से मुलाकात की जिन्होंने बड़वानी पुलिस के ‘3D मिशन’ से प्रेरित होकर अपने बच्चों के विवाह बिना दहेज, बिना दारू और बिना डीजे के संपन्न कराए।
इन परिवारों ने समाज में फैली कई सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रो. पेरेरा ने इन परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक परिवर्तन केवल कानून से संभव नहीं होता, बल्कि समाज की भागीदारी और जागरूकता से ही स्थायी बदलाव आता है।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समाज को प्रेरित करने का कार्य करे और लोग स्वयं बदलाव का संकल्प लें, तो सामाजिक सुधार की गति कई गुना बढ़ जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर समझा पुलिस और जनता का रिश्ता
प्रो. रुआन पेरेरा ने केवल पुलिस अधिकारियों से चर्चा ही नहीं की, बल्कि ग्रामीण अंचलों में जाकर आम नागरिकों से भी संवाद किया।
उन्होंने चौपालों में ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और जाना कि बड़वानी पुलिस किस प्रकार गांवों में नियमित संवाद स्थापित कर लोगों का विश्वास जीत रही है।
ग्रामीणों ने भी पुलिस की विभिन्न योजनाओं और अभियानों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।
जनजातीय छात्रावास में विद्यार्थियों से की मुलाकात
अपने दौरे के दौरान प्रो. पेरेरा ने थाना पाटी क्षेत्र के ग्राम पीपरकुंड स्थित जनजातीय छात्रावास का भी भ्रमण किया।
उन्होंने छात्रावास में अध्ययनरत विद्यार्थियों से बातचीत की, उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और कैरियर संबंधी जानकारी प्राप्त की।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल दिया और कहा कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बच्चों को जीवन में अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी।
नशामुक्त समाज और साइबर जागरूकता पर विशेष ध्यान
बड़वानी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में नशामुक्ति, साइबर अपराधों से बचाव, यातायात नियमों के पालन और सामाजिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रो. पेरेरा ने इन अभियानों का अध्ययन करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया साइबर अपराध, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और सड़क दुर्घटनाओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय रहते लोगों को जागरूक करे और समाज को अभियान से जोड़े, तो इन समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
“भारत की कम्युनिटी पुलिसिंग ब्रिटेन से कहीं बेहतर”
बड़वानी पुलिस के कार्यों से प्रभावित होकर प्रो. रुआन पेरेरा ने कहा कि उनका यह दौरा अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
उन्होंने कहा कि—
“बड़वानी, मध्य प्रदेश भारत के सबसे सुंदर और मनमोहक क्षेत्रों में से एक है। ब्रिटेन में कम्युनिटी पुलिसिंग से जुड़े होने के कारण मेरे लिए यहां की कार्यप्रणाली को देखना बेहद प्रेरणादायक रहा। भारत में पुलिस जिस संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ स्थानीय समुदाय के साथ जुड़ रही है, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। यूके की तुलना में यहां की कम्युनिटी पुलिसिंग अधिक प्रभावी, मानवीय और जन-केंद्रित दिखाई देती है।”
उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को सही दिशा देना, नशामुक्त समाज का निर्माण, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर बड़वानी पुलिस का कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अनुकरणीय है।
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने बताया उद्देश्य
पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने कहा कि बड़वानी पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा विभिन्न सामाजिक अभियानों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि अपराध होने से पहले ही उसकी रोकथाम की जा सके।
उन्होंने कहा कि समाज और पुलिस के बीच विश्वास जितना मजबूत होगा, कानून-व्यवस्था भी उतनी ही प्रभावी होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान


प्रो. रुआन पेरेरा के इस दौरे को बड़वानी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के पुलिस विशेषज्ञ द्वारा बड़वानी पुलिस के मॉडल की सराहना यह दर्शाती है कि जिले में किए जा रहे नवाचार केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उनकी उपयोगिता को स्वीकार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे मॉडल अन्य जिलों और राज्यों में भी अपनाए जाएं तो पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत किया जा सकता है।
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एसडीओपी सेंधवा अजय वाघमारे, डीएसपी चेतन बघेल, रक्षित निरीक्षक उषा सिसोदिया, थाना प्रभारी पाटी रामदास यादव, साइबर एक्सपर्ट रितेश खत्री, चौकी प्रभारी बोकराटा आशीष शर्मा, मीडिया प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
समुदाय आधारित पुलिसिंग की नई मिसाल
बड़वानी पुलिस का 3D/3S मिशन यह साबित कर रहा है कि आधुनिक पुलिसिंग केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक, संगठित और सुरक्षित बनाने का भी सशक्त माध्यम है। प्रो. रुआन पेरेरा की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने इस मॉडल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। आने वाले समय में यह पहल अन्य राज्यों और देशों के लिए भी अध्ययन का विषय बन सकती है।
