Ujjwala Yojna में बड़ा बदलाव: अब साल में सिर्फ 4 सिलेंडर, सरकार ने घटाई सीमा
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री Ujjwala Yojna (PMUY) के तहत बड़ा बदलाव करते हुए लाभार्थियों को मिलने वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या कम कर दी है। अब योजना के तहत सालभर में 9 की बजाय केवल 4 सिलेंडर ही सब्सिडी के दायरे में आएंगे। इस फैसले के बाद करोड़ों लाभार्थियों पर असर पड़ने की संभावना है।
क्या है नया नियम?
सरकारी संशोधन के अनुसार अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में अधिकतम 4 एलपीजी रिफिल पर ही 300 रुपये की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सब्सिडी मिलेगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
पहले यह सीमा 9 सिलेंडर तक थी, जिसे अब घटा दिया गया है। इससे पहले योजना की शुरुआत में यह संख्या 12 सिलेंडर प्रति वर्ष थी, जिसे धीरे-धीरे कम किया गया है।
कीमत पर क्या असर पड़ेगा?
नए नियमों के तहत हर सब्सिडी वाले सिलेंडर की प्रभावी कीमत लगभग 300 रुपये कम रहेगी। उदाहरण के तौर पर यदि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सामान्य कीमत 942 रुपये है, तो उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को यह सिलेंडर लगभग 642 रुपये में मिलेगा।
हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी वृद्धि हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
सरकार ने क्यों किया बदलाव?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय उपभोक्ता डेटा और खपत पैटर्न के आधार पर लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, उज्ज्वला योजना के अधिकांश लाभार्थी परिवार सालभर में औसतन 4 सिलेंडर ही उपयोग करते हैं।
सरकार का तर्क है कि योजना को अधिक व्यावहारिक और टिकाऊ बनाने के लिए यह बदलाव जरूरी था, ताकि संसाधनों का बेहतर वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस सप्लाई पर दबाव और वैश्विक अस्थिरता को भी एक कारण बताया गया है।
Ujjwala Yojna क्या है?
प्रधानमंत्री Ujjwala Yojna की शुरुआत मई 2016 में केंद्र सरकार द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य गरीब और वंचित परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था, ताकि वे लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों से होने वाले धुएं और स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकें।
शुरुआत में इस योजना के तहत लाभार्थियों को साल में 12 सिलेंडर तक सब्सिडी दी जाती थी, जिसे बाद में घटाकर 9 और अब 4 कर दिया गया है।
सब्सिडी व्यवस्था कैसे काम करती है?
इस योजना के तहत लाभार्थी जब भी एलपीजी सिलेंडर खरीदते हैं, तो सरकार निर्धारित राशि (वर्तमान में 300 रुपये प्रति सिलेंडर) सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करती है। यह सुविधा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के तहत दी जाती है।
सरकार ने 2022 में 200 रुपये की सब्सिडी शुरू की थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया।
घरेलू गैस की कीमतों में बदलाव
हाल के महीनों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। 7 मार्च 2026 को कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी, और फिर 7 जून 2026 को 29 रुपये का और इजाफा हुआ।
इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर 942 रुपये तक पहुंच गया है।
उपभोक्ताओं पर असर
इस नए बदलाव के बाद उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अब सीमित राहत मिलेगी। जहां पहले 9 सिलेंडरों तक सब्सिडी का लाभ मिलता था, अब केवल 4 सिलेंडरों तक ही यह सुविधा उपलब्ध होगी।
इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है, खासकर उन परिवारों में जहां गैस का उपयोग अधिक होता है।
निष्कर्ष
Ujjwala Yojna में किया गया यह बदलाव सरकार की लागत नियंत्रण और संसाधन प्रबंधन नीति का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि इससे लाखों लाभार्थियों को मिलने वाली सब्सिडी का दायरा सीमित हो गया है। अब देखना होगा कि इसका प्रभाव आम परिवारों की रसोई और मासिक खर्च पर कितना पड़ता है।
