—Advertisement—

Ujjain: महाकाल के मस्तक पर सजा भांग का विशेष श्रृंगार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किए दर्शन

Author Picture
Published On: 12 March 2026
UJJAIN
— एकादशी के पावन अवसर पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का वैष्णव तिलक से विशेष शृंगार किया गया

—Advertisement—

Ujjain: महाकाल के मस्तक पर सजा भांग का विशेष श्रृंगार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किए दर्शन

Ujjain Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में गुरुवार सुबह चैत्र कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर भव्य भस्म आरती का आयोजन हुआ। इस अवसर पर तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। भक्त देर रात से ही कतारों में लगकर अपने आराध्य देव के दिव्य दर्शन करने पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल” के जयघोष गूंजते रहे और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

सुबह लगभग 4 बजे मंदिर के पट खोले गए और भगवान महाकाल को जगाया गया। इसके बाद परंपरागत विधि-विधान के अनुसार बाबा महाकाल का अभिषेक और श्रृंगार किया गया। इस दिन भगवान महाकाल का विशेष रूप से भांग से श्रृंगार किया गया, जिसने उनके स्वरूप को और भी अलौकिक बना दिया। भस्म अर्पित कर भव्य भस्म आरती संपन्न की गई, जिसका दर्शन करने के लिए देशभर से आए श्रद्धालु मंदिर में मौजूद रहे।

विधि-विधान से हुई भस्म आरती

Ujjain मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि चैत्र कृष्ण पक्ष की नवमी के अवसर पर प्रातः 4 बजे भस्म आरती की शुरुआत की गई। परंपरा के अनुसार सबसे पहले वीरभद्र जी से अनुमति ली गई और मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई।

पूजन के दौरान भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसमें दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और विभिन्न फलों के रस से अभिषेक किया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के साथ भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया।

पूजा के दौरान प्रथम घंटा बजाकर “हरि-ओम” का जल अर्पित किया गया। इसके बाद पुजारियों और पुरोहितों ने भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया। श्रृंगार के बाद कपूर आरती की गई और भगवान को नवीन मुकुट धारण कराया गया।

भांग से किया गया विशेष श्रृंगार

इस दिन के श्रृंगार की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि भगवान महाकाल का भांग से विशेष श्रृंगार किया गया। शिव भक्तों के लिए यह दृश्य अत्यंत पवित्र और दिव्य माना जाता है। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर पवित्र भस्म अर्पित की गई।

भस्म अर्पण के दौरान मंदिर में झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद की गूंज सुनाई देती रही। भक्त इस पवित्र आरती के दौरान भगवान महाकाल के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर भाव-विभोर हो गए। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद भगवान शिव निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, इसलिए भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

भक्तों ने इस दिव्य क्षण का लाभ उठाते हुए भगवान महाकाल के दर्शन किए और पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल” के जयघोष गूंजते रहे।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किए बाबा महाकाल के दर्शन

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya भी उज्जैन पहुंचे और भगवान महाकाल की आरती में शामिल हुए। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए।

दर्शन के बाद उपमुख्यमंत्री नंदी हॉल में बैठकर आरती में शामिल हुए और पूरे श्रद्धा भाव से भगवान का ध्यान लगाया। आरती के दौरान वे कभी तालियां बजाते हुए और कभी ध्यान मुद्रा में बैठे दिखाई दिए। आरती समाप्त होने के बाद उन्होंने भगवान महाकाल का आशीर्वाद भी लिया।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, उपमुख्यमंत्री के आगमन पर मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उनका स्वागत और सम्मान किया गया। मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि केशव प्रसाद मौर्य अपनी धर्मपत्नी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे थे और नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने पूरी आरती देखी।

इसके अलावा मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से सहायक प्रशासक हिमांशु कारपेंटर ने भी उनका स्वागत किया और उन्हें मंदिर की परंपराओं के बारे में जानकारी दी।

Ujjain महाकाल मंदिर की आरतियों का समय

महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन विभिन्न समय पर भगवान महाकाल की आरतियां आयोजित की जाती हैं। भक्त इन आरतियों में शामिल होकर भगवान के दर्शन कर सकते हैं।

  • भस्म आरती: सुबह 4:00 से 6:00 बजे तक
  • दद्योदक आरती: प्रातः 7:00 से 7:45 बजे तक
  • भोग आरती: प्रातः 10:00 से 10:45 बजे तक
  • संध्या पूजन: शाम 5:00 से 5:45 बजे तक
  • संध्या आरती: शाम 7:00 से 7:45 बजे तक
  • शयन आरती: रात 10:30 से 11:00 बजे तक

मंदिर प्रशासन के अनुसार, आरतियों के समय में यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा, जिसे शरद पूर्णिमा भी कहा जाता है, तक जारी रहेगा।

भक्तिमय माहौल से गूंजा मंदिर परिसर

Ujjain भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर का वातावरण अत्यंत आध्यात्मिक और भक्तिमय बना रहा। देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया।

भक्तों का कहना है कि महाकाल की भस्म आरती का दर्शन जीवन में एक बार अवश्य करना चाहिए। यह अनुभव उन्हें आध्यात्मिक शांति और आस्था से भर देता है।

गुरुवार की सुबह Ujjain में महाकाल मंदिर का यह अद्भुत दृश्य श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp