UAE राष्ट्रपति का भारत दौरा: PM मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’ और अहम समझौतों पर बनी सहमति
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत के साढ़े तीन घंटे के दौरे पर आए। इस दौरे में दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंधों और कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एयरपोर्ट पर उनका व्यक्तिगत स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के बीच खास गर्मजोशी और सहयोग की तस्वीर सामने आई।
PM मोदी ने कहा – “मैं अपने भाई का स्वागत करने गया”
PM मोदी ने इस मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने संदेश में UAE राष्ट्रपति को “भाई” कहा। उन्होंने लिखा कि उनका एयरपोर्ट पर स्वागत इस बात का प्रतीक है कि भारत और UAE की मित्रता कितनी मजबूत है। इस स्वागत ने यह स्पष्ट कर दिया कि दोनों देशों के रिश्ते केवल औपचारिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत और रणनीतिक रूप से भी गहरे हैं।
PM मोदी ने आगे कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूती देगा। उन्होंने यह भी बताया कि उनके और UAE राष्ट्रपति के बीच विश्वास और सम्मान का स्तर इतना उच्च है कि यह दोनों देशों के साझा हितों और भविष्य की साझेदारी को नई दिशा देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत और UAE के बीच स्थायी और रणनीतिक मित्रता का प्रतीक है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया कि इस स्वागत से दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों और दोस्ती की भावना को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्रों में कई और पहल की योजना है, जो भारत-UAE रिश्तों को और व्यापक बनाएगी।

साढ़े तीन घंटे का दौरा और प्रतिनिधिमंडलीय बैठकें
UAE राष्ट्रपति का भारत दौरा करीब साढ़े तीन घंटे का रहा। इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा साझेदारी, अंतरिक्ष बुनियादी ढांचा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौता किया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इसे “छोटा लेकिन ठोस शिखर सम्मेलन” बताया। दौरे में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत भी हुई, जिसमें दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई।
PM मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’
इस दौरे के दौरान पीएम मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’ फिर से सुर्खियों में आ गई। प्रधानमंत्री ने UAE राष्ट्रपति के साथ कार में बैठकर वार्ता की तस्वीर साझा की। यह अनौपचारिक लेकिन प्रभावशाली रणनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोस्ताना और व्यक्तिगत संबंध बनाने के लिए उनकी अलग पहचान बन चुकी है।
पहले भी पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर, जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ कार डिप्लोमेसी कर चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कार डिप्लोमेसी केवल फोटोज़ तक सीमित नहीं रहती; यह विश्वस्तरीय कूटनीतिक संदेश भी देती है कि भारत वैश्विक नेताओं के साथ दोस्ताना और व्यक्तिगत स्तर पर जुड़ सकता है।
भारत और UAE के बीच हुई अहम सहमतियां
इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने कई क्षेत्रीय और रणनीतिक मुद्दों पर समझौते किए:
- अंतरिक्ष सहयोग – भारत और UAE अब संयुक्त पहल करेंगे, जिसमें अंतरिक्ष अनुसंधान और बुनियादी ढांचा शामिल है।
- परमाणु ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और तकनीकी सहयोग – दोनों देशों ने सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति दी।
- संस्कृति और विरासत – अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ स्थापित किया जाएगा, जहां दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत और इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।
विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौरा भारत-UAE रिश्तों को एक नई रणनीतिक दिशा देगा और दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगा।
निष्कर्ष
संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली दौरे ने स्पष्ट किया कि भारत और UAE के बीच संबंध केवल औपचारिक बैठकें नहीं बल्कि विश्वास, रणनीतिक साझेदारी और व्यक्तिगत मित्रता पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’ इस कूटनीतिक दृष्टिकोण का प्रतीक बन गई है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को और मजबूती देती है।
इस दौरे ने यह संदेश भी दिया कि भारत और UAE भविष्य के वैश्विक सहयोग और साझा रणनीतिक हितों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
