Twisha Sharma सुसाइड केस: सीबीआई जांच की सिफारिश, राज्य सरकार ने भेजा पत्र, मामला हुआ और गंभीर
Twisha Sharma सुसाइड केस अब एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश की है। गृह विभाग ने इस संबंध में औपचारिक पत्र सीबीआई को भेज दिया है, जिसमें मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इस फैसले के बाद केस की जांच अब राज्य पुलिस से निकलकर केंद्रीय एजेंसी के हाथों में जाने की संभावना बढ़ गई है।
सरकार की ओर से यह कदम तब उठाया गया जब मामले में लगातार नए आरोप और गंभीर सवाल उठने लगे। परिजनों द्वारा न्याय की मांग और मामले की निष्पक्ष जांच की अपील के बीच राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश को उचित माना।
12 मई को मिला था ट्विशा शर्मा का शव
Twisha Sharma का शव 12 मई को भोपाल के कोटरा क्षेत्र स्थित उनके घर में मिला था। घटना के बाद से ही यह मामला चर्चा में है। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भी यही निष्कर्ष सामने आया था।
घटना के बाद ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास, जो भोपाल की पूर्व जिला जज गिरीबाला सिंह बताई जा रही हैं, ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
Twisha Sharma के मायके पक्ष ने इस मामले को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
परिजनों ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि केस को प्रभावित करने और दबाने की कोशिश की गई है।
कॉल डिटेल्स और नए आरोपों ने बढ़ाई जांच की दिशा
Twisha Sharma के पिता नवनिधि शर्मा ने हाल ही में इस मामले में कई नए आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनकी बेटी की सास गिरीबाला सिंह ने केस को प्रभावित करने के लिए प्रभावशाली लोगों से संपर्क किया था। इसके समर्थन में उन्होंने मोबाइल कॉल डिटेल्स का हवाला दिया है।
परिजनों का कहना है कि इन कॉल रिकॉर्ड्स की विस्तृत जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि केस को किस तरह से प्रभावित करने की कोशिश की गई।
आरोपी पति फरार, सास को मिली अग्रिम जमानत
घटना के बाद से ही ट्विशा के पति समर्थ सिंह फरार बताए जा रहे हैं। वहीं, सास गिरीबाला सिंह को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इस कारण मामले की जांच और भी जटिल हो गई है।
पुलिस फिलहाल दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है, लेकिन परिजनों का कहना है कि जांच में देरी और कई प्रक्रियात्मक कमियों के कारण सच्चाई सामने नहीं आ पा रही है।
सीएम मोहन यादव से न्याय की गुहार
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी न्याय की मांग की थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ न्याय होना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब राज्य सरकार ने औपचारिक रूप से सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है।
गृह विभाग ने भेजा सीबीआई को पत्र
राज्य सरकार की सहमति के बाद गृह विभाग ने सीबीआई को आधिकारिक पत्र भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि मामले की गंभीरता और उठ रहे सवालों को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाए।
अब सीबीआई इस पर निर्णय लेगी कि वह केस को अपने हाथ में लेती है या नहीं। यदि सीबीआई जांच स्वीकार कर लेती है, तो पूरे मामले की जांच नए सिरे से शुरू होगी।
एम्स भोपाल में रखा शव, अंतिम संस्कार में देरी
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है कि ट्विशा का अंतिम संस्कार अब तक नहीं हो पाया है। उनका शव भोपाल एम्स में रखा हुआ है और बताया जा रहा है कि शव में डिकम्पोजिशन (सड़न) की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है, लेकिन इस पर कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली। वहीं, कोर्ट के आदेश के बावजूद कटारा हिल्स पुलिस 80 डिग्री वाले डीप फ्रीजर की व्यवस्था नहीं कर सकी, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
मामले में बढ़ता विवाद और जनचर्चा
Twisha Sharma केस अब सिर्फ एक पारिवारिक विवाद या कानूनी मामला नहीं रहा, बल्कि यह एक हाईप्रोफाइल जांच का रूप ले चुका है। सोशल और राजनीतिक स्तर पर भी इस केस को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
परिजनों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद अधूरी रहेगी। वहीं, जांच एजेंसियां अब सीबीआई के फैसले का इंतजार कर रही हैं।
निष्कर्ष
Twisha Sharma सुसाइड केस अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राज्य सरकार की सीबीआई जांच की सिफारिश ने मामले को नई दिशा दे दी है। अब पूरी निगाहें सीबीआई के निर्णय पर टिकी हैं कि क्या वह इस केस को अपने हाथ में लेकर इसकी गहन जांच शुरू करती है या नहीं। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और अहम खुलासे सामने आने की संभावना है, जो इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेंगे।
