तुकोगंज दिगम्बर जैन समाज चुनाव 2026 में हसमुख जैन गांधी गौरव अध्यक्ष एवं सुमत जैन लुहाड़िया अध्यक्ष मनोनीत हुए। इंदौर के ऐतिहासिक समवशरण दिगम्बर जैन मंदिर में सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए चुनाव। जानिए पूरी खबर, समाज की धार्मिक गतिविधियां, श्राविकाश्रम और विश्व की सबसे बड़ी स्फटिक भगवान शांतिनाथ प्रतिमा की विशेष जानकारी।
तुकोगंज दिगम्बर जैन समाज चुनाव 2026 : हसमुख जैन गांधी गौरव अध्यक्ष एवं सुमत लुहाड़िया अध्यक्ष बने
तुकोगंज दिगम्बर जैन समाज चुनाव 2026 में सौहार्दपूर्ण वातावरण
तुकोगंज दिगम्बर जैन समाज चुनाव 2026 इंदौर के सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक समवशरण दिगम्बर जैन मंदिर में अत्यंत गरिमामय एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए। समाज के सभी वर्गों की उपस्थिति में वार्षिक साधारण सभा आयोजित की गई, जिसमें समाज की धार्मिक, सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई।वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती रानी अशोक दोषी के प्रस्ताव पर सर्वानुमति से हसमुख जैन गांधी गौरव को गौरव अध्यक्ष एवं सुमत जैन लुहाड़िया को अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस अवसर पर पूरे समाज में उत्साह एवं हर्ष का वातावरण दिखाई दिया।
सर्वानुमति से हुआ मनोनयन
सभा में उपस्थित समाजजनों, ट्रस्टीगण एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नए पदाधिकारियों के चयन का स्वागत किया। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि नवमनोनीत पदाधिकारी समाज को नई दिशा प्रदान करेंगे।समाज प्रवक्ता राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि समाज की एकता एवं धार्मिक मूल्यों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह चुनाव अत्यंत शांतिपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में सम्पन्न हुए।इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ जनों ने नवमनोनीत पदाधिकारियों का अभिनंदन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
समाजजनों ने दी आत्मीय शुभकामनाएं
नव नियुक्त पदाधिकारियों को समाज के वरिष्ठजनों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने बधाई दी। प्रमुख रूप से आजाद जैन, अशोक खासगीवाला, अमित कासलीवाल, डॉ. जैनेन्द्र जैन, टीके वेद, आनंद गोधा, डीके जैन, डीएसपी मनोज, मुकेश बाकलीवाल सहित अनेक समाजजनों ने उनके सफल कार्यकाल की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।सभा के दौरान समाज की धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं संगठनात्मक मजबूती को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
समवशरण दिगम्बर जैन मंदिर की विशेषता
इंदौर स्थित समवशरण दिगम्बर जैन मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि साधना, त्याग एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यह मंदिर जैन समाज की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंचते हैं।मंदिर की भव्यता एवं आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को विशेष शांति एवं ऊर्जा प्रदान करता है। समाज की विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां भी यहां निरंतर आयोजित होती रहती हैं।
श्राविकाश्रम की आध्यात्मिक साधना
मंदिर परिसर में स्थित अत्यंत प्राचीन श्राविकाश्रम इस तीर्थ की विशेष पहचान है। यहां लगभग 60 ब्रह्मचारी बहनें निरंतर साधना, स्वाध्याय एवं आराधना में लीन रहती हैं।यह स्थान जैन धर्म की तप, त्याग एवं साधना परंपरा को जीवंत बनाए हुए है। देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं।
विश्व की सबसे बड़ी स्फटिक भगवान शांतिनाथ प्रतिमा
समवशरण दिगम्बर जैन मंदिर में विश्व की सबसे बड़ी स्फटिक निर्मित भगवान शांतिनाथ की भव्य एवं दिव्य प्रतिमा विराजमान है। यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।देशभर से आने वाले श्रद्धालु भगवान शांतिनाथ के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति एवं ऊर्जा प्राप्त करते हैं। यह प्रतिमा मंदिर की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष प्रतिष्ठा प्रदान करती है।
पं. रतनलाल जी शास्त्री की साधना स्थली
यह पावन स्थल पं. रतनलाल जी शास्त्री की साधना स्थली के रूप में भी विशेष ख्याति रखता है। यहां से धर्म, अध्यात्म एवं संस्कारों की प्रेरणा निरंतर प्रवाहित होती रही है।समाज के लोगों का मानना है कि इस स्थान की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।
मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां
मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा प्रदीप कुमार सिंह कासलीवाल के मार्गदर्शन में मंदिर की धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां निरंतर विस्तार प्राप्त कर रही हैं।समाज में धार्मिक संस्कारों को बढ़ावा देने, युवाओं को संस्कृति से जोड़ने तथा सामाजिक सेवा कार्यों को मजबूत बनाने हेतु लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
समाज की एकता और संगठन पर विशेष बल
सभा में समाज की एकता, संगठन एवं धार्मिक संस्कारों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती आपसी सहयोग एवं धार्मिक मूल्यों से ही संभव है।नवमनोनीत पदाधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की गई कि वे समाज को नई ऊर्जा एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करेंगे।
निष्कर्ष
तुकोगंज दिगम्बर जैन समाज चुनाव 2026 केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं बल्कि समाज की एकता, धार्मिक चेतना एवं सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक बनकर सामने आया। हसमुख जैन गांधी गौरव एवं सुमत जैन लुहाड़िया के नेतृत्व में समाज नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा, ऐसी आशा समाजजनों ने व्यक्त की।समवशरण दिगम्बर जैन मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा, श्राविकाश्रम की साधना एवं विश्व प्रसिद्ध स्फटिक भगवान शांतिनाथ प्रतिमा इस तीर्थ को विशेष पहचान प्रदान करती है।

