—Advertisement—

“मंगलवार हनुमान पूजा 2025: तीन शुभ योगों में करें हनुमान आराधना, मंगल दोष और संकटों से पाएं मुक्ति”

Author Picture
Published On: 27 October 2025
how to please lord hanuman on bada mangal 2025

—Advertisement—

मंगलवार हनुमान पूजा 2025: तीन शुभ योगों में कल हनुमानजी की पूजा, जानें महत्व, पूजा विधि और मंगल दोष से मिलेगी राहत!

वर्ष 2025 में आने वाले मंगलवार को तीन महत्वपूर्ण शुभ योगों — रवि योग, त्रिपुष्कर योग एवं सुकर्मा योग — का संयोजन बन रहा है, जिससे इस दिन की पवित्रता और शुभता और भी बढ़ गई है। इस अवसर पर हनुमानजी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में मंगल ग्रह (मंगल ग्रह) से संबंधित दोषों से मुक्ति मिल सकती है, कार्य सिद्ध होते हैं तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

नीचे हम विस्तार से जानेंगे — मंगलवार के दिन का महत्व, इस विशेष दिन में बन रहे शुभ योग, हनुमानजी की पूजा-विधि, मंगल दोष से राहत का उपाय एवं सुझाव-विरोध आदि।


1. मंगलवार का महत्व

भारत-वर्ष में मंगलवार का दिन विशेष रूप से हनुमानजी को समर्पित माना जाता है। पुराणों एवं धर्मग्रंथों में वर्णित है कि अंजनीपुत्र हनुमानजी का जन्म मंगलवार को हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी पूजा-विधि का विशेष महत्त्व है।

ज्योतिषीय दृष्टि से, मंगल ग्रह साहस, उत्साह, युद्ध-प्रवृत्ति एवं तेज के कारक माना गया है। मंगलवार का नाम “मंगलवार” भी इसी ग्रह के नाम पर है। हनुमानजी की शक्तिशाली प्रतिमा, संकटमोचन रूप तथा मंगल ग्रह से जुड़ी ऊर्जा के समन्वय के कारण इस दिन उनकी उपासना विशेष लाभदायी मानी जाती है।

मुख्य बिंदु:

  • तप, भक्ति एवं सेवा के प्रतीक हनुमानजी मंगलवार को विशेष रूप से पूजनीय हैं।

  • यदि जन्म-कुंडली में मंगल ग्रह अशुभ स्थिति में हो (मंगल दोष) तो मंगलवार को हनुमानजी की पूजा-उपवास द्वारा राहत प्राप्त करने का उपाय माना गया है।

  • मंगलवार को व्रत, भजन-कीर्तन, मंदिर-दर्शन आदि से भय, रोग, आर्थिक एवं मानसिक बाधाएँ दूर होने का विश्वास है।

इस प्रकार, मंगलवार के दिन हनुमानजी की आराधना न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि जीवन-परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव हेतु भी एक प्रभावी उपाय मानी जाती है।

images 1 14


2. 2025 में बन रहे तीन शुभ योग और उनका प्रभाव

वर्ष 2025 में मंगलवार को निम्नलिखित तीन शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जो इस दिन की महत्ता को और अधिक बढ़ा देते हैं:

  • रवि योग: यह योग उस समय बनता है जब चंद्रमा सूर्य के नक्षत्र से विशेष स्थानों में स्थित हो। ज्योतिष में इसे शुभ कर्म, शिक्षा, यात्रा, व्यवसाय के आरंभ के लिए लाभदायी माना गया है।

  • त्रिपुष्कर योग: इस योग में रविवार, मंगलवार या शनिवार के दिन द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी तिथि का समावेश हो। यह योग पूरे दिन को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल बनाता है।

  • सुकर्मा योग: इसका अर्थ है “सुकर्म” अर्थात् शुभ कर्मों का योग। इस दिन पूजा-आराधना, दान-धर्म, उपवास आदि कार्यों से विशेष प्रतिफल मिलता है।

इन तीनों योगों के संयोग में मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करने से

  • कार्यों की सिद्धि होती है,

  • मंगल ग्रह की अशुभता से मुक्ति मिल सकती है,

  • जीवन में तनाव-भावना, रोग-बाधाएँ कम होती हैं,

  • सकारात्मक एवं उत्साही ऊर्जा का संचार होता है।

इस प्रकार यह दिन पूजा-उपवास और भक्ति के लिए एक विशेष अवसर प्रस्तुत करता है। इस संबंध में विभिन्न स्रोत बताते हैं कि मंगलवार को हनुमानजी की नियमित उपासना से न केवल आंतरिक बल बढ़ता है बल्कि बाह्य संकटों से भी रक्षा मिलती है।


3. पूजा-विधि: मंगलवार को हनुमानजी की कैसे करें आराधना

नीचे चरणबद्ध रूप से मंगलवार के दिन हनुमानजी की पूजा-विधि दी जा रही है, जिसे श्रद्धा एवं उपासना के नारायण रूप में किया जा सकता है:

(i) तैयारी और स्नान

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें, नित्यकर्म एवं स्नान करें, मन-मस्तिष्क को शांत करें।

  • पूजा-स्थल को स्वच्छ करें, आसन, चौकी व्यवस्थित रखें।

(ii) पूजा-स्थल की व्यवस्था

  • एक छोटी चौकी या मेज पर लाल कपड़ा बिछाएँ (लाल रंग मंगल ग्रह व हनुमानजी का प्रतीक माना गया है)।

  • उस पर हनुमानजी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

  • सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल (गुलाब, गेंदे) तथा प्रसाद (लड्डू, खीर, लाल मसूर आदि) रखें।

(iii) पाठ-आराधना

  • हनुमानचालीसा का पाठ करें, अथवा सुंदरकांड का पाठ आज शाम को भी करना शुभ होता है।

  • आरती करें, दीप जलाएँ, हनुमानजी को प्रणाम करें।

  • आचमन करें, आसन-प्रणाम के बाद प्रसाद ग्रहण करें।

  • पूजा के बाद भजन-कीर्तन या मनोकामना हेतु प्रार्थना करें।

(iv) व्रत-दान एवं शुभक्रियाएँ

  • यदि संभव हो तो मंगलवार व्रत रखें। व्रत के दौरान सामान्य भोजन में सरलता व संयम रखें।

  • लाल वस्त्र पहनना, लाल पुष्प-फल अर्पित करना मंगल ग्रह के दोष-निवारण हेतु शुभ माना गया है।

  • दान-दानवाणी: लाल फल-फूल, ताम्बा/सोना/चाँदी-लड़ियाँ दान करना, भाई का आदर करना एवं मीठा भोजन खिलाना विशेष शुभ है।

(v) मुहूर्त व समय का ध्यान

  • इस दिन अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल जैसे कालों पर विशेष ध्यान देना लाभप्रद है। उदाहरण के लिए, 2025 में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 तक था तथा राहुकाल दोपहर 2:52 से शाम 4:15 तक था।

  • पूजा करते समय राहुकाल जैसी अशुभ अवधि से परहेज़ करना चाहिए।

इस प्रकार, पूजा-विधि के प्रत्येक हिस्से में श्रद्धा व संयम के साथ अवलंबन करना महत्वपूर्ण है।


4. मंगल दोष से राहत: क्यों और कैसे?

ज्योतिष अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह अशुभ स्थिति में हो, तो उसे “मंगल दोष” कहा जाता है। यह दोष निम्नलिखित प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है:

  • वैवाहिक जीवन में बाधाएँ, जीवनसाथी से विवाद,

  • अचानक क्रोध-प्रवृत्ति, अस्थिरता,

  • कार्यों में रुकावटें, Litigation या शत्रुओं से परेशानी,

  • स्वास्थ्य-सम्बन्धी त्रुटियाँ, विशेषकर लाल रक्त-विकार आदि।

इन स्थितियों में मंगलवार के दिन हनुमानजी की पूजा-उपवास अत्यंत लाभदायी मानी गई है क्योंकि:

  • हनुमानजी को मंगल ग्रह का नियंत्रक माना गया है, और उनके समर्पण से मंगल-प्रभाव शांत होने का विश्वास है।

  • मंगलवार को हनुमानजी की उपासना करने से मानसिक एवं शारीरिक साहस बढ़ता है, दोष-प्रभाव कम होते हैं।

  • उपवास, दान-प्रदान तथा हनुमानचालीसा का नियमित पाठ इन दोषों को नियंत्रित करने में सहायक माना गया है।

उदाहरण के लिए:
व्रत रखकर मीठा-भोजन कराना, लाल वस्‍त्र धारण करना, हनुमानजी को सिंदूर अर्पित करना और मंगलवार को श्रद्धा-भक्ति के साथ सेवा-दान करना ये उपाय मंगल दोष के निवारण में बहुत प्रभावशाली हैं।


5. सुझाव-विरोध: क्या करें और क्या न करें?

✔️ करें

  • मंगलवार को लाल या हल्के नारंगी वस्त्र पहनें क्योंकि यह रंग हनुमानजी एवं मंगल ग्रह से जुड़ा माना गया है।

  • व्रत रखें या कम से कम पूजा-समय में संयमित भोजन करें।

  • सिंदूर, लाल पुष्प-फल, जायफल-देशी प्रसाद अर्पित करें।

  • भाई का आदर करें, मीठा भोजन किसी जरूरतमंद को खिलाएँ (दान-सेवा करें)।

  • हनुमानचालीसा या सुंदरकांड का पाठ नियमित करें।

❌ न करें

  • राहुकाल या अशुभ मुहूर्त में पूजा को आरंभ न करें।

  • मंगलवार को काले रंग का वस्त्र धारण करना, मांसाहार-अल्कोहल लेना, क्रोध में आकर पूजा करना अशुभ माना गया है।

  • पूजा के बाद लाल वस्त्र, प्रसाद सम्मानपूर्वक न छोड़ें या सजावट-पूजा को लापरवाही से न करें।

  • व्रत के दौरान अनुशासन न छोड़ें: अहिंसा, सत्य, संयम व सेवा-भाव बनाए रखना जरूरी है।


6. क्यों आज इस दिन पूजा करना इतना महत्वपूर्ण है?

  • इस वर्ष मंगलवार को बनाए जा रहे तीन शुभ योग — रवि, त्रिपुष्कर, सुकर्मा — पूजा-उपवास एवं आराधना को विशेष फलदायी बनाते हैं।

  • अगर आप किसी कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं (व्यवसाय, शिक्षा, यात्रा), तो इस शुभ दिन में हनुमानजी की शरण में जाना सफल परिणाम के लिए प्रोत्साहक है।

  • मंगल-दोष, मानसिक/शारीरिक समस्या या कार्य-जटिलता से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक आध्यात्मिक अवसर प्रस्तुत करता है।

  • नियमित पूजा, सही विधि, सही समय व सही मनोभाव से हनुमानजी की कृपा अधिक तीव्र रूप से प्राप्त होती है — यह मान्यता स्रोतों में मिलती है।


7. निष्कर्ष

वर्ष 2025 में आने वाला यह मंगलवार — जब तीन शुभ योगों का संयोजन बन रहा है — हनुमानजी की पूजा-उपवास के लिए एक अद्वितीय अवसर है। यदि आप इस दिन श्रद्धापूर्वक, विधि-विधान के साथ पूजा करें, व्रत रखें, दान-सेवा करें, लाल रंग पहनें और हनुमानचालीसा जैसे पाठ करें — तो इससे केवल धार्मिक लाभ नहीं, बल्कि जीवन में समृद्धि, शांति, सकारात्मक ऊर्जा और कर्म-सिद्धि का मार्ग भी खुल सकता है।

याद रखें, पूजा केवल कर्म नहीं है — उसमें आपके श्रद्धा, भक्ति और विनम्रता की भी समान भूमिका होती है। इस दिन की ऊर्जा को समझें, सही समय-विधि का पालन करें, और हनुमानजी की कृपा-शरण में समर्पित हों। इस प्रकार, मंगल ग्रह की अशुभता दूर हो सकती है और आपके कर्म-साधन सफल हो सकते हैं।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp