‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों से दिखाई सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना
स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत आयोजन; गीता वर्मा ने प्राप्त किया प्रथम स्थान
नागदा | जीवनलाल जैन की रिपोर्ट
स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा में सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत 22 सितंबर को ‘सेवा चित्र’ चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने चित्रों, पोस्टरों और फ्लो-चार्ट के माध्यम से सेवा, समर्पण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा विकसित भारत के प्रति अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधि से जोड़ने के साथ जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर सोचने के लिए प्रेरित करना था।
कला के माध्यम से व्यक्त किए सामाजिक सरोकार
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सेवा को अपने-अपने नजरिए से चित्रों में प्रस्तुत किया। किसी ने जनकल्याण की भावना को रंगों में उतारा, तो किसी ने सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण को अपने पोस्टर का विषय बनाया। फ्लो-चार्ट के माध्यम से भी विद्यार्थियों ने विकसित भारत की संकल्पना पर अपनी कल्पनाएं साझा कीं।
चित्रकला प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को लिखित अभिव्यक्ति से अलग एक रचनात्मक मंच दिया। वे अपनी सोच को रंग, आकृतियों और संदेशों के माध्यम से सामने ला सके। आयोजन में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। उनके कार्यों में सेवा को व्यक्तिगत व्यवहार के साथ समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी के रूप में देखने की भावना दिखाई दी।
डॉ. मिति शर्मा और उर्वी मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजन
प्रतियोगिता का आयोजन महाविद्यालय की आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. मिति शर्मा और सेवा संकल्प अभियान की नोडल अधिकारी सुश्री उर्वी मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के विषय के अनुरूप अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह सोचने के लिए प्रोत्साहित किया गया कि सेवा और समर्पण जैसे मूल्यों को वे अपने आसपास के जीवन से कैसे जोड़ते हैं। चित्रों और पोस्टरों में विचार प्रस्तुत करने की प्रक्रिया ने उन्हें विषय को समझने तथा उसे दूसरों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अभ्यास भी कराया।
गीता प्रथम, भारती द्वितीय और शिवानी तृतीय
प्रतियोगिता में डॉ. निधि बाजपेयी और श्रीमती कविता कौर चौहान ने निर्णायक की भूमिका निभाई। चित्रकला प्रतियोगिता में बी.एससी. प्रथम वर्ष की छात्रा गीता वर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.ए. प्रथम वर्ष की भारती गुर्जर द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.ए. तृतीय वर्ष की शिवानी प्रजापत ने तृतीय स्थान हासिल किया। बी.कॉम. प्रथम वर्ष की पूजा प्रजापत को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
विजेता विद्यार्थियों के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य विद्यार्थियों ने भी अपने चित्रों से आयोजन के विषय को अभिव्यक्त किया। अलग-अलग पाठ्यक्रमों और कक्षाओं के विद्यार्थियों की सहभागिता ने प्रतियोगिता को एक साझा रचनात्मक गतिविधि का रूप दिया।
सेवा संकल्प को समझने का मिला अवसर
‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिता का विषय केवल चित्र बनाना नहीं था। इसके जरिए विद्यार्थियों ने सेवा-भाव, समर्पण और जनकल्याण से जुड़े विचारों पर मनन किया। उन्होंने यह दर्शाने का प्रयास किया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को कला के माध्यम से भी व्यक्त किया जा सकता है।
महाविद्यालय में इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अपने विचार सामने रखने का अवसर देती हैं। चित्रकला में विषय चुनने, संदेश तय करने और उसे दृश्य रूप देने के दौरान विद्यार्थी अपनी कल्पनाशक्ति का उपयोग करते हैं। ‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने विकसित भारत की अपनी कल्पना को चित्रों, पोस्टरों और फ्लो-चार्ट के जरिए प्रस्तुत किया।
सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी कला दिखाने के साथ सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी भूमिका पर विचार करने का मंच प्रदान किया।
