Trump Tariff: भारतीय फर्नीचर और लकड़ी उत्पाद निर्यातकों के लिए बड़ी राहत, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घटाए आयात शुल्क
नई दिल्ली। भारतीय फर्नीचर और लकड़ी उत्पाद निर्यातकों के लिए अमेरिका से अच्छी खबर आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 सितंबर 2025 को सेक्शन 232 के तहत आयात शुल्क (टैरिफ) में बड़े बदलाव की घोषणा की है। इस फैसले से भारतीय Exporters को अमेरिकी बाजार में नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
क्या बदला है नियमों में?
अब तक भारत से आने वाले सॉफ्टवुड लकड़ी, असबाबवाला फर्नीचर (Upholstered Furniture), रसोई अलमारियां और वैनिटीज़ (Kitchen Cabinets & Vanities) पर 50% तक का आयात शुल्क लगाया जाता था। लेकिन नई घोषणा के अनुसार, इन उत्पादों पर टैरिफ को घटाकर 10% से 25% के बीच कर दिया गया है।
- भारत से आयात – अब 10–25% शुल्क लगेगा (पहले अधिकतम 50%)
- ब्रिटेन से आयात – अधिकतम 10% शुल्क
- यूरोपीय संघ और जापान से आयात – अधिकतम 15% शुल्क
अमेरिका ने यह दरें अपने व्यापार समझौतों और वैश्विक आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए तय की हैं।
भारत को क्या फायदा होगा?
नीति थिंक-टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव के अनुसार, यह कदम भारतीय निर्यातकों के लिए एक “बड़ी राहत” साबित होगा।
कम टैरिफ दरों से भारतीय फर्नीचर और लकड़ी उत्पाद अमेरिकी खरीदारों के लिए अधिक किफायती (Affordable) हो जाएंगे। इससे भारत के Exporters को अमेरिका के बड़े और लाभकारी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में भारत का फर्नीचर और कैबिनेटरी सेक्टर अमेरिकी बाजार में अपनी हिस्सेदारी को काफी हद तक बढ़ा सकता है।
किन उत्पादों पर असर पड़ेगा?
नई घोषणा के तहत निम्नलिखित उत्पादों पर शुल्क दरों में कमी की गई है –
- सॉफ्टवुड लकड़ी (HS Code 4407)
- असबाबवाला फर्नीचर (HS Code 9401)
- रसोई अलमारियां और वैनिटीज़ (HS Code 9403)
वैश्विक असर भी
यह फैसला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका के इस टैरिफ बदलाव का असर ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जापान और अन्य देशों के Exporters पर भी पड़ेगा। हालांकि, भारत को अपेक्षाकृत ज्यादा फायदा होने की संभावना है क्योंकि अमेरिकी बाजार में भारतीय फर्नीचर की मांग पहले से ही बढ़ रही है।
निष्कर्ष
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को लागत में बचत और बाजार में मजबूती दोनों मिलने की उम्मीद है। यदि आने वाले महीनों में यह रुझान जारी रहता है, तो भारत अमेरिका के फर्नीचर और कैबिनेटरी क्षेत्र में एक “किफायती और भरोसेमंद सप्लायर” के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है।

