नकली खाद बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग, भारतीय किसान संघ ने कृषि विभाग को सौंपा ज्ञापन
खूब चन्द्र लोधी
रिपोर्टर
स्वराज वाणी
टीकमगढ़ में किसान संघ ने बृजमोहन एंड संस और अनिल एंड संस के लाइसेंस निरस्त करने की मांग की, खाद वितरण और टोकन व्यवस्था की जांच की मांग
Tikamgarh । जिले में किसानों को कथित तौर पर नकली डीएपी खाद दिए जाने के मामले को लेकर भारतीय किसान संघ ने कृषि विभाग के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। संघ ने इस संबंध में उप संचालक कृषि विकास विस्तार एवं कल्याण विभाग मनोज कश्यप को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष शिव मोहन गिरि, जिला मंत्री राजेंद्र श्रीवास्तव और जैविक खेती प्रमुख संतोष राजपूत ने कृषि विभाग के अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उठाया।
दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की मांग
किसान संघ ने आरोप लगाया कि किसानों को बिना बैच संबंधी जानकारी वाली बोरी में कथित नकली डीएपी खाद उपलब्ध कराई गई। शिकायत के आधार पर कृषि विभाग द्वारा बृजमोहन एंड संस और अनिल एंड संस से खाद के नमूने लिए जाने की बात कही गई है।
संघ ने मांग की है कि नमूनों की जांच के आधार पर यदि खाद मानकों के विपरीत पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं और नियमानुसार धोखाधड़ी सहित भारतीय दंड कानून की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाए।
किसानों को नया डीएपी उपलब्ध कराने की मांग
ज्ञापन में किसान जय नारायण राठौर और गोरेलाल राठौर का भी उल्लेख किया गया है। किसान संघ के अनुसार, दोनों किसानों ने टोकन के माध्यम से बृजमोहन एंड संस से खाद प्राप्त की थी, जिसे संघ ने कथित रूप से नकली बताया है।
किसान संघ ने मांग की है कि संबंधित खाद को जब्त कर किसानों को इसके स्थान पर गुणवत्तापूर्ण डीएपी उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी फसल प्रभावित न हो।
खाद दुकानों की जांच और सैंपलिंग की मांग
भारतीय किसान संघ ने जिले में संचालित खाद दुकानों की लगातार जांच कराने और खाद के नमूने लेने की मांग की है। संघ ने बाजार में उपलब्ध रघुवीरा शक्ति एनपीके 20:20:0:10 और 12:32:06 की भी सैंपलिंग कराने की मांग रखी है।
इसके अलावा किसानों को खाद के साथ अनिवार्य रूप से अन्य उत्पाद लेने के लिए बाध्य करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई और आवश्यक होने पर उनके लाइसेंस निरस्त करने की मांग की गई है।
टोकन व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
ज्ञापन में अगस्त और सितंबर माह के दौरान बृजमोहन एंड संस तथा अनिल एंड संस के माध्यम से टोकन पर खाद प्राप्त करने वाले किसानों की सूची मोबाइल नंबर सहित सार्वजनिक करने की मांग की गई है। साथ ही खाद की टोकन साइट पर उपलब्ध कुल स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित करने की मांग की गई, ताकि किसानों को खाद के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।
फसल नुकसान और बीज की जांच की भी मांग
किसान संघ ने खरीफ सीजन 2026 में गिरदावरी के दौरान अधिसूचित फसलों तथा अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों को लेकर विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
इसके साथ ही वैल्यू चेन पार्टनर के माध्यम से वितरित मूंगफली के बीज में कथित तौर पर अफलन की शिकायत की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि ज्ञापन में उठाई गई समस्याओं पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े इन मामलों में प्रशासन और संबंधित विभाग को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।
हालांकि, नकली खाद से जुड़े आरोपों की वास्तविकता संबंधित नमूनों की जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
