पंचायत मंत्री पटेल को पत्र देकर त्रि-स्तरीय पंचायत राज 1993 के अधिकार बहाल करने की मांग
जिला पंचायत सदस्य सुश्री राधा मालवीय ने ग्रामीण विकास योजनाओं को पुनः शुरू करने पर दिया जोर

नागदा जं. / निप्र। जिला पंचायत सदस्य सुश्री राधा मालवीय ने भोपाल में आयोजित त्रि-स्तरीय पंचायत राज कार्यशाला के दौरान प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात कर एक विस्तृत पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने त्रि-स्तरीय पंचायत राज 1993 के मूल अधिकारों को पुनः लागू करने, बंद पड़ी ग्रामीण योजनाओं को तुरंत बहाल करने और ग्रामीणों को समय पर आर्थिक सहायता देने की मांग रखी।
यह मुलाकात नागदा क्षेत्र के ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है।
त्रि-स्तरीय पंचायत राज 1993 के मूल अधिकार दोबारा बहाल करने की मांग
सुश्री राधा मालवीय ने स्पष्ट कहा कि 1993 का त्रि-स्तरीय पंचायत राज कानून पंचायतों का आधार रहा है, जिसने जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत को वास्तविक अधिकार दिए थे।
समय के साथ ये अधिकार सीमित होते चले गए, जिससे स्थानीय शासन प्रणाली कमजोर हुई है।
उन्होंने मंत्री पटेल से आग्रह किया कि—
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पंचायतों को फैसले लेने की स्वतंत्रता,
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वित्तीय अधिकार,
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और ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का अधिकार
दोबारा उसी रूप में बहाल किए जाएं, ताकि गांवों में आवश्यक विकास कार्य बाधारहित हो सकें।
जिला व जनपद पंचायतों की राशि बढ़ाने और प्रतिबंध हटाने की अपील
सुश्री मालवीय ने बताया कि वर्तमान में जिला व जनपद पंचायतों को मिलने वाली राशि नाम मात्र की है, जिससे 60–70 गांवों वाले क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार विकास कार्य पूरे नहीं हो पाते।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:
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पूरे वर्ष में मात्र 12 लाख रुपये की अनुशंसा राशि मिलती है।
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इतने कम बजट से सड़क, पेयजल, शिक्षा, आवास, श्मशान मार्ग जैसे आवश्यक कार्य अधूरे रह जाते हैं।
इसलिए उन्होंने सुझाव दिया—
हर 6 महीने में 50–50 लाख रुपये की राशि जिला एवं जनपद पंचायतों को दी जाए।
आवंटन पर लगे प्रतिबंध हटाकर लचीली वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए।
ग्राम पंचायतों के अधीन ग्रामों को मुख्यालय से जोड़ने की जरूरत
जिला पंचायत सदस्य ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि कई अधीन ग्राम आज भी अपने पंचायत मुख्यालय से पक्की सड़क से नहीं जुड़े हैं।
इससे—
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आवागमन में दिक्कत
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अस्पताल व आपात सेवाओं में देरी
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सरकारी योजनाओं के लाभ में बाधा
जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
उन्होंने मांग की कि सभी अधीन ग्रामों को मुख्यालय से पक्के मार्ग द्वारा जोड़ना अनिवार्य किया जाए।
खेत सड़क, सुदूर सड़क, शांतिधाम सड़क जैसी योजनाएं तुरंत शुरू हों
सुश्री मालवीय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण ग्रामीण विकास योजनाएं काफी समय से बंद पड़ी हैं, जैसे—
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खेत सड़क योजना
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सुदूर सड़क योजना
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शांतिधाम सड़क
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पशु शेड योजना
उन्होंने बताया कि ये सड़कें और संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों की जीवन रेखा हैं।
इसलिए उन्होंने मांग की कि—
मनरेगा के माध्यम से इन सड़कों का निर्माण तुरंत शुरू किया जाए।
बंद पड़ी योजनाओं को पुनः मंजूरी दी जाए।
पशु शेड योजना की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि पशु शेड योजना की प्रक्रिया अत्यधिक जटिल होने के कारण अधिकांश ग्रामीण लाभार्थी इससे वंचित रह जाते हैं।
यदि प्रक्रिया सरल हो जाए तो—
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पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा
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दूध उत्पादन बढ़ेगा
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जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा
उन्होंने मांग की कि इस योजना को सरल व प्रभावी स्वरूप में पुनः लागू किया जाए।
संबल योजना के पीड़ित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता मिले
सुश्री मालवीय ने मंत्री को बताया कि संबल योजना के हितग्राहियों को सहायता राशि अक्सर सिंगल क्लिक वितरण या अन्य औपचारिकताओं में देरी से मिलती है।
उन्होंने अपील की—
प्रक्रिया पूर्ण होते ही पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि जारी हो।
किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी रोकी जाए।
ग्रामीणों को पीएम आवास योजना में शहर के समान राशि मिले
पत्र में एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में लाभार्थियों को मात्र 1,35,000 रुपये मिलते हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में यह राशि अधिक है।
उन्होंने मांग की—
ग्रामीणों को भी ₹2,50,000 की सहायता राशि दी जाए।
ग्रामीण हितग्राही मकान निर्माण हेतु ऋण भार से मुक्त हो सकें।
मजबूत और टिकाऊ मकान बनाकर सुरक्षित जीवन यापन कर सकें।
नागदा क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल
सुश्री मालवीय ने कहा कि नागदा जनपद पंचायत के कई गांव ऐसे हैं जहाँ—
- सड़कें अधूरी हैं
- विकास कार्य रुके हुए हैं
- आवास व सहायता राशि में देरी होती है
इसलिए त्रि-स्तरीय पंचायत राज के अधिकार बहाल होना आवश्यक है, ताकि स्थानीय जनप्रतिनिधि स्वयं निर्णय ले सकें और ग्रामीणों की समस्याएं तुरंत सुलझा सकें।
अंत में
जिला पंचायत सदस्य सुश्री राधा मालवीय का यह ज्ञापन ग्रामीण विकास और पंचायत सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करता है।
माना जा रहा है कि यदि पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल इन मांगों पर प्रभावी निर्णय लेते हैं, तो नागदा सहित प्रदेशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
रिपोर्ट: संवाददाता जीवनलाल जैन, नागदा
