दिल्ली से भोपाल तक: ISIS के सफर में डूबा एक युवा, अदनान की कहानी; मां रंगमंच की जानी-मानी कलाकार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भोपाल के युवा अदनान को ISIS से जुड़े आतंकी नेटवर्क के साथ संलिप्त पाकर गिरफ्तार किया है। इस मामले में हर नया खुलासा देश के लिए एक नया सदमा लेकर आ रहा है। जांच में सामने आया है कि अदनान का सीधा संपर्क ISIS के एक अंतरराष्ट्रीय हैंडलर अब्बू इबा अल कुरेशी से था और वह सोशल मीडिया के जरिए जिहादी वीडियो बनाकर नौजवानों को भड़काने का काम कर रहा था। सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि अदनान, भोपाल की मशहूर रंगमंच कलाकार शायना खान का बेटा है, जो उसकी गिरफ्तारी के वक्त मथुरा में ‘महाभारत’ नाटक के मंचन में व्यस्त थीं।
कौन है आतंकी अदनान? (Who is terrorist Adnan?)
भोपाल निवासी अदनान की पहचान अब एक आतंक संदिग्ध के तौर पर उभरकर सामने आई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे ISIS आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार किया है। अदनान पर आरोप है कि वह एक सुनियोजित ढांचे के तहत युवाओं को आतंकवाद की राह पर धकेलने का काम कर रहा था। जांच एजेंसियों के लिए यह मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि इसमें एक शिक्षित और सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवक के आतंकवाद की गिरफ्त में आने की कहानी सामने आ रही है।
ISIS हैंडलर से था सीधा संपर्क (Direct Contact with ISIS Handler)
जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण जो खुलासा हुआ है, वह है अदनान का ISIS के एक अंतरराष्ट्रीय हैंडलर अब्बू इबा अल कुरेशी से सीधा संपर्क। पुलिस का मानना है कि अब्बू इबा अल कुरेशी ही अदनान को ऑनलाइन रास्ता दिखा रहा था और उसे आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित व प्रशिक्षित कर रहा था। यह केस दर्शाता है कि कैसे ISIS जैसे आतंकी संगठन दूर बैठे-बैठे सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भारत जैसे देशों के युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। आतंकी अदनान पर आरोप है कि वह खुद भी इसी तरह के जिहादी वीडियो बनाकर दूसरे युवाओं को भर्ती करने की कोशिश कर रहा था।
मां है मशहूर रंगमंच कलाकार, गिरफ्तारी के वक्त ‘महाभारत’ का मंचन कर रही थीं (Mother is a Famous Theatre Artist)
इस पूरे मामले का सबसे दुखद और विरोधाभासी पहलू अदनान का पारिवारिक पृष्ठभूमि है। अदनान की मां शायना खान भोपाल के सांस्कृतिक और रंगमंच जगत में एक जाना-माना नाम हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस वक्त दिल्ली पुलिस उनके बेटे को गिरफ्तार कर रही थी, उस वक्त शायना खान मथुरा में धार्मिक और पौराणिक महत्व के नाटक ‘महाभारत’ के मंचन में व्यस्त थीं। यह तस्वीर एक कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि कैसे एक सांस्कृतिक और सभ्य परिवार का युवा भी कट्टरपंथी विचारधारा की चपेट में आ सकता है।
माता-पिता से अलग रहकर पकड़ी आतंकवाद की राह (Took the Path of Terrorism while living away from Parents)
जांच से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अदनान अपने माता-पिता से अलग रहता था। यही वह समय था जब वह धीरे-धीरे कट्टरपंथी विचारधारा की ओर बढ़ा। माता-पिता की निगरानी के अभाव और इंटरनेट पर मौजूद आतंकी प्रोपेगंडा ने उसे इस रास्ते पर ला खड़ा किया। यह घटना उन सभी माता-पिता के लिए एक चेतावनी है जिनके बच्चे अलग रहकर पढ़ाई या नौकरी कर रहे हैं। उनकी ऑनलाइन गतिविधियों और मानसिक स्थिति पर नजर रखना कितना जरूरी है, यह इस मामले से एकदम स्पष्ट हो जाता है।
पुलिस कर रही है डिजिटल नेटवर्क की गहन जांच (Police Investigating Digital Network)
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब अदनान के पूरे डिजिटल नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि उसने और किन-किन लोगों से संपर्क किया, उसका देश-विदेश में फैला नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या वह कोई और बड़ा हमला करने की योजना बना रहा था। उसके लैपटॉप, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स से मिले डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। इस जांच के दायरे को और विस्तार मिलने की संभावना है।
निष्कर्ष: एक सबक के तौर पर अदनान का मामला
अदनान का मामला सिर्फ एक आतंकी गिरफ्तारी की खबर नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। यह दर्शाता है कि आतंकवाद अब कोई दूर की चीज नहीं रह गई है। यह हमारे आस-पास, हमारे शहरों में, सामान्य दिखने वाले परिवारों में भी पनप सकता है। इंटरनेट और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल युवाओं को गलत राह पर ले जा सकता है। ऐसे में, परिवार और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने, उनकी मानसिक सेहत का ख्याल रखने और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर सजग नजर रखने की जरूरत इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दी है। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने संभवत: एक बड़े आतंकी साजिश को विफल कर दिया है, लेकिन यह लड़ाई अभी लंबी चलने वाली है।

