जबलपुर में तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ।
स्वर्ण कलश शोभायात्रा का ऐतिहासिक दृश्य
मांगलिक प्रसंग पर नगर में स्वर्ण कलश सहित घट यात्रा निकाली गई। मंगलगान और जयघोष के साथ शोभायात्रा सौभाग्यशाली परिवारों के निवास से प्रारंभ होकर कार्यक्रम स्थल पुष्पवती नगरी समवशरण मंडप फूटाताल पहुँची।
यहाँ सौभाग्यशाली परिवारों द्वारा स्वर्ण कलश समाज को समर्पित किए गए। पूरे नगर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण बना रहा।
तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव की विशेषताएं
तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नयन का अवसर है।
इस महोत्सव में प्रदेश सहित पूरे देश से गुरुभक्त, त्यागी व्रती साधकगण, श्रेष्ठिगण एवं श्रावक-श्राविकाएं संस्कारधानी जबलपुर पधारे हैं।
वेदी प्रतिष्ठा का अर्थ है – जिनवाणी की स्थापना और आत्मा से परमात्मा बनने की दिशा में पहला कदम।
प्रथम दिवस का विस्तृत कार्यक्रम (13 फरवरी)
मीडिया प्रभारी दीपक राज जैन एवं जिनधर्म प्रभावक नितिन जैन ने कार्यक्रम की जानकारी दी।
प्रातःकालीन कार्यक्रम
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सुबह 5 बजे – सामायिक, ध्यान एवं प्रभात फेरी
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7 बजे – मंत्र जप, श्री तारण त्रिवेणी पाठ, भाव पूजा
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8 बजे – मंदिर विधि
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8:30 बजे – प्रवचन, ध्वजारोहण एवं अस्थाप का महत्व
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9:30 बजे – दान प्रभावना, आरती
विशेष आयोजन
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समवशरण मंडप में ध्वजारोहण
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11 बजे – पात्र भावना
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1 बजे – बृहद मंदिर विधि, जिनवाणी अस्थाप समारोह
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4 बजे – पात्र भावना
सांध्यकालीन कार्यक्रम
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7 बजे – आरती भक्ति एवं स्तुति
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8 बजे – प्रवचन
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9 बजे – महिला मंडल एवं बालक-बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति
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“सीता की अग्नि परीक्षा” की सुंदर प्रस्तुति
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आयोजन समिति एवं प्रमुख नाम
तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सकल तारण समाज में अपार उत्साह है।
ट्रस्ट अध्यक्ष:
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सतीश समैया
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शरद समैया
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राहुल जैन
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राजू परासिया
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मंटू कुंडा वाले
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संतोष भाईजी
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जतिन समैया
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प्रियंक समैया
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राजेश दिगंबर
वेदी सूतन कर्ता:
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रामडिम मूरी परिवार
आयोजन समिति ने समस्त समाजजनों एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से कार्यक्रम में सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
धार्मिक महत्व और आध्यात्मिक संदेश
तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव आत्मचिंतन और साधना का श्रेष्ठ अवसर है।
वेदी प्रतिष्ठा का आध्यात्मिक संदेश है –
आत्मा की शुद्धि
अहिंसा का पालन
संयम का मार्ग
मोक्ष की दिशा
यह आयोजन समाज की एकता, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक बन गया है।


