<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Western Disturbance &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/western-disturbance/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Fri, 20 Feb 2026 11:07:33 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>Western Disturbance &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Ujjain में रातभर 2.4 मिमी बारिश दर्ज, तापमान गिरा, किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता बढ़ी</title>
		<link>https://swarajvani.com/2-4-mm-rain-record-overnight-in-ujjain-temp-drops/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:07:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Crop Damage]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers Concern]]></category>
		<category><![CDATA[MP Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Rainfall]]></category>
		<category><![CDATA[Temperature Drop]]></category>
		<category><![CDATA[Ujjain]]></category>
		<category><![CDATA[Weather Update]]></category>
		<category><![CDATA[Western Disturbance]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=308051</guid>

					<description><![CDATA[Ujjain में रातभर 2.4 मिमी बारिश दर्ज, मौसम हुआ ठंडा; फसलों पर संकट के संकेत Ujjain में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात मौसम ने अचानक करवट ली। रात करीब ... <a title="Ujjain में रातभर 2.4 मिमी बारिश दर्ज, तापमान गिरा, किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता बढ़ी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/2-4-mm-rain-record-overnight-in-ujjain-temp-drops/" aria-label="Read more about Ujjain में रातभर 2.4 मिमी बारिश दर्ज, तापमान गिरा, किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता बढ़ी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Ujjain में रातभर 2.4 मिमी बारिश दर्ज, मौसम हुआ ठंडा; फसलों पर संकट के संकेत</strong></h1>
<p>Ujjain में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात मौसम ने अचानक करवट ली। रात करीब एक बजे शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक रुक-रुक कर जारी रही। इस हल्की लेकिन लगातार वर्षा ने शहर के तापमान में गिरावट ला दी और वातावरण में ठंडक घुल गई। सुबह कामकाज के लिए निकले लोगों को बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के बीच आवागमन करना पड़ा। कई लोग छाता लेकर निकले तो कुछ ने हल्के गर्म कपड़ों का सहारा लिया।</p>
<p>फरवरी माह में यह लगातार दूसरा दिन रहा, जब उज्जैन में वर्षा दर्ज की गई। आमतौर पर इस समय तक मौसम शुष्क और अपेक्षाकृत स्थिर रहता है, लेकिन इस बार बादलों की सक्रियता ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।</p>
<h2><strong>2.4 मिमी वर्षा दर्ज, तापमान में उतार-चढ़ाव</strong></h2>
<p>शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार बीती रात कुल 2.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि यह मात्रा बहुत अधिक नहीं है, लेकिन फरवरी के अंतिम सप्ताह में इस प्रकार की वर्षा को सामान्य नहीं माना जाता।</p>
<p>बारिश का असर तापमान पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया। गुरुवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो बुधवार के 31 डिग्री से 3 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। बुधवार को न्यूनतम तापमान 15 डिग्री था, जो बारिश के बाद बढ़कर 16.5 डिग्री सेल्सियस हो गया।</p>
<p>Weather वैज्ञानिकों के अनुसार दिन में बादलों की मौजूदगी के कारण धूप की तीव्रता कम रही, जिससे अधिकतम तापमान नीचे आया। वहीं रात में बादल छाए रहने से धरातल की ऊष्मा बाहर नहीं निकल पाई, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट की बजाय हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।</p>
<h3><strong>किसानों की चिंता बढ़ी, फसलों को नुकसान की आशंका</strong></h3>
<p>बारिश का सबसे बड़ा प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। वर्तमान में जिले में गेहूं, चना, सरसों और अन्य रबी फसलें खेतों में खड़ी हैं। कई फसलें पकने की अवस्था में हैं। ऐसे समय में लगातार नमी और बादल फसल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।</p>
<p>किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह रुक-रुक कर बारिश होती रही तो दानों में नमी बढ़ सकती है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ेगा। कुछ किसान यह भी आशंका जता रहे हैं कि यदि तेज हवा या ओलावृष्टि हुई तो खड़ी फसल गिर सकती है, जिससे भारी नुकसान संभव है।</p>
<p>कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि हल्की बारिश कभी-कभी लाभकारी हो सकती है, लेकिन फसल पकने के समय अधिक नमी नुकसानदेह होती है। इस समय सबसे अधिक जरूरत साफ मौसम और हल्की धूप की होती है।</p>
<h4><strong>22 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ का असर</strong></h4>
<p>शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त ने जानकारी दी कि 22 फरवरी से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस विक्षोभ के कारण सर्दी में कमी आ सकती है और दिन तथा रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी संभव है। हालांकि भारी वर्षा की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन आंशिक बादल छाए रहने और हल्की वर्षा से इनकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p>Weather विभाग के संकेतों के अनुसार अगले चार दिनों तक उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मावठा गिरने की भी संभावना जताई गई है।</p>
<h5><strong>शहरी व्यवस्थाओं की पोल खुली</strong></h5>
<p>बारिश ने शहर की स्थानीय व्यवस्थाओं की भी परीक्षा ली। वार्ड 46 की संतराम सिंधी कॉलोनी में हाल ही में बनी सड़क मकानों के लेवल से ऊंची होने के कारण जल निकासी की समस्या सामने आई। शुक्रवार की हल्की बारिश के बाद ही कई घरों में पानी घुस गया।</p>
<p>रहवासियों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि इतनी कम वर्षा में यह स्थिति है तो तेज बारिश में हालात और गंभीर हो सकते हैं।</p>
<p>स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।</p>
<h6><strong>Weather का बदला रुख: राहत या चुनौती?</strong></h6>
<p>एक ओर इस बारिश ने शहर में ठंडक और ताजगी का अहसास कराया है, वहीं दूसरी ओर यह कृषि और शहरी व्यवस्थाओं के लिए चिंता का कारण बन गई है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में इस तरह का Weather बदलाव असामान्य माना जा रहा है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से मौसम में अस्थिरता बढ़ी है, जिसके कारण बेमौसम बारिश और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। यह स्थिति किसानों के लिए जोखिमपूर्ण है, क्योंकि उनकी आय सीधे मौसम पर निर्भर करती है।</p>
<pre><strong>प्रशासन और नागरिकों की नजर अगले पूर्वानुमान पर</strong></pre>
<p>अब प्रशासन और नागरिकों की नजर आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर टिकी है। यदि मौसम स्थिर रहता है और धूप निकलती है तो फसलों को राहत मिल सकती है। वहीं यदि बादल और वर्षा का दौर जारी रहा तो नुकसान की संभावना बढ़ सकती है।</p>
<p>कुल मिलाकर उज्जैन में दर्ज 2.4 मिमी बारिश ने मौसम को सुहावना तो बना दिया है, लेकिन साथ ही कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। खेती, शहरी निकासी और तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच शहर एक बार फिर बदलते मौसम के प्रभाव को महसूस कर रहा है।</p>
<p>आने वाले दिनों में Weather का अगला रुख तय करेगा कि यह बारिश राहत साबित होगी या चुनौती। फिलहाल ठंडी हवाओं और बादलों के बीच उज्जैनवासी सतर्क नजर आ रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>18-19 फरवरी: MP के उत्तरी व पश्चिमी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-braces-for-western-disturbance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 06:44:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[February 2026 Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Lightning Alert MP]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[MP Rain Alert]]></category>
		<category><![CDATA[Thunderstorms MP]]></category>
		<category><![CDATA[Western Disturbance]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=307458</guid>

					<description><![CDATA[MP में पश्चिमी विक्षोभ के चलते 15 जिलों में येलो अलर्ट, बारिश और आंधी का अनुमान MP में मौसम फिर से करवट ले रहा है। पिछले कुछ दिनों में प्रदेशभर ... <a title="18-19 फरवरी: MP के उत्तरी व पश्चिमी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-braces-for-western-disturbance/" aria-label="Read more about 18-19 फरवरी: MP के उत्तरी व पश्चिमी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP में पश्चिमी विक्षोभ के चलते 15 जिलों में येलो अलर्ट, बारिश और आंधी का अनुमान</strong></h1>
<p>MP में मौसम फिर से करवट ले रहा है। पिछले कुछ दिनों में प्रदेशभर के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, लेकिन अब नया <strong>पश्चिमी विक्षोभ</strong> सक्रिय हो गया है, जिससे अगले 24 घंटों में <strong>15 जिलों में येलो अलर्ट</strong> जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 और 19 फरवरी को इन जिलों में <strong>गरज-चमक, आंधी, हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने</strong> की संभावना है।</p>
<p>इस बदलाव के चलते नागरिकों, किसानों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं, बिजली गिरने और बारिश के दौरान सावधानी बरतनी जरूरी है।</p>
<h2><strong>MP में येलो अलर्ट वाले जिले</strong></h2>
<p>मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग और अन्य प्रभावित जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में <strong>30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने</strong> की संभावना है। जिले निम्नलिखित हैं:</p>
<ul>
<li>ग्वालियर</li>
<li>श्योपुर</li>
<li>मुरैना</li>
<li>भिंड</li>
<li>दतिया</li>
<li>शिवपुरी</li>
<li>गुना</li>
<li>अशोकनगर</li>
<li>राजगढ़</li>
<li>आगर-मालवा</li>
<li>नीमच</li>
<li>मंदसौर</li>
<li>निवाड़ी</li>
<li>टीकमगढ़</li>
<li>छतरपुर</li>
</ul>
<p>विशेष रूप से <strong>18 फरवरी</strong> को इन जिलों में मौसम का असर सबसे अधिक रहेगा। वहीं, <strong>19 फरवरी</strong> को हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश की संभावना है।</p>
<h3><strong>मौसम का सामान्य हाल</strong></h3>
<p>ग्वालियर-चंबल और आसपास के क्षेत्रों में काले बादल छाए रहेंगे। हालांकि, भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में दिन के समय गर्मी का असर रहेगा, लेकिन शाम तक इन शहरों में भी बादलों की गतिविधि के कारण हल्की बारिश या आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p>उत्तरी और पश्चिमी-मध्य प्रदेश के जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के चलते लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p>
<h4><strong>IMD का पूर्वानुमान</strong></h4>
<p>मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ पहले <strong>उत्तर-पश्चिम भारत</strong> (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) में सक्रिय था और धीरे-धीरे मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है। राज्य में इसका प्रभाव सीमित लेकिन महत्वपूर्ण है।</p>
<p>IMD ने स्पष्ट किया है कि भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन <strong>गरज-चमक, बिजली गिरने और झोंकेदार हवाओं</strong> के प्रति सतर्कता आवश्यक है। विभाग ने लोगों से कहा है कि वे मौसम अपडेट और अलर्ट पर नजर बनाए रखें और जोखिम भरे क्षेत्रों में बिना आवश्यक कारण के न जाएँ।</p>
<h5><strong>संभावित प्रभाव</strong></h5>
<h3>1. कृषि क्षेत्र</h3>
<p>तेज हवाओं और गरज-चमक से फसलों को नुकसान पहुँच सकता है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए पूर्व तैयारी करने की सलाह दी गई है। ताज़ी बुवाई या खुले में रखी फसल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।</p>
<h3>2. यातायात</h3>
<p>तेज हवाओं और बिजली गिरने के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और आवश्यकतानुसार यात्रा स्थगित करने की सलाह दी गई है।</p>
<h3>3. शहरी क्षेत्रों में प्रभाव</h3>
<p>भोपाल, इंदौर और जबलपुर में दिन के समय गर्मी का असर महसूस होगा, लेकिन शाम तक बादलों के कारण हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। इससे शहरों में वातावरण कुछ ठंडा और उमस भरा रह सकता है।</p>
<h6><strong>नागरिकों और प्रशासन के लिए सुझाव</strong></h6>
<ul>
<li>गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले में न रहें।</li>
<li>झोंकेदार हवाओं में कमजोर संरचनाओं और पेड़ों के पास जाने से बचें।</li>
<li>किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए समय पर उपाय करने चाहिए।</li>
<li>नागरिक मौसम अपडेट और अलर्ट को लगातार फॉलो करें।</li>
<li>आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करें।</li>
</ul>
<pre><strong>18 और 19 फरवरी का मौसम अनुमान</strong></pre>
<p><strong>18 फरवरी</strong> को प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में सबसे अधिक प्रभाव देखा जाएगा। तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश होने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल संभाग में काले बादल छाए रहेंगे और तापमान में मामूली बदलाव आएगा।</p>
<p><strong>19 फरवरी</strong> को हल्की बारिश या छिटपुट बूंदाबांदी होने की संभावना है। शहरों में दिन के समय गर्मी का असर रहेगा, लेकिन शाम तक बादलों की गतिविधि के कारण हल्की बारिश की संभावना है। न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।</p>
<h2><strong>निष्कर्ष</strong></h2>
<p>MP  में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सीमित लेकिन महत्वपूर्ण है। 18 और 19 फरवरी को उत्तरी और पश्चिमी जिलों में <strong>गरज-चमक, आंधी, झोंकेदार हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश</strong> होने की संभावना है। नागरिकों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।</p>
<p>मौसम विभाग का यह अलर्ट राज्य में बदलते मौसम के प्रति सजग रहने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का संदेश देता है। विशेष रूप से 18 फरवरी को मौसम की गतिविधियों का असर सबसे अधिक रहेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Madhya Pradesh में तापमान 31°C: गर्मी की शुरुआत या सर्दी की वापसी?</title>
		<link>https://swarajvani.com/madhya-pradesh-temperature-hits-31c-k/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 06:48:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Weather]]></category>
		<category><![CDATA[February Heat 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Temperature Rise]]></category>
		<category><![CDATA[Western Disturbance]]></category>
		<category><![CDATA[Winter Return]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=306777</guid>

					<description><![CDATA[Madhya Pradesh में तापमान 31°C: सर्दी की वापसी या गर्मी की शुरुआत? मौसम के मिजाज ने मध्य प्रदेशवासियों को इन दिनों काफी चौंका दिया है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में ... <a title="Madhya Pradesh में तापमान 31°C: गर्मी की शुरुआत या सर्दी की वापसी?" class="read-more" href="https://swarajvani.com/madhya-pradesh-temperature-hits-31c-k/" aria-label="Read more about Madhya Pradesh में तापमान 31°C: गर्मी की शुरुआत या सर्दी की वापसी?">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Madhya Pradesh में तापमान 31°C: सर्दी की वापसी या गर्मी की शुरुआत?</strong></h1>
<p>मौसम के मिजाज ने मध्य प्रदेशवासियों को इन दिनों काफी चौंका दिया है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही तापमान 30-31 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जिससे लोग सोचने लगे हैं कि क्या सर्दी का मौसम खत्म हो गया है और गर्मी की शुरुआत हो गई है। वहीं, मौसम में अस्थिरता का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। घबराहट, चक्कर आना, सिरदर्द और अन्य परेशानियां बढ़ रही हैं।</p>
<h2><strong>पश्चिमी विक्षोभ और हिमालय का असर</strong></h2>
<p>मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के अंतिम दिनों में हिमालयी क्षेत्र में नए <strong>पश्चिमी विक्षोभ</strong> सक्रिय हो सकते हैं। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में ठंड और बर्फबारी का मुख्य कारण होता है। जब यह सक्रिय होता है, तो ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुँचती हैं और तापमान में गिरावट आती है।</p>
<p>इस बार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहने के कारण सर्दी अपेक्षाकृत कम पड़ी है। इसके प्रभाव से लोग समय से पहले गर्मी का अहसास महसूस कर रहे हैं। हालांकि यदि हिमालय में बर्फबारी फिर से शुरू होती है और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो मध्य प्रदेश में सर्दी का दौर लौट सकता है।</p>
<h3><strong>इस बार ठंड कम पड़ने के वैज्ञानिक कारण</strong></h3>
<p><strong>जीवाजी वेधशाला</strong> के अधीक्षक <strong>डॉ. आरपी गुप्त</strong> ने बताया कि इस बार ठंड कम पड़ने के पीछे तीन मुख्य वैज्ञानिक कारण हैं।</p>
<ol>
<li><strong>कमजोर पश्चिमी विक्षोभ:</strong> इस बार दिसंबर और जनवरी में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ नहीं आए। कमजोर विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर भारी बर्फबारी नहीं हुई और मैदानी इलाकों तक ठंडी हवाएं नहीं पहुंची।</li>
<li><strong>पहाड़ों पर कम बर्फबारी:</strong> बर्फीली हवाओं की कमी ने मैदानी इलाकों में ठंड के प्रभाव को कम कर दिया।</li>
<li><strong>स्थानीय और वैश्विक जलवायु बदलाव:</strong> पिछले वर्षों में वैश्विक तापमान में वृद्धि और स्थानीय मौसम में बदलाव के कारण ठंडी हवाओं का प्रभाव कम महसूस हुआ।</li>
</ol>
<p>इन कारणों से फरवरी के इस समय तापमान सामान्य से ऊपर जा रहा है और लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है।</p>
<h4><strong>Madhya Pradesh में वर्तमान तापमान और असर</strong></h4>
<p>फिलहाल, प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान 30-31°C तक पहुँच गया है। रात का तापमान भी अपेक्षाकृत गर्म है। जीवाजी वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, रात के तापमान में आने वाले दिनों में 2-3 डिग्री की गिरावट संभव है यदि हिमालय में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है।</p>
<p>इस बार तापमान का तेजी से बढ़ना और सर्दी का कम पड़ना लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अस्थिर मौसम के कारण लोग थकान, चक्कर, सिरदर्द और मौसमी बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<h5><strong>स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानियां</strong></h5>
<ol>
<li><strong>हाइड्रेशन बनाए रखें:</strong> बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें।</li>
<li><strong>हल्का और पौष्टिक आहार:</strong> मौसम में बदलाव के दौरान शरीर को पोषण की जरूरत बढ़ जाती है। ताजे फल, सब्जियां और हल्का भोजन मदद करता है।</li>
<li><strong>सर्दी और गर्मी दोनों के लिए तैयारी:</strong> दिन में गर्मी और रात में ठंड दोनों के लिए कपड़ों का उचित चुनाव करें।</li>
<li><strong>मौसम अपडेट्स पर ध्यान दें:</strong> वेधशाला और मौसम विभाग के अपडेट्स को नियमित देखें ताकि आवश्यक सावधानी समय पर अपनाई जा सके।</li>
</ol>
<h6><strong>भविष्य का मौसम अनुमान</strong></h6>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने के कारण गर्मी का अहसास हो रहा है। हालांकि, अगर हिमालय में बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं, तो मध्य प्रदेश में सर्दी एक बार फिर लौट सकती है।</p>
<p>इसलिए अगले कुछ हफ्तों में मौसम अस्थिर रहेगा। दिन में गर्मी और रात में ठंड दोनों का मिश्रण देखने को मिल सकता है। लोग अब मौसम की अनिश्चितता के लिए तैयार रहें।</p>
<pre><strong>किसानों और स्थानीय कृषि पर असर</strong></pre>
<p>मौसम में अनियमितता का असर कृषि पर भी पड़ता है। खेतों में तापमान के तेजी से बढ़ने या घटने से फसलों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। खासकर गेहूं और सरसों जैसी सर्दियों की फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को सिंचाई और फसल की सुरक्षा के लिए मौसम अपडेट्स के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।</p>
<h3><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p>Madhya Pradesh में फरवरी के इस समय तापमान का बढ़ना और सर्दी का कम पड़ना मौसम के असामान्य पैटर्न का संकेत है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और हिमालय में कम बर्फबारी के कारण लोगों को गर्मी जल्दी महसूस हो रही है।</p>
<p>फिर भी, हिमालय में नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में रात का तापमान घट सकता है और सर्दी का दौर लौट सकता है।</p>
<p>इसलिए मध्य प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य, पोषण और मौसम बदलाव से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अस्थिर मौसम में सतर्कता और तैयारियों के साथ रहना ही सुरक्षित विकल्प है।</p>
<p>अंततः, फिलहाल गर्मी का अहसास हो रहा है, लेकिन फरवरी के अंत तक सर्दी की वापसी भी संभव है। लोगों को मौसम की अनिश्चितताओं के लिए तैयार रहना चाहिए और मौसम विभाग के अपडेट्स पर ध्यान रखना चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Ujjain में कोहरे और ठंडी हवाओं का कहर, दिन में भी ठिठुरन महसूस</title>
		<link>https://swarajvani.com/severe-cold-returns-to-ujjain-due-to-jet-stream/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 10:55:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Ujjain]]></category>
		<category><![CDATA[Cold Wave]]></category>
		<category><![CDATA[fog]]></category>
		<category><![CDATA[Jet Stream]]></category>
		<category><![CDATA[Low Temperature]]></category>
		<category><![CDATA[Subtropical Westerly Jet]]></category>
		<category><![CDATA[Weather Alert]]></category>
		<category><![CDATA[Western Disturbance]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=300158</guid>

					<description><![CDATA[Ujjain में जेट स्ट्रीम से लौटे कड़ाके की ठंड: पारा 13.3°C पर, दिन में भी घना कोहरा Ujjain में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और शहर ... <a title="Ujjain में कोहरे और ठंडी हवाओं का कहर, दिन में भी ठिठुरन महसूस" class="read-more" href="https://swarajvani.com/severe-cold-returns-to-ujjain-due-to-jet-stream/" aria-label="Read more about Ujjain में कोहरे और ठंडी हवाओं का कहर, दिन में भी ठिठुरन महसूस">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Ujjain में जेट स्ट्रीम से लौटे कड़ाके की ठंड: पारा 13.3°C पर, दिन में भी घना कोहरा</strong></h1>
<p>Ujjain में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और शहर कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। शुक्रवार से शुरू हुए मौसम बदलाव का असर शनिवार को पूरी तरह महसूस किया गया। सुबह से ही शहर घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई और लोगों को सड़क पर आवाजाही में कठिनाई हुई। आमतौर पर कोहरा सुबह या देर रात तक सीमित रहता है, लेकिन इस बार दिन में भी इसका असर बना रहा। ठंडी हवाओं के कारण लोग दिन के समय भी ठिठुरन महसूस कर रहे हैं।</p>
<h2><strong>जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव</strong></h2>
<p>मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार इस अचानक ठंड का प्रमुख कारण पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं हैं। पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर से आई नमी के साथ बादलों की स्थिति उत्पन्न करता है, और जेट स्ट्रीम हवाओं के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। ये हवाएं सामान्यत: ऊपरी वायुमंडल में चलती हैं और ठंडी हवाओं को नीचे की सतह तक प्रभावित करती हैं, जिससे तापमान में तेज गिरावट आती है।</p>
<p>जीवाजी वेधशाला द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार गुरुवार-शुक्रवार की रात में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस था, जबकि शुक्रवार का दिन अधिकतम 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार की सुबह न्यूनतम तापमान गिरकर 13.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हवा की गति सुबह लगभग शून्य रही, लेकिन शाम को यह 6 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। आर्द्रता का स्तर भी काफी उच्च रहा; सुबह यह 89 प्रतिशत और शाम को 81 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया, जिससे हवा में ठंडक और नमी बनी रही।</p>
<h3><strong>दिन में भी कोहरे का प्रभाव</strong></h3>
<p>इस बार का मौसम बेहद असामान्य रहा क्योंकि आमतौर पर कोहरा केवल सुबह या देर रात तक ही सीमित रहता है। लेकिन Ujjain में शनिवार को दिन में भी घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़क पर आवाजाही कठिन हो गई। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई। लोग दिन में भी ठिठुरन महसूस कर रहे हैं और हल्के गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।</p>
<h4><strong>स्वास्थ्य और सावधानियां</strong></h4>
<p>ठंड और कोहरे के कारण सर्दी-जुकाम, सांस संबंधी बीमारियों और वायरल संक्रमण के मामलों में वृद्धि होने की संभावना रहती है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गर्म कपड़े पहनें, गर्म पानी का सेवन करें और संतुलित आहार लें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड और कोहरे के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इसलिए आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।</p>
<figure id="attachment_300160" aria-describedby="caption-attachment-300160" style="width: 350px" class="wp-caption aligncenter"><img fetchpriority="high" decoding="async" class=" wp-image-300160" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/03a80eab-3155-4199-aeb3-42ed0a784719_1767424647573-300x225.jpg" alt="03a80eab 3155 4199 aeb3 42ed0a784719 1767424647573" width="360" height="270" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/03a80eab-3155-4199-aeb3-42ed0a784719_1767424647573-300x225.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/03a80eab-3155-4199-aeb3-42ed0a784719_1767424647573-1024x768.jpg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/03a80eab-3155-4199-aeb3-42ed0a784719_1767424647573-768x576.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/01/03a80eab-3155-4199-aeb3-42ed0a784719_1767424647573.jpg 1199w" sizes="(max-width: 360px) 100vw, 360px" /><figcaption id="caption-attachment-300160" class="wp-caption-text">उज्जैन में कोहरे और ठंडी हवाओं का कहर, दिन में भी ठिठुरन महसूस</figcaption></figure>
<h5><strong>स्थानीय प्रतिक्रियाएं और दैनिक जीवन पर असर</strong></h5>
<p>घने कोहरे और ठंड के कारण शहर के स्कूलों, कार्यालयों और बाजारों पर भी असर पड़ा है। स्कूलों में बच्चों के लिए अतिरिक्त गर्म कपड़े और स्वेटर की व्यवस्था की गई है। कई ऑफिसों में कर्मचारियों को घर से आने-जाने में कठिनाई हो रही है। सुबह-सुबह कोहरे के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई, और कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की भी सूचना मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मौसम में स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।</p>
<h6><strong>मौसम का पूर्वानुमान</strong></h6>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर से शुरू हुए सर्दी के सीजन में यह पहला मौका है जब दिन के समय भी ठंडी हवाओं और कोहरे का इतना व्यापक असर देखा गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 2-3 दिनों तक जेट स्ट्रीम हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उज्जैन और आसपास के इलाकों में ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा। दिन में हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है और तापमान में कोई विशेष वृद्धि नहीं होगी।</p>
<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय की मौसम प्रणाली में अचानक बदलाव सामान्य हैं, लेकिन यह स्थायी नहीं होंगे। अगले सप्ताह से तापमान में धीरे-धीरे सुधार आने की संभावना है, लेकिन फिलहाल लोगों को ठंड और कोहरे के लिए तैयार रहना होगा।</p>
<pre><strong>सुरक्षा और तैयारी</strong></pre>
<p>नगर निगम और प्रशासन ने भी मौसम के इस बदलाव के लिए सतर्कता बरती है। सड़कों पर फिसलन और धुंध के कारण दुर्घटनाओं से बचने के लिए सतर्क रहने और वाहन धीमी गति से चलाने की सलाह दी गई है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट किया गया है, ताकि सर्दी से प्रभावित लोगों को समय पर इलाज मिल सके।</p>
<p>उज्जैनवासियों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। सुबह से घना कोहरा, दिन में भी ठंडी हवाएं और गिरता तापमान लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले 2-3 दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है। नागरिकों को अपनी सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की गतिविधियों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p>
<pre><strong>निष्कर्ष</strong></pre>
<p>Ujjain में लौटे इस कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने शहरवासियों के लिए अलार्म बजा दिया है। जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में लगातार गिरावट, दिन में भी कोहरे का असर, और बढ़ती आर्द्रता ने मौसम को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। विशेषज्ञ और प्रशासन दोनों ने नागरिकों से सावधान रहने, गर्म कपड़े पहनने और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। आने वाले दो से तीन दिनों तक ठंड और कोहरे का यही असर रहने की संभावना है, इसलिए उज्जैनवासियों को सुरक्षा और सतर्कता बनाए रखनी होगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बर्फीली हवाओं का असर: MP में शुरू होगा कड़ाके की ठंड का दौर</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-weather-news/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Dec 2025 06:20:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[Gwalior]]></category>
		<category><![CDATA[Indore]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Jabalpur]]></category>
		<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Ujjain]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Weather]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Weather]]></category>
		<category><![CDATA[MP Cold Wave]]></category>
		<category><![CDATA[Pachmarhi Cold]]></category>
		<category><![CDATA[Temperature Drop]]></category>
		<category><![CDATA[Western Disturbance]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=294374</guid>

					<description><![CDATA[MP में अगले दो दिनों में ठंड और तेज होने वाली है। पहाड़ों पर जारी बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान ... <a title="बर्फीली हवाओं का असर: MP में शुरू होगा कड़ाके की ठंड का दौर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-weather-news/" aria-label="Read more about बर्फीली हवाओं का असर: MP में शुरू होगा कड़ाके की ठंड का दौर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>MP</strong> में अगले दो दिनों में ठंड और तेज होने वाली है। पहाड़ों पर जारी बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 2–3 डिग्री तक और गिर सकता है। पचमढ़ी इस बार भी सबसे ठंडा रहा, जहाँ मंगलवार-बुधवार की रात तापमान 6.7°C दर्ज किया गया। नवंबर की तरह दिसंबर और जनवरी में भी कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी में 20–22 दिन तक शीतलहर चल सकती है।</p>
<p><strong>48 घंटों में तापमान में और गिरावट :</strong></p>
<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और उसके बाद बर्फ के पिघलने से उठने वाली बेहद ठंडी हवाएँ मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रही हैं।<br />
इसके कारण अगले 48 घंटों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर संभाग में रात के तापमान में 2–3°C तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है।</p>
<p>5 दिसंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, जिसका असर दो दिनों बाद MP में दिखेगा। बर्फ़ के पिघलने से बनने वाली बर्फीली हवाएँ सीधे प्रदेश तक पहुँचेंगी, जिससे इंदौर, ग्वालियर, चंबल और उज्जैन में ठिठुरन सबसे ज्यादा महसूस होगी।</p>
<p><strong>प्रदेश के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान :</strong></p>
<ul>
<li>पचमढ़ी: 6.7°C</li>
<li>कल्याणपुर (शहडोल): 7.1°C</li>
<li>उमरिया: 8.2°C</li>
<li>अमरकंटक / शाजापुर: 8.7°C</li>
<li>रीवा / नौगांव: 9°C</li>
<li>भोपाल: 9.2°C</li>
<li>इंदौर: 8.4°C</li>
<li>जबलपुर: 10.6°C</li>
<li>उज्जैन: 12°C</li>
<li>ग्वालियर: 14.6°C</li>
</ul>
<p>कई शहरों में दिन का अधिकतम तापमान भी 25°C से नीचे रहा।</p>
<p><img decoding="async" class=" wp-image-294376 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/qa516krk_weather-updates-_625x300_10_November_25-300x169.jpg" alt="qa516krk weather updates 625x300 10 November 25" width="469" height="264" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/qa516krk_weather-updates-_625x300_10_November_25-300x169.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/qa516krk_weather-updates-_625x300_10_November_25-1024x576.jpg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/qa516krk_weather-updates-_625x300_10_November_25-768x432.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/qa516krk_weather-updates-_625x300_10_November_25.jpg 1200w" sizes="(max-width: 469px) 100vw, 469px" /></p>
<p><strong>नवंबर ने तोड़े रिकॉर्ड ;</strong></p>
<p>इस वर्ष नवंबर में कड़ाके की ठंड ने वर्षों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।</p>
<ul>
<li>भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबी अवधि है।</li>
<li>17 नवंबर को भोपाल का तापमान 5.2°C तक जा गिरा—नवंबर का सर्वकालिक रिकॉर्ड।</li>
<li>इंदौर में 6.4°C, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया।</li>
</ul>
<p>मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि इस बार नवंबर की शुरुआत में ही उत्तर भारत में तेज बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे ठंडी हवाएँ जल्दी मध्यप्रदेश पहुँच गईं।</p>
<p><strong>दिसंबर–जनवरी: शीतलहर के सबसे तीखे महीने :</strong></p>
<p>जैसे जुलाई–अगस्त मानसून के सबसे सक्रिय महीने होते हैं, ठीक वैसे ही दिसंबर और जनवरी मध्यप्रदेश में ठंड के चरम माने जाते हैं।<br />
इन महीनों में:</p>
<ul>
<li>उत्तर भारत की ठंडी हवाएँ प्रदेश में गहराई तक प्रवेश करती हैं</li>
<li>दिन और रात दोनों का तापमान तेजी से गिरता है</li>
<li>सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मावठा भी गिरता है, जो ठंड बढ़ाता है</li>
</ul>
<p>मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि इस साल भी दिसंबर–जनवरी में लंबे समय तक कड़ाके की ठंड और कोल्ड वेव की स्थिति बनी रहेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
