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बर्फीली हवाओं का असर: MP में शुरू होगा कड़ाके की ठंड का दौर

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Published On: 4 December 2025
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MP में अगले दो दिनों में ठंड और तेज होने वाली है। पहाड़ों पर जारी बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 2–3 डिग्री तक और गिर सकता है। पचमढ़ी इस बार भी सबसे ठंडा रहा, जहाँ मंगलवार-बुधवार की रात तापमान 6.7°C दर्ज किया गया। नवंबर की तरह दिसंबर और जनवरी में भी कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी में 20–22 दिन तक शीतलहर चल सकती है।

48 घंटों में तापमान में और गिरावट :

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और उसके बाद बर्फ के पिघलने से उठने वाली बेहद ठंडी हवाएँ मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रही हैं।
इसके कारण अगले 48 घंटों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर संभाग में रात के तापमान में 2–3°C तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है।

5 दिसंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, जिसका असर दो दिनों बाद MP में दिखेगा। बर्फ़ के पिघलने से बनने वाली बर्फीली हवाएँ सीधे प्रदेश तक पहुँचेंगी, जिससे इंदौर, ग्वालियर, चंबल और उज्जैन में ठिठुरन सबसे ज्यादा महसूस होगी।

प्रदेश के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान :

  • पचमढ़ी: 6.7°C
  • कल्याणपुर (शहडोल): 7.1°C
  • उमरिया: 8.2°C
  • अमरकंटक / शाजापुर: 8.7°C
  • रीवा / नौगांव: 9°C
  • भोपाल: 9.2°C
  • इंदौर: 8.4°C
  • जबलपुर: 10.6°C
  • उज्जैन: 12°C
  • ग्वालियर: 14.6°C

कई शहरों में दिन का अधिकतम तापमान भी 25°C से नीचे रहा।

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नवंबर ने तोड़े रिकॉर्ड ;

इस वर्ष नवंबर में कड़ाके की ठंड ने वर्षों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।

  • भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबी अवधि है।
  • 17 नवंबर को भोपाल का तापमान 5.2°C तक जा गिरा—नवंबर का सर्वकालिक रिकॉर्ड।
  • इंदौर में 6.4°C, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया।

मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि इस बार नवंबर की शुरुआत में ही उत्तर भारत में तेज बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे ठंडी हवाएँ जल्दी मध्यप्रदेश पहुँच गईं।

दिसंबर–जनवरी: शीतलहर के सबसे तीखे महीने :

जैसे जुलाई–अगस्त मानसून के सबसे सक्रिय महीने होते हैं, ठीक वैसे ही दिसंबर और जनवरी मध्यप्रदेश में ठंड के चरम माने जाते हैं।
इन महीनों में:

  • उत्तर भारत की ठंडी हवाएँ प्रदेश में गहराई तक प्रवेश करती हैं
  • दिन और रात दोनों का तापमान तेजी से गिरता है
  • सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मावठा भी गिरता है, जो ठंड बढ़ाता है

मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि इस साल भी दिसंबर–जनवरी में लंबे समय तक कड़ाके की ठंड और कोल्ड वेव की स्थिति बनी रहेगी।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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