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	<title>Swamitva Yojana &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Swamitva Yojana &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Bhopal : स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री के नियम बदले, गलत या छिपाई गई जानकारी की जिम्मेदारी अब संपत्ति धारक की</title>
		<link>https://swarajvani.com/swamitva-yojana-registry-rules-changed-property/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Oct 2026 06:03:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal news]]></category>
		<category><![CDATA[Bhulekh Portal]]></category>
		<category><![CDATA[Demarcation]]></category>
		<category><![CDATA[Land Dispute]]></category>
		<category><![CDATA[Patwari]]></category>
		<category><![CDATA[property registration]]></category>
		<category><![CDATA[Registry Rules]]></category>
		<category><![CDATA[Swamitva Yojana]]></category>
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					<description><![CDATA[स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री के नियम बदले: गलत या छिपाई गई जानकारी की जिम्मेदारी अब संपत्ति धारक की, पटवारी की नहीं पहले पटवारी को ही माना जाता था रजिस्ट्री करने ... <a title="Bhopal : स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री के नियम बदले, गलत या छिपाई गई जानकारी की जिम्मेदारी अब संपत्ति धारक की" class="read-more" href="https://swarajvani.com/swamitva-yojana-registry-rules-changed-property/" aria-label="Read more about Bhopal : स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री के नियम बदले, गलत या छिपाई गई जानकारी की जिम्मेदारी अब संपत्ति धारक की">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री के नियम बदले: गलत या छिपाई गई जानकारी की जिम्मेदारी अब संपत्ति धारक की, पटवारी की नहीं</strong></h1>
<p><strong>पहले पटवारी को ही माना जाता था रजिस्ट्री करने वाला अधिकारी, अब पदीय हैसियत से सरकार की ओर से होगी रजिस्ट्री</strong></p>
<p><strong>Bhopal ।</strong> स्वामित्व योजना के तहत मकान या जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियम के अनुसार, यदि रजिस्ट्री से जुड़ी कोई जानकारी गलत पाई जाती है या छिपाई जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी संपत्ति धारक की होगी, पटवारी की नहीं। यही बात जमीन के पुराने विवाद की जानकारी छिपाने पर भी लागू होगी।</p>
<h2><strong>स्वामित्व योजना में पहले क्या थे नियम</strong></h2>
<p>पुरानी व्यवस्था में रजिस्ट्री से जुड़े प्रावधान कुछ इस तरह थे:</p>
<ol>
<li>रजिस्ट्री करने वाले पटवारी को ही अधिकारी बताया गया था।</li>
<li>घर के पते के कॉलम में पटवारी के घर का पता दर्ज होता था।</li>
<li>पदनाम में हर पेज पर केवल &#8220;निष्पादक&#8221; लिखा होता था।</li>
<li>जमीन का रिकॉर्ड भूलेख पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार माना जाता था।</li>
<li>नक्शा मंजूर कराए बिना निर्माण न करने की शर्त जुड़ी होती थी।</li>
<li>जानकारी छिपाने को लेकर जिम्मेदारी की अलग शर्त थी।</li>
</ol>
<h2><strong>अब क्या होगा: नए नियम एक नजर में</strong></h2>
<table style="height: 159px;" width="1291">
<thead>
<tr>
<th>बिंदु</th>
<th>पहले</th>
<th>अब</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>रजिस्ट्री करने वाला</td>
<td>पटवारी को ही अधिकारी बताया गया</td>
<td>सरकार की ओर से पदीय हैसियत से, व्यक्तिगत रूप से नहीं</td>
</tr>
<tr>
<td>पता</td>
<td>पटवारी के घर का पता</td>
<td>तहसील और कार्यक्षेत्र का नाम</td>
</tr>
<tr>
<td>पदनाम</td>
<td>केवल &#8220;निष्पादक&#8221;</td>
<td>&#8220;योजनांतर्गत अधिकृत निष्पादक अधिकारी&#8221;</td>
</tr>
<tr>
<td>रिकॉर्ड का आधार</td>
<td>भूलेख पोर्टल का रिकॉर्ड</td>
<td>रजिस्ट्री के दिन का स्वामित्व अधिकार रिकॉर्ड</td>
</tr>
<tr>
<td>नक्शा मंजूरी की शर्त</td>
<td>दस्तावेज में शामिल</td>
<td>रजिस्ट्री दस्तावेज से हटाई गई</td>
</tr>
<tr>
<td>जानकारी छिपाने पर</td>
<td>अलग शर्त के साथ जिम्मेदारी तय</td>
<td>संपत्ति धारक जिम्मेदार</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2><strong>पदीय हैसियत से होगी रजिस्ट्री</strong></h2>
<p>सबसे अहम बदलाव यह है कि अब रजिस्ट्री सरकार की ओर से पदीय हैसियत में होगी, व्यक्तिगत रूप से नहीं। दस्तावेज में अब तहसील और कार्यक्षेत्र का नाम दर्ज होगा और हर जगह &#8220;योजनांतर्गत अधिकृत निष्पादक अधिकारी&#8221; लिखा जाएगा। इससे यह साफ होता है कि रजिस्ट्री एक सरकारी प्रक्रिया के तहत हो रही है।</p>
<h2><strong>रजिस्ट्री के दिन का स्वामित्व रिकॉर्ड होगा आधार</strong></h2>
<p>अब रजिस्ट्री के दिन का स्वामित्व अधिकार रिकॉर्ड ही आधार माना जाएगा। पहले यह आधार भूलेख पोर्टल का रिकॉर्ड था। साथ ही नक्शा मंजूर कराए बिना निर्माण न करने की शर्त अब रजिस्ट्री दस्तावेज से हटा दी गई है।</p>
<h2><strong>गलत जानकारी पर किसकी जिम्मेदारी</strong></h2>
<p>नए नियम का सबसे बड़ा असर जिम्मेदारी तय करने पर पड़ेगा। मकान या जमीन से जुड़ी जानकारी गलत पाई जाने या छिपाए जाने पर संपत्ति धारक जिम्मेदार होगा। जमीन के पुराने विवाद की जानकारी छिपाने की स्थिति में भी यही नियम लागू होगा।</p>
<h2><strong>पहले से विवादित मकानों की रजिस्ट्री हुई तो क्या होगा</strong></h2>
<p>अब सवाल उठ रहा है कि नई रजिस्ट्री में तो जिम्मेदारी मकान या जमीन मालिक की होगी, लेकिन कई गांवों में जमीन की सीमाओं और मालिकाना हक को लेकर पहले से विवाद चल रहे हैं। ऐसे मामलों में क्या होगा, यह स्पष्ट नहीं है।</p>
<p>चिंता की बड़ी वजह सीमांकन का न होना है। सीमांकन न होने से यह भी साफ नहीं है कि किसकी जमीन कहां तक है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर, या पटवारी की मिलीभगत से रजिस्ट्री करा लेता है, तो विवाद की स्थिति में असली हकदार के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। इस बिंदु पर मूल सूचना अधूरी है, इसलिए प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण का इंतजार है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP का बड़ा फैसला: 48.32 लाख ग्रामीणों को मिलेगी फ्री रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना 2026 को मंजूरी</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-swamitva-yojana-free-registry-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 04:51:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Government]]></category>
		<category><![CDATA[MOHAN YADAV]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
		<category><![CDATA[Swamitva Yojana]]></category>
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					<description><![CDATA[MP का बड़ा फैसला: 48.32 लाख ग्रामीणों को मिलेगी फ्री रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना 2026 को मंजूरी MP सरकार ने ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्वामित्व ... <a title="MP का बड़ा फैसला: 48.32 लाख ग्रामीणों को मिलेगी फ्री रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना 2026 को मंजूरी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-swamitva-yojana-free-registry-update/" aria-label="Read more about MP का बड़ा फैसला: 48.32 लाख ग्रामीणों को मिलेगी फ्री रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना 2026 को मंजूरी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP </strong><strong style="font-size: inherit;" data-start="0" data-end="107" data-is-last-node="" data-is-only-node="">का बड़ा फैसला: 48.32 लाख ग्रामीणों को मिलेगी फ्री रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना 2026 को मंजूरी</strong></h1>
<div class="pointer-events-none -mt-px h-px translate-y-[calc(var(--scroll-root-safe-area-inset-bottom)-14*var(--spacing))]" aria-hidden="true"></div>
<p>MP सरकार ने ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्वामित्व योजना के तहत 48.32 लाख लोगों को उनकी निजी संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है। इस फैसले से लाखों ग्रामीणों को उनकी जमीन, मकान और दुकान पर कानूनी मालिकाना हक मिलेगा और उनकी संपत्ति अब आर्थिक रूप से भी अधिक उपयोगी बन सकेगी।</p>
<h2><strong>कैबिनेट बैठक में स्वीकृति: स्वामित्व योजना-2026 को मंजूरी</strong></h2>
<p>यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक में ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ को मंजूरी दी गई।</p>
<p>इस योजना के तहत ड्रोन सर्वे के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की संपत्तियों की पहचान की गई है। जिन लोगों को पहले अधिकार पत्र दिए जा चुके हैं, अब उनकी संपत्ति की रजिस्ट्री निशुल्क कराई जाएगी।</p>
<h3><strong>3,800 करोड़ रुपये का खर्च सरकार उठाएगी</strong></h3>
<p>MP सरकार इस पूरी योजना में लगने वाली स्टांप ड्यूटी की भरपाई स्वयं करेगी। इसके लिए लगभग 3,800 करोड़ रुपये की राशि वाणिज्यिक कर विभाग को दी जाएगी।</p>
<p>हालांकि यह एक बड़ा वित्तीय निर्णय है, लेकिन सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और लोग आर्थिक रूप से सशक्त होंगे।</p>
<h4><strong>ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा फायदा: बैंक लोन आसान होगा</strong></h4>
<p>इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब ग्रामीण अपनी संपत्ति के आधार पर आसानी से बैंक से ऋण ले सकेंगे।</p>
<p>पहले स्वामित्व योजना के तहत केवल अधिकार पत्र दिए गए थे, जिन्हें बैंक पर्याप्त दस्तावेज नहीं मानते थे। अब रजिस्ट्री होने के बाद संपत्ति पूरी तरह वैध मानी जाएगी, जिससे—</p>
<ul>
<li>गृह निर्माण के लिए लोन मिलेगा</li>
<li>व्यवसाय शुरू करना आसान होगा</li>
<li>कृषि कार्यों के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी</li>
</ul>
<h4><strong>एक साल में पूरा होगा अभियान, PM मोदी करेंगे शुरुआत</strong></h4>
<p>सरकार ने इस योजना को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाया जाएगा।</p>
<p>इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल सके।</p>
<h4><strong>निगरानी के लिए बनेगी उच्च स्तरीय समिति</strong></h4>
<p>योजना की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन करेंगे।</p>
<p>इस समिति में शामिल होंगे—</p>
<ul>
<li>महानिरीक्षक पंजीयन</li>
<li>आयुक्त कोष एवं लेखा</li>
<li>पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी</li>
<li>एमपीएसईडीसी के प्रतिनिधि</li>
</ul>
<p>यह समिति योजना की प्रगति और समस्याओं की नियमित समीक्षा करेगी।</p>
<h4><strong>कानूनी बदलाव की भी तैयारी</strong></h4>
<p>योजना को लागू करने के लिए मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 और उपकर अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।</p>
<p>इसके लिए अध्यादेश का प्रारूप भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है और वित्त विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है।</p>
<h4><strong>68 लाख अधिकार अभिलेख पहले ही तैयार</strong></h4>
<p>राज्य में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख बनाए जा चुके हैं, जिनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं।</p>
<p>हालांकि पहले इन्हें अधिकार पत्र दिए गए थे, लेकिन रजिस्ट्री न होने के कारण बैंक लोन जैसी सुविधाओं का लाभ पूरी तरह नहीं मिल पा रहा था। अब यह समस्या समाप्त हो जाएगी।</p>
<h5><strong>शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव: अब नकद नहीं, सीधे यूनिफॉर्म</strong></h5>
<p>कैबिनेट बैठक में शिक्षा से जुड़ा एक और अहम फैसला लिया गया है। अब सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को यूनिफॉर्म के लिए नकद राशि नहीं दी जाएगी।</p>
<p>इसके बजाय सरकार सीधे छात्रों को तैयार गणवेश उपलब्ध कराएगी।</p>
<h5><strong>यूनिफॉर्म वितरण प्रणाली में सुधार</strong></h5>
<p>नई व्यवस्था के तहत—</p>
<ul>
<li>यूनिफॉर्म सीधे सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी</li>
<li>टेंडर प्रक्रिया के जरिए आपूर्ति होगी</li>
<li>पाठ्यपुस्तक निगम इस प्रक्रिया को संभालेगा</li>
</ul>
<p>सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण यूनिफॉर्म मिलेगी।</p>
<h6><strong>एक साल के लिए लागू होगी नई व्यवस्था</strong></h6>
<p>फिलहाल इस योजना को एक वर्ष के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। इसके बाद इसके परिणामों के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।</p>
<pre><strong>निष्कर्ष</strong></pre>
<p>MP सरकार के ये दोनों बड़े फैसले—स्वामित्व योजना के तहत फ्री रजिस्ट्री और स्कूल यूनिफॉर्म वितरण में बदलाव—राज्य के ग्रामीण और शैक्षिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। जहां एक ओर ग्रामीणों को आर्थिक मजबूती और संपत्ति का अधिकार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर छात्रों को बेहतर और पारदर्शी सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।</p>
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