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	<title>SambalYojana &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>SambalYojana &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Sambhal 2.0 में बड़ा बदलाव: डिजिटल सिस्टम से तय होगी पात्रता, फर्जी लाभ पर संपत्ति कुर्की और FIR की तैयारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-updates-sambhal-yojana-2-0-major-rule/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 07:53:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[Sambhal 2.0 में बड़ा बदलाव: डिजिटल सिस्टम से तय होगी पात्रता, फर्जी लाभ पर संपत्ति कुर्की और FIR की तैयारी भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री Sambhal योजना 2.0 में व्यापक ... <a title="Sambhal 2.0 में बड़ा बदलाव: डिजिटल सिस्टम से तय होगी पात्रता, फर्जी लाभ पर संपत्ति कुर्की और FIR की तैयारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-updates-sambhal-yojana-2-0-major-rule/" aria-label="Read more about Sambhal 2.0 में बड़ा बदलाव: डिजिटल सिस्टम से तय होगी पात्रता, फर्जी लाभ पर संपत्ति कुर्की और FIR की तैयारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Sambhal 2.0 में बड़ा बदलाव: डिजिटल सिस्टम से तय होगी पात्रता, फर्जी लाभ पर संपत्ति कुर्की और FIR की तैयारी</strong></h1>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्यप्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री Sambhal योजना 2.0 में व्यापक बदलावों की घोषणा करते हुए इसे पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब फर्जी लाभ प्राप्त करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एफआईआर, संपत्ति कुर्की और लाभ राशि की वसूली जैसे कठोर कदम शामिल हैं। साथ ही योजना की पूरी आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया को ऑटोमेटेड सिस्टम के माध्यम से संचालित किया जाएगा।</p>
<p>यह बदलाव राज्य में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि नए सिस्टम से पात्र और अपात्र लाभार्थियों की पहचान तेज और सटीक तरीके से हो सकेगी।</p>
<h2><strong>आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, छह महीने की व्यवस्था समाप्त</strong></h2>
<p>नई व्यवस्था के तहत संबल योजना में अब छह महीने तक चलने वाली पारंपरिक आवेदन प्रक्रिया को समाप्त करने की तैयारी की गई है। इसके स्थान पर पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रिकॉर्ड और डेटाबेस आधारित सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।</p>
<p>आवेदक को समग्र पोर्टल पर परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु दर्ज करनी होगी। इसके बाद सिस्टम स्वतः ही केस को आगे प्रोसेस करेगा और आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया शुरू करेगा। इस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को कम किया जा सके।</p>
<h2><strong>सॉफ्टवेयर आधारित पात्रता निर्धारण</strong></h2>
<p>संबल 2.0 में सबसे बड़ा बदलाव पात्रता निर्धारण प्रणाली में किया गया है। अब किसी भी लाभार्थी की पात्रता का निर्णय पूरी तरह सॉफ्टवेयर आधारित सिस्टम करेगा।</p>
<p>यह सिस्टम समग्र पोर्टल, आधार डेटाबेस और अन्य सरकारी रिकॉर्ड को आपस में जोड़कर स्वतः विश्लेषण करेगा। इसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि आवेदक पात्र है या अपात्र। केवल पात्र मामलों को ही आगे आर्थिक सहायता के लिए स्वीकृत किया जाएगा।</p>
<p>इस प्रणाली का उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया को तेज, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना बताया जा रहा है।</p>
<h2><strong>फर्जी लाभ लेने वालों पर सख्त कार्रवाई</strong></h2>
<p>श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज या झूठे रिकॉर्ड के आधार पर संबल योजना का लाभ लेता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। इसके साथ ही प्राप्त की गई पूरी राशि की वसूली की जाएगी, जिसे भू-राजस्व बकाया की तरह वसूला जाएगा।</p>
<p>इसके अलावा फर्जी लाभ लेने वालों की संपत्ति कुर्क करने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त नियंत्रण रखा जा सके।</p>
<h2><strong>15 जून से शुरू होगा राज्यव्यापी वेरिफिकेशन अभियान</strong></h2>
<p>प्रदेशभर में 15 जून 2026 से व्यापक स्तर पर वेरिफिकेशन अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के दौरान सभी जिलों में संबल योजना के लाभार्थियों की जांच की जाएगी।</p>
<p>इस प्रक्रिया में ई-केवाईसी और आधार सत्यापन को अनिवार्य किया गया है। जिन लाभार्थियों द्वारा यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी, उनका पंजीयन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा।</p>
<p>यह अभियान राज्य के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और प्रत्येक लाभार्थी के रिकॉर्ड की पुनः जांच की जाएगी।</p>
<h2><strong>अपात्र लाभार्थियों को अंतिम मौका</strong></h2>
<p>सरकार ने अपात्र लाभार्थियों को 15 जून 2026 तक का समय दिया है, जिसमें वे स्वेच्छा से अपने पंजीयन को वापस ले सकते हैं। यह कदम उन लोगों को अवसर देने के लिए उठाया गया है, जिन्होंने गलती से या गलत जानकारी के आधार पर योजना का लाभ लिया हो।</p>
<p>निर्धारित समय सीमा के बाद यदि कोई व्यक्ति जांच में अपात्र पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पहले से प्राप्त लाभ की वसूली भी की जाएगी।</p>
<h2><strong>आधार और ई-केवाईसी अनिवार्य</strong></h2>
<p>नई व्यवस्था में आधार सत्यापन और ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना किसी भी लाभार्थी का पंजीयन मान्य नहीं माना जाएगा।</p>
<p>सरकार का मानना है कि डिजिटल सत्यापन प्रणाली से डुप्लीकेट और फर्जी पंजीकरणों पर रोक लगेगी और वास्तविक पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ मिलेगा।</p>
<h2><strong>भोपाल और इंदौर में 1.10 लाख कार्डों की जांच</strong></h2>
<p>शुरुआती चरण में भोपाल और इंदौर में कुल 1.10 लाख संबल कार्डों की जांच की जाएगी। इन दोनों बड़े शहरों में सबसे अधिक पंजीकृत लाभार्थी हैं, इसलिए यहां विशेष निगरानी रखी जाएगी।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, यह जांच चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में विस्तारित की जाएगी और हर जिले में रिकॉर्ड का डिजिटल मिलान किया जाएगा।</p>
<h2><strong>भू-राजस्व मॉडल पर वसूली व्यवस्था</strong></h2>
<p>सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि फर्जी लाभ के मामलों में वसूली प्रक्रिया भू-राजस्व बकाया की तरह अपनाई जाएगी। इसका मतलब है कि बकाया राशि को सख्ती से वसूला जाएगा और जरूरत पड़ने पर संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>इस व्यवस्था से सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में न हो।</p>
<h2><strong>पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस पर जोर</strong></h2>
<p>संबल 2.0 को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का उद्देश्य शासन प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। इसके तहत सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेंगे और किसी भी स्तर पर मैनुअल हस्तक्षेप सीमित होगा।</p>
<p>सरकार का दावा है कि इससे न केवल भ्रष्टाचार में कमी आएगी, बल्कि लाभार्थियों को भी समय पर सहायता मिल सकेगी।</p>
<h2><strong>प्रशासनिक तैयारी तेज</strong></h2>
<p>15 जून से शुरू होने वाले वेरिफिकेशन अभियान को लेकर श्रम विभाग ने सभी जिलों को तैयारी के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी पात्र लाभार्थी को अनावश्यक रूप से परेशानी न हो और अपात्रों की पहचान सटीक तरीके से की जाए।</p>
<h3><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p>संबल 2.0 में किए जा रहे ये बड़े बदलाव मध्यप्रदेश की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखे जा रहे हैं। डिजिटल सिस्टम, ई-केवाईसी अनिवार्यता और सख्त कार्रवाई के प्रावधानों के साथ सरकार पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।</p>
<p>हालांकि, आने वाले दिनों में राज्यव्यापी वेरिफिकेशन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लाभार्थियों की जांच और संभावित कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे यह योजना प्रशासनिक रूप से और अधिक सख्त हो जाएगी।</p>
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		<title>MP में CM मोहन यादव का श्रमिकों के लिए बड़ा तोहफा, 27 हजार परिवारों को 600 करोड़ की मदद</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-extends-benefits-to-gig-workers-for-first-time/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 May 2026 11:20:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[CM मोहन यादव का श्रमिकों को बड़ा तोहफा: MP : भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रमिकों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्रदेश के ... <a title="MP में CM मोहन यादव का श्रमिकों के लिए बड़ा तोहफा, 27 हजार परिवारों को 600 करोड़ की मदद" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-extends-benefits-to-gig-workers-for-first-time/" aria-label="Read more about MP में CM मोहन यादव का श्रमिकों के लिए बड़ा तोहफा, 27 हजार परिवारों को 600 करोड़ की मदद">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-section-id="rqyghb" data-start="101" data-end="195"><strong>CM मोहन यादव का श्रमिकों को बड़ा तोहफा:</strong></h1>
<p data-start="197" data-end="522">MP : भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रमिकों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्रदेश के 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को लगभग 600 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की। यह राशि मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।</p>
<p data-start="524" data-end="815">मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि श्रमिक वर्ग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उनका कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।</p>
<h2 data-section-id="wdmvvm" data-start="822" data-end="867"><span role="text"><strong data-start="825" data-end="867">सिंगल क्लिक से पारदर्शी वितरण व्यवस्था</strong></span></h2>
<p data-start="869" data-end="1114">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय स्थित बैठक कक्ष से डिजिटल माध्यम से यह राशि जारी की। सिंगल क्लिक प्रणाली के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया गया, जिससे किसी भी प्रकार की देरी या भ्रष्टाचार की संभावना को समाप्त किया जा सके।</p>
<p data-start="1116" data-end="1282">इस अवसर पर श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।</p>
<p data-start="1284" data-end="1432">मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग करके सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सहायता राशि सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे और बीच में किसी प्रकार की बाधा न आए।</p>
<h2 data-section-id="wsyw6b" data-start="1439" data-end="1490"><span role="text"><strong data-start="1442" data-end="1490">संबल योजना का विस्तार और नए वर्गों का समावेश</strong></span></h2>
<p data-start="1492" data-end="1641">मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बताया कि संबल योजना को और अधिक व्यापक बनाया जा रहा है। अब इस योजना में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी शामिल किया गया है।</p>
<p data-start="1643" data-end="1831">विशेष रूप से गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को पहली बार इस योजना के अंतर्गत जोड़ा गया है। ये वे श्रमिक हैं जो ऑनलाइन डिलीवरी, कैब सेवा और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्य करते हैं।</p>
<p data-start="1833" data-end="1980">सरकार का मानना है कि बदलते समय के साथ श्रम बाजार में नए प्रकार के कामकाज उभर रहे हैं, और ऐसे सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना आवश्यक है।</p>
<h2 data-section-id="1sxygr6" data-start="1987" data-end="2027"><span role="text"><strong data-start="1990" data-end="2027">3529 गिग वर्कर्स को मिला पहला लाभ</strong></span></h2>
<p data-start="2029" data-end="2193">मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत पहली बार 3529 गिग वर्कर्स को लाभ दिया गया है। उन्होंने इस पहल को ऐतिहासिक कदम बताया और विभागीय अधिकारियों की सराहना की।</p>
<p data-start="2195" data-end="2346">उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि हर पात्र श्रमिक को योजना का लाभ मिले, चाहे वह संगठित क्षेत्र में हो या असंगठित क्षेत्र में।</p>
<h2 data-section-id="1atgjh0" data-start="2353" data-end="2394"><span role="text"><strong data-start="2356" data-end="2394">श्रम स्टार रेटिंग सिस्टम की शुरुआत</strong></span></h2>
<p data-start="2396" data-end="2615">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर प्रदेश में एक नई पहल “श्रम स्टार रेटिंग” प्रणाली की भी घोषणा की। इस व्यवस्था के तहत औद्योगिक संस्थानों का मूल्यांकन श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के आधार पर किया जाएगा।</p>
<p data-start="2617" data-end="2821">जो संस्थान श्रमिक हितों का बेहतर पालन करेंगे, उन्हें श्रम स्टार रेटिंग में उच्च स्थान दिया जाएगा। इससे न केवल संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।</p>
<p data-start="2823" data-end="2929">अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्वेच्छा से इस प्रणाली को अपनाया है, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।</p>
<h2 data-section-id="19rc9u1" data-start="2936" data-end="2984"><span role="text"><strong data-start="2939" data-end="2984">श्रमिक कल्याण में समाज की भागीदारी पर जोर</strong></span></h2>
<p data-start="2986" data-end="3101">मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के कल्याण में केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज और नागरिकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है।</p>
<p data-start="3103" data-end="3283">उन्होंने अपील की कि लोग ऐसे प्रतिष्ठानों और कंपनियों से उत्पाद खरीदें, जो श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण का ध्यान रखते हैं। इससे एक बेहतर और जिम्मेदार औद्योगिक वातावरण विकसित होगा।</p>
<h2 data-section-id="moy3px" data-start="3290" data-end="3350"><span role="text"><strong data-start="3293" data-end="3350">केंद्र और राज्य सरकार की श्रम संहिताओं का कार्यान्वयन</strong></span></h2>
<p data-start="3352" data-end="3482">मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई 4 नई श्रम संहिताओं को राज्य सरकार भी लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है।</p>
<p data-start="3484" data-end="3586">इन संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को अधिक सुरक्षा, बेहतर वेतन संरचना और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।</p>
<p data-start="3588" data-end="3704">उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इन सभी योजनाओं और संहिताओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचे।</p>
<h2 data-section-id="b1mtnl" data-start="3711" data-end="3742"><span role="text"><strong data-start="3714" data-end="3742">संबल योजना की उपलब्धियां</strong></span></h2>
<p data-start="3744" data-end="3864">श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू हुई संबल योजना आज एक बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना बन चुकी है।</p>
<p data-start="3866" data-end="3872">अब तक:</p>
<ul data-start="3874" data-end="4041">
<li data-section-id="i1d7xw" data-start="3874" data-end="3921">1.83 करोड़ श्रमिक इस योजना से जुड़ चुके हैं</li>
<li data-section-id="a1idw4" data-start="3922" data-end="3976">8.27 लाख से अधिक प्रकरणों में सहायता दी जा चुकी है</li>
<li data-section-id="k6qxn" data-start="3977" data-end="4041">लगभग 7720 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों को प्रदान की गई है</li>
</ul>
<p data-start="4043" data-end="4128">यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना ने प्रदेश में श्रमिकों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।</p>
<h2 data-section-id="1p9aq0h" data-start="4135" data-end="4182"><span role="text"><strong data-start="4138" data-end="4182">बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना</strong></span></h2>
<p data-start="4184" data-end="4320">मुख्यमंत्री ने संबल योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों की भी सराहना की। इनमें बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगोन शामिल हैं।</p>
<p data-start="4322" data-end="4450">उन्होंने अन्य जिलों से भी अपील की कि वे इस दिशा में अधिक सक्रियता दिखाएं और श्रमिकों को समय पर लाभ पहुंचाने में कोई देरी न करें।</p>
<h2 data-section-id="gqg552" data-start="4457" data-end="4493"><span role="text"><strong data-start="4460" data-end="4493">सेवानिवृत्त अधिकारी को सम्मान</strong></span></h2>
<p data-start="4495" data-end="4641">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के अपर सचिव संजय कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति पर शुभकामनाएं दीं और उनके सेवाकाल के योगदान की सराहना की।</p>
<p data-start="4643" data-end="4739">उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का योगदान योजनाओं को सफल बनाने में बेहद महत्वपूर्ण होता है।</p>
<h2 data-section-id="1tdbpju" data-start="4746" data-end="4795"><span role="text"><strong data-start="4749" data-end="4795">श्रमिकों के जीवन में बदलाव की दिशा में कदम</strong></span></h2>
<p data-start="4797" data-end="4903">सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि श्रमिकों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाना है।</p>
<p data-start="4905" data-end="5047">संबल योजना, श्रम स्टार रेटिंग और गिग वर्कर्स को शामिल करने जैसी पहलों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार श्रमिकों के भविष्य को लेकर गंभीर है।</p>
<h2 data-section-id="1t8v8tz" data-start="5054" data-end="5069"><span role="text"><strong data-start="5057" data-end="5069">निष्कर्ष</strong></span></h2>
<p data-start="5071" data-end="5248">मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा घोषित 600 करोड़ रुपये की यह सहायता राशि न केवल एक आर्थिक मदद है, बल्कि यह श्रमिक वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।</p>
<p data-start="5250" data-end="5421">संबल योजना के विस्तार, गिग वर्कर्स को शामिल करने और श्रम स्टार रेटिंग जैसी नई पहलों के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार श्रमिक कल्याण की दिशा में एक मजबूत मॉडल विकसित कर रही है।</p>
<p data-start="5423" data-end="5552" data-is-last-node="" data-is-only-node="">यह कदम राज्य में सामाजिक सुरक्षा, पारदर्शिता और श्रमिक सम्मान को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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