CM मोहन यादव का श्रमिकों को बड़ा तोहफा:
MP : भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रमिकों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्रदेश के 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को लगभग 600 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की। यह राशि मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि श्रमिक वर्ग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उनका कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सिंगल क्लिक से पारदर्शी वितरण व्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय स्थित बैठक कक्ष से डिजिटल माध्यम से यह राशि जारी की। सिंगल क्लिक प्रणाली के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया गया, जिससे किसी भी प्रकार की देरी या भ्रष्टाचार की संभावना को समाप्त किया जा सके।
इस अवसर पर श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग करके सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सहायता राशि सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे और बीच में किसी प्रकार की बाधा न आए।
संबल योजना का विस्तार और नए वर्गों का समावेश
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बताया कि संबल योजना को और अधिक व्यापक बनाया जा रहा है। अब इस योजना में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी शामिल किया गया है।
विशेष रूप से गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को पहली बार इस योजना के अंतर्गत जोड़ा गया है। ये वे श्रमिक हैं जो ऑनलाइन डिलीवरी, कैब सेवा और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्य करते हैं।
सरकार का मानना है कि बदलते समय के साथ श्रम बाजार में नए प्रकार के कामकाज उभर रहे हैं, और ऐसे सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना आवश्यक है।
3529 गिग वर्कर्स को मिला पहला लाभ
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत पहली बार 3529 गिग वर्कर्स को लाभ दिया गया है। उन्होंने इस पहल को ऐतिहासिक कदम बताया और विभागीय अधिकारियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि हर पात्र श्रमिक को योजना का लाभ मिले, चाहे वह संगठित क्षेत्र में हो या असंगठित क्षेत्र में।
श्रम स्टार रेटिंग सिस्टम की शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर प्रदेश में एक नई पहल “श्रम स्टार रेटिंग” प्रणाली की भी घोषणा की। इस व्यवस्था के तहत औद्योगिक संस्थानों का मूल्यांकन श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के आधार पर किया जाएगा।
जो संस्थान श्रमिक हितों का बेहतर पालन करेंगे, उन्हें श्रम स्टार रेटिंग में उच्च स्थान दिया जाएगा। इससे न केवल संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्वेच्छा से इस प्रणाली को अपनाया है, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
श्रमिक कल्याण में समाज की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के कल्याण में केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज और नागरिकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अपील की कि लोग ऐसे प्रतिष्ठानों और कंपनियों से उत्पाद खरीदें, जो श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण का ध्यान रखते हैं। इससे एक बेहतर और जिम्मेदार औद्योगिक वातावरण विकसित होगा।
केंद्र और राज्य सरकार की श्रम संहिताओं का कार्यान्वयन
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई 4 नई श्रम संहिताओं को राज्य सरकार भी लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है।
इन संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को अधिक सुरक्षा, बेहतर वेतन संरचना और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इन सभी योजनाओं और संहिताओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचे।
संबल योजना की उपलब्धियां
श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू हुई संबल योजना आज एक बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना बन चुकी है।
अब तक:
- 1.83 करोड़ श्रमिक इस योजना से जुड़ चुके हैं
- 8.27 लाख से अधिक प्रकरणों में सहायता दी जा चुकी है
- लगभग 7720 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों को प्रदान की गई है
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना ने प्रदेश में श्रमिकों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना
मुख्यमंत्री ने संबल योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों की भी सराहना की। इनमें बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगोन शामिल हैं।
उन्होंने अन्य जिलों से भी अपील की कि वे इस दिशा में अधिक सक्रियता दिखाएं और श्रमिकों को समय पर लाभ पहुंचाने में कोई देरी न करें।
सेवानिवृत्त अधिकारी को सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के अपर सचिव संजय कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति पर शुभकामनाएं दीं और उनके सेवाकाल के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का योगदान योजनाओं को सफल बनाने में बेहद महत्वपूर्ण होता है।
श्रमिकों के जीवन में बदलाव की दिशा में कदम
सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि श्रमिकों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाना है।
संबल योजना, श्रम स्टार रेटिंग और गिग वर्कर्स को शामिल करने जैसी पहलों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार श्रमिकों के भविष्य को लेकर गंभीर है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा घोषित 600 करोड़ रुपये की यह सहायता राशि न केवल एक आर्थिक मदद है, बल्कि यह श्रमिक वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
संबल योजना के विस्तार, गिग वर्कर्स को शामिल करने और श्रम स्टार रेटिंग जैसी नई पहलों के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार श्रमिक कल्याण की दिशा में एक मजबूत मॉडल विकसित कर रही है।
यह कदम राज्य में सामाजिक सुरक्षा, पारदर्शिता और श्रमिक सम्मान को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
