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	<title>M &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>M &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Jaora में लायन्स क्लब के पूर्वाध्यक्ष रमेशचंद्र मेहता का नेत्रदान, दो जिंदगियों को मिली रोशनी</title>
		<link>https://swarajvani.com/jaora-eyes-of-former-lions-club-president-rames/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 10:33:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[&#160; Jaora में लायन्स क्लब के पूर्वाध्यक्ष रमेशचंद्र मेहता का नेत्रदान, दो जिंदगियों को मिली रोशनी मेहता परिवार का अनुकरणीय निर्णय, लायन्स क्लब ने भेंट किया प्रशस्ति पत्र Jaora (निप्र)। ... <a title="Jaora में लायन्स क्लब के पूर्वाध्यक्ष रमेशचंद्र मेहता का नेत्रदान, दो जिंदगियों को मिली रोशनी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jaora-eyes-of-former-lions-club-president-rames/" aria-label="Read more about Jaora में लायन्स क्लब के पूर्वाध्यक्ष रमेशचंद्र मेहता का नेत्रदान, दो जिंदगियों को मिली रोशनी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h2 dir="ltr"><strong>Jaora में लायन्स क्लब के पूर्वाध्यक्ष रमेशचंद्र मेहता का नेत्रदान, दो जिंदगियों को मिली रोशनी</strong></h2>
<p dir="ltr"><strong>मेहता परिवार का अनुकरणीय निर्णय, लायन्स क्लब ने भेंट किया प्रशस्ति पत्र</strong></p>
<p dir="ltr">Jaora (निप्र)। दुख की घड़ी में मेहता परिवार ने मिसाल कायम की है। परिवार के पितृ पुरुष, लायन्स क्लब जावरा के पूर्वाध्यक्ष और समर्पित समाजसेवी ला. रमेशचंद्र मेहता के देहावसान पर परिवार ने उनका नेत्रदान कराने का साहसिक निर्णय लिया। इस पुनीत कार्य से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी का मार्ग खुला है। लायन्स नेत्र चिकित्सालय का शुभारंभ 1996 में उनके ही अध्यक्षीय कार्यकाल में हुआ था।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>जीवनपर्यंत सेवा को समर्पित</strong></h3>
<p dir="ltr">स्व. मेहता शासकीय सेवा में रहते हुए भी लायन्स क्लब जावरा और लायन्स नेत्र चिकित्सालय के माध्यम से निरंतर जनसेवा करते रहे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे प्रतिदिन अस्पताल पहुंचकर निस्वार्थ भाव से सेवाएं देते थे। वे स्व. झमकलाल मेहता के ज्येष्ठ पुत्र थे।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>परिवार की सराहनीय सहमति</strong></h3>
<p dir="ltr">उनके निधन के बाद धर्मपत्नी श्रीमती रमा मेहता, पुत्र मनीष मेहता (लालू) और पुखराज, सुभाषचंद्र, सुनील, शैलेंद्र, गौरव, दीपक, आकाश, निखिलेश, अंकित, अर्पित, आदर्श सहित परिवार के सदस्यों और पौत्रियों ईश्वी व ध्वनी ने एकमत होकर नेत्रदान की सहमति दी।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>लायन्स क्लब ने भेंट किया प्रशस्ति पत्र</strong></h3>
<p dir="ltr">लायन्स क्लब जावरा ने परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और प्रशस्ति पत्र सौंपा। प्रशस्ति पत्र सचिव संदीप रांका, पूर्वाध्यक्ष अनिल धारीवाल व अनिल काला, वरिष्ठ लायन नरेंद्र विनायका, रेडक्रॉस सोसाइटी चेयरमैन वीरेंद्र सिसोदिया और संजय रुनवाल ने प्रदान किया।</p>
<p dir="ltr">लायन्स नेत्र चिकित्सालय के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. यश हाड़ा और सहायक अजय प्रजापत, पूरण सिंह राजपूत व अर्जुन ने नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न कराई।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि सभा</strong></h3>
<p dir="ltr">अंतिम यात्रा से पहले लायन्स क्लब पदाधिकारियों ने राजेंद्र कॉम्प्लेक्स स्थित निवास पर पहुंचकर पार्थिव देह पर शॉल और पुष्पमालाएं अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आनंदी हनुमान श्मशान घाट पर पुत्र मनीष मेहता और परिजनों ने मुखाग्नि दी।</p>
<p dir="ltr">श्रद्धांजलि सभा में लायन्स क्लब से सजीवर्गिस, नगर पालिका उपाध्यक्ष सुशील कोचट्टा, साधुमार्गी जैन जवाहर संघ सचिव राजेश संघवी, अभय भंडारी, अन्नक्षेत्र जनकल्याण समिति अध्यक्ष चंद्रप्रकाश ओस्तवाल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एच.एस. राठौड़, कर सलाहकार यश जैन और वीरेंद्र सिसोदिया ने विचार रखे।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>ये रहे उपस्थित</strong></h3>
<p dir="ltr">साधुमार्गी जैन जवाहर संघ अध्यक्ष पंकज कांठेड़, लायन्स क्लब अध्यक्ष सुधीर जैन, पुखराज पटवा, प्रकाश मेहरा, राकेश मेहता, अभय चोपड़ा, कमल नाहटा, प्रदीप शर्मा, विपिन चौरड़िया, सुभाष टूकड़ीया, अजय सकलेचा, डॉ. आर.एन. मंडवारिया, विजय पामेचा, घनश्याम रामनानी, राजेन्द्र गर्ग, रविन्द्र श्रोत्रिय, बालमुकुंद गर्ग, रजत सोनी, पवन मोदी, अनूप शर्मा, शेखर नाहर, महेंद्र संचेती, सुदेश खारीवाल, डॉ. अजय राठौड़, डॉ. प्रकाश उपाध्याय, डॉ. अतुल मंडवारिया, हेमंत ठक्कर, आलोक बरैया, अजय पटवा, राजेश पोखरना, राजीव लुक्कड़, मनीष पोखरना, दीपक पोरवाल, पंकज थावरिया, चिराग कांठेड़, गगन सिंघल, अस्पताल प्रबंधक जे.पी. श्रीवास्तव, विपुल पंवार, दिनेश चौहान सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक और लायन्स परिवार के सदस्य।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूपीआई पर एमडीआर के विरोध में नागदा के व्यापारियों ने बांधी काली पट्टी, प्रतिष्ठानों पर लगाए पोस्टर</title>
		<link>https://swarajvani.com/nagda-traders-protest-proposed-upi-mdr-call-for-no-upi-day-on-septembe/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 05:45:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Digital Payments]]></category>
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					<description><![CDATA[यूपीआई पर एमडीआर के विरोध में नागदा के व्यापारियों ने बांधी काली पट्टी, प्रतिष्ठानों पर लगाए पोस्टर व्यापारी महासंघ ने 23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’ में शामिल होने की ... <a title="यूपीआई पर एमडीआर के विरोध में नागदा के व्यापारियों ने बांधी काली पट्टी, प्रतिष्ठानों पर लगाए पोस्टर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/nagda-traders-protest-proposed-upi-mdr-call-for-no-upi-day-on-septembe/" aria-label="Read more about यूपीआई पर एमडीआर के विरोध में नागदा के व्यापारियों ने बांधी काली पट्टी, प्रतिष्ठानों पर लगाए पोस्टर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>यूपीआई पर एमडीआर के विरोध में नागदा के व्यापारियों ने बांधी काली पट्टी, प्रतिष्ठानों पर लगाए पोस्टर</strong></h1>
<p><strong>व्यापारी महासंघ ने 23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’ में शामिल होने की अपील की; ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यापारी भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर जताई चिंता</strong></p>
<p><strong>नागदा | जीवनलाल जैन की रिपोर्ट</strong></p>
<p>दो हजार रुपये से अधिक के चुनिंदा यूपीआई व्यापारी भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने के निर्णय के विरोध में व्यापारी महासंघ नागदा ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। मंगलवार को महासंघ के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। एप्रोच रोड स्थित सकलेचा सुपर बाजार में जागरूकता पोस्टर का विमोचन करने के बाद नगर के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर पोस्टर लगाए गए।</p>
<p>महासंघ ने व्यापारियों से 23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’ में शामिल होने और उस दिन यूपीआई या क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि प्रस्तावित शुल्क से प्रभावित व्यापारियों की भुगतान लागत बढ़ेगी और उसका असर कारोबार तथा ग्राहकों पर पड़ सकता है।</p>
<h2><strong>पोस्टरों के जरिए व्यापारियों और ग्राहकों तक पहुंचाएंगे संदेश</strong></h2>
<p>व्यापारी महासंघ के अनुसार, पोस्टर अभियान का उद्देश्य भुगतान शुल्क से जुड़ी जानकारी व्यापारियों और ग्राहकों तक पहुंचाना तथा विरोध कार्यक्रम के लिए समर्थन जुटाना है। महासंघ के पदाधिकारी नगर के प्रमुख बाजारों में जाकर व्यापारियों से संपर्क कर रहे हैं।</p>
<p>संगठन ने बताया कि कपड़ा, तेल, किराना, जनरल स्टोर, हार्डवेयर, मेडिकल, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, ऑटोमोबाइल, स्टेशनरी, बर्तन, नमकीन और मिठाई की दुकानों पर पोस्टर लगाए जाएंगे। इसके अलावा रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, सब्जी विक्रेताओं, सुपर बाजारों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक भी अभियान पहुंचाने की योजना है।</p>
<h2><strong>शुल्क का बोझ ग्राहकों तक पहुंचने की आशंका जताई</strong></h2>
<p>महासंघ अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों को पहले से आयकर और वस्तु एवं सेवा कर संबंधी दायित्वों का पालन करना पड़ता है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगने से उनकी लागत बढ़ सकती है। उनके अनुसार, व्यापारी इस अतिरिक्त लागत को अपने स्तर पर वहन करें या वस्तुओं और सेवाओं की कीमत में समायोजित करें, दोनों ही स्थितियों को लेकर चिंता है।</p>
<p>हालांकि, <strong>एमडीआर को तीसरा सरकारी टैक्स कहना सही नहीं होगा।</strong> यह भुगतान सेवा से जुड़ा शुल्क है। आयकर, बिक्री पर लगने वाला जीएसटी और एमडीआर अलग-अलग प्रकृति के दायित्व हैं। संगठन ने इस शुल्क के संभावित आर्थिक प्रभाव पर आपत्ति जताई है।</p>
<h2><strong>किन यूपीआई भुगतानों की हो रही है चर्चा?</strong></h2>
<p>व्यापारी महासंघ की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, चर्चा ₹2,000 से अधिक के <em>चुनिंदा व्यापारी भुगतानों</em> पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर को लेकर है। संगठन ने बताया कि ₹75,000 या उससे अधिक के पात्र लेनदेन पर शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन रखी गई है। छोटे व्यापारियों की निर्धारित श्रेणियों के लिए शून्य एमडीआर व्यवस्था की बात भी कही गई है।</p>
<p>इसका अर्थ यह नहीं है कि ₹2,000 से अधिक के हर यूपीआई भुगतान पर ग्राहक से शुल्क लिया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति को भेजे जाने वाले भुगतान और व्यापारी को किए जाने वाले भुगतान अलग श्रेणियां हैं। शुल्क से जुड़ी चर्चा चुनिंदा व्यापारी लेनदेन के संदर्भ में है। महासंघ ने इन्हीं प्रावधानों को लेकर व्यापारियों के बीच जागरूकता बढ़ाने की बात कही है।</p>
<h2><strong>23 सितंबर को भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपील</strong></h2>
<p>दिनेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश स्तर पर किए गए ‘नो यूपीआई डे’ के आह्वान के समर्थन में नागदा के व्यापारी भी विरोध दर्ज कराएंगे। महासंघ ने व्यापारियों से अपील की है कि वे 23 सितंबर को यूपीआई और क्यूआर स्कैन से भुगतान स्वीकार नहीं करें। संगठन इस अभियान के माध्यम से शुल्क संबंधी अपनी आपत्ति जिम्मेदार पक्षों तक पहुंचाना चाहता है।</p>
<p>महासंघ के सचिव रमेश मेहता और कोषाध्यक्ष अंकित सेठिया ने बताया कि पोस्टर लगाने का अभियान आने वाले दिनों में नगर के अन्य व्यापारिक क्षेत्रों में भी जारी रहेगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे शुल्क के प्रावधानों की जानकारी लें और संगठन के कार्यक्रम में भागीदारी पर विचार करें।</p>
<h2><strong>विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद</strong></h2>
<p>पोस्टर विमोचन और जागरूकता अभियान के दौरान अमित ओझा, दूध व्यापारी अध्यक्ष रमेश चंद्रपाल, ऑटो डील अध्यक्ष गोपाल सलूजा, डिस्पोजल संघ अध्यक्ष बृजमोहन टॉक, खाद-बीज संघ अध्यक्ष आशीष कोठारी, विकास सिनदल, सज्जन सिंह शेखावत, वीरेंद्र जैन, दुर्गेश नागर, सुशील सकलेचा, नवीन पोरवाल, शिवनारायण सोलंकी, दिलीप औरा, अनिल पोरवाल, रणछोड़ राठी तथा पेट्रोल पंप अध्यक्ष बद्रीलाल पोरवाल सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों के व्यापारी उपस्थित रहे।</p>
<p>महासंघ ने ‘व्यापारी एकता जिंदाबाद’ और ‘मजबूत व्यापारी, मजबूत भारत’ के संदेश के साथ अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही। संगठन का कहना है कि वह अधिक से अधिक व्यापारियों को प्रस्तावित शुल्क और 23 सितंबर के विरोध कार्यक्रम की जानकारी देगा।</p>
<p><strong>संपादकीय तथ्य-जांच:</strong> उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार चुनिंदा यूपीआई व्यापारी लेनदेन पर एमडीआर की शुरुआत <strong>15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित</strong> है। इसलिए खबर में इसे 23 सितंबर से सभी ₹2,000 से अधिक भुगतानों पर लागू शुल्क नहीं बताया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रोक के बावजूद मनमाने आकार के पैकेट में बिक रहा खाद्य तेल, उपभोक्ताओं के भ्रमित होने का खतरा</title>
		<link>https://swarajvani.com/cooking-oil-still-sold-in-arbitrary-pack-sizes-despite-ban-from-september-1/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 06:49:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Consumer Affairs Ministry]]></category>
		<category><![CDATA[Consumer Awareness]]></category>
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					<description><![CDATA[रोक के बावजूद मनमाने आकार के पैकेट में बिक रहा खाद्य तेल, उपभोक्ताओं के भ्रमित होने का खतरा एक सितंबर से केवल नौ मानक आकारों में खाद्य तेल बेचने का ... <a title="रोक के बावजूद मनमाने आकार के पैकेट में बिक रहा खाद्य तेल, उपभोक्ताओं के भ्रमित होने का खतरा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/cooking-oil-still-sold-in-arbitrary-pack-sizes-despite-ban-from-september-1/" aria-label="Read more about रोक के बावजूद मनमाने आकार के पैकेट में बिक रहा खाद्य तेल, उपभोक्ताओं के भ्रमित होने का खतरा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>रोक के बावजूद मनमाने आकार के पैकेट में बिक रहा खाद्य तेल, उपभोक्ताओं के भ्रमित होने का खतरा</strong></h1>
<h2><strong>एक सितंबर से केवल नौ मानक आकारों में खाद्य तेल बेचने का नियम लागू, इंदौर के बाजार में अब भी 800, 840 और 870 ग्राम वाले पैकेट मौजूद</strong></h2>
<p><strong>इंदौर।</strong> खाद्य तेल को मनमाने आकार के पैकेट में बेचने पर एक सितंबर 2026 से रोक लग चुकी है, लेकिन इंदौर के बाजार में नए नियम का प्रभाव पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा है। छोटी किराना दुकानों से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक अब भी अलग-अलग मात्रा वाले खाद्य तेल के पैकेट बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें 800 ग्राम, 840 ग्राम और 870 ग्राम जैसे पैकेट शामिल हैं।</p>
<p>उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने खाद्य तेल की पैकिंग के लिए नौ मानक आकार निर्धारित किए हैं। आदेश लागू होने से पहले तेल उत्पादक कंपनियों और कारोबारियों को पुराने स्टॉक के निपटारे तथा नई व्यवस्था अपनाने के लिए करीब तीन महीने का समय भी दिया गया था। इसके बावजूद सितंबर का आधा महीना बीतने के बाद बाजार में अमानक आकार वाले पैकेट दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p>त्योहारी सीजन नजदीक होने के कारण खाद्य तेल की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पुराने और मनमाने आकार के पैकेट बाजार में बने रहने से उपभोक्ताओं के भ्रमित होने का खतरा भी बढ़ गया है।</p>
<h2><strong>एक जैसे पैकेट, लेकिन मात्रा में बड़ा अंतर</strong></h2>
<p>पिछले कुछ वर्षों के दौरान खाद्य तेल कंपनियां अपनी सुविधा और कारोबारी रणनीति के अनुसार अलग-अलग मात्रा के पैकेट बाजार में उतार रही थीं। कई कंपनियों ने 800 ग्राम, 840 ग्राम, 850 ग्राम, 870 ग्राम और 900 मिलीलीटर जैसे आकारों में तेल बेचना शुरू कर दिया था।</p>
<p>इन पैकेटों का बाहरी आकार प्रायः एक लीटर या एक किलोग्राम वाले पैकेट जैसा दिखाई देता है। सामान्य उपभोक्ता पैकेट पर छपी वास्तविक मात्रा को ध्यान से देखे बिना केवल कीमत के आधार पर खरीदारी कर लेता है। कम कीमत देखकर ग्राहक को उत्पाद सस्ता लगता है, लेकिन प्रति लीटर या प्रति किलोग्राम लागत निकालने पर वही पैकेट अधिक महंगा पड़ सकता है।</p>
<p>उदाहरण के तौर पर, एक लीटर और 870 ग्राम के पैकेट में केवल कीमत की तुलना करना सही नहीं होगा। दोनों में मौजूद तेल की मात्रा अलग होने के कारण उपभोक्ता को प्रति इकाई मूल्य देखकर ही वास्तविक अंतर समझना चाहिए।</p>
<h2><strong>खाद्य तेल के लिए निर्धारित किए गए नौ मानक आकार</strong></h2>
<p>उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने जून 2026 में आदेश जारी कर खाद्य तेल के लिए पैकेट के निश्चित आकार निर्धारित किए थे। एक सितंबर से तेल को निम्नलिखित मात्राओं में पैक कर बेचा जाना है—</p>
<ul>
<li>200 मिलीलीटर या ग्राम</li>
<li>500 मिलीलीटर या ग्राम</li>
<li>एक लीटर या किलोग्राम</li>
<li>दो लीटर या किलोग्राम</li>
<li>तीन लीटर या किलोग्राम</li>
<li>चार लीटर या किलोग्राम</li>
<li>पांच लीटर या किलोग्राम</li>
<li>15 लीटर या किलोग्राम</li>
<li>20 लीटर या किलोग्राम</li>
</ul>
<p>बताया गया है कि 200 ग्राम या मिलीलीटर से कम मात्रा की पैकिंग पर यह मानक व्यवस्था लागू नहीं होगी। निर्धारित आकारों का उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता लाना और विभिन्न कंपनियों के उत्पादों की कीमत तथा मात्रा की तुलना उपभोक्ताओं के लिए आसान बनाना है।</p>
<h2><strong>सरकार ने दिया था तीन महीने का समय</strong></h2>
<p>नियम लागू करने से पहले सरकार ने खाद्य तेल उद्योग को अपनी पैकिंग व्यवस्था में बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय दिया था। कंपनियों को पुराने आकारों में पैकिंग बंद करने और उपलब्ध स्टॉक का निपटारा करने का अवसर मिला। इसके बाद भी बाजार में अमानक पैकेटों का मौजूद होना निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करता है।</p>
<p>कारोबारियों का कहना है कि अगस्त तक बड़ी मात्रा में तेल पुराने आकार वाले पैकेटों में पैक किया गया था। तेल मिलों, वितरकों और दुकानदारों के गोदामों में इसका स्टॉक अब भी मौजूद है। इसी कारण बाजार से ऐसे पैकेट पूरी तरह समाप्त होने में समय लग रहा है।</p>
<p>हालांकि यह भी स्पष्ट होना आवश्यक है कि पुराने स्टॉक को बेचने के लिए कोई अतिरिक्त अवधि दी गई है या नहीं। नियम लागू होने के बाद बनने वाले नए अमानक पैकेटों पर कार्रवाई की बात कही गई है।</p>
<h2><strong>इंदौर के बाजार में अब भी बिक रहे अमानक पैकेट</strong></h2>
<p>इंदौर के विभिन्न बाजारों और शॉपिंग मॉल में एक लीटर वाले पैकेटों के साथ 800 ग्राम, 840 ग्राम और 870 ग्राम वाले खाद्य तेल के पैकेट रखे दिखाई दिए। बड़े मॉल में नए मानकों का पालन जल्द शुरू होने की संभावना है, लेकिन छोटे दुकानदारों के पास पुराने पैकेट लंबे समय तक बने रह सकते हैं।</p>
<p>त्योहारी सीजन में खाद्य तेल की बिक्री बढ़ जाती है। यदि उपभोक्ता पैकेट पर लिखी मात्रा और प्रति इकाई कीमत की तुलना किए बिना खरीदारी करता है तो वह कम मात्रा वाले पैकेट को सस्ता समझकर खरीद सकता है। इससे उसके घरेलू बजट पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है।</p>
<h2><strong>तेल उद्योग ने भी मानक पैकिंग की मांग की थी</strong></h2>
<p>द साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. बीवी मेहता के अनुसार, तेल उद्योग के प्रतिनिधियों ने भी सरकार के साथ हुई बैठकों में पैकिंग के मानक आकार तय करने की मांग की थी। अलग-अलग मात्राओं में लगभग एक जैसे दिखाई देने वाले पैकेटों के कारण उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों की सही तुलना करना कठिन हो रहा था।</p>
<p>उनका कहना है कि बाजार में फिलहाल दिखाई दे रहे अमानक आकार वाले पैकेट पुराने स्टॉक का हिस्सा हो सकते हैं। पहले से पैक माल पूरी तरह समाप्त होने में कुछ समय लग सकता है। मानक पैकिंग व्यवस्था लागू होने के बाद कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है।</p>
<h2><strong>अमानक पैकिंग मिलने पर होगी कार्रवाई</strong></h2>
<p>नापतौल विभाग के संयुक्त संचालक संजय पाटनकर के अनुसार, तेल मिलों के पास पैकिंग का पर्याप्त स्टॉक रहता है। कंपनियों को पुराने स्टॉक के निपटारे के लिए समय दिया गया था। विभाग अब बाजार में जांच शुरू करेगा। यदि किसी स्थान पर निर्धारित नियमों के विरुद्ध नए अमानक पैकेट तैयार करने या बेचने का मामला मिलता है तो संबंधित कारोबारी अथवा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2><strong>खरीदारी के समय इन बातों का रखें ध्यान</strong></h2>
<p>उपभोक्ताओं को खाद्य तेल खरीदते समय केवल पैकेट का आकार या उस पर अंकित कुल कीमत नहीं देखनी चाहिए। पैकेट पर लिखी शुद्ध मात्रा, निर्माण अथवा पैकिंग की तारीख, अधिकतम खुदरा मूल्य और प्रति यूनिट कीमत की जांच जरूरी है। कम कीमत वाला पैकेट हमेशा सस्ता हो, यह आवश्यक नहीं है।</p>
<p>मानक आकारों में तेल की बिक्री शुरू होने से अलग-अलग ब्रांड की तुलना आसान होगी। हालांकि इसका पूरा लाभ तभी मिल सकेगा, जब बाजार से पुराने अमानक पैकेट हटें और संबंधित विभाग नियमित जांच कर नियम का पालन सुनिश्चित करे।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>दृष्टिकोण बदलते ही बदल जाती है जीवन की दिशा : मुनिश्री सुधासागर</title>
		<link>https://swarajvani.com/a-change-in-perspective-can-transform-the-direction-of-life-muni-sudhasagar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:43:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दृष्टिकोण बदलते ही बदल जाती है जीवन की दिशा : मुनिश्री सुधासागर बोले—धन मिले तो अहंकार नहीं, विवेक बढ़ना चाहिए; सामर्थ्य का उपयोग आत्मकल्याण, सेवा और धर्म में करें संवाददाता ... <a title="दृष्टिकोण बदलते ही बदल जाती है जीवन की दिशा : मुनिश्री सुधासागर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/a-change-in-perspective-can-transform-the-direction-of-life-muni-sudhasagar/" aria-label="Read more about दृष्टिकोण बदलते ही बदल जाती है जीवन की दिशा : मुनिश्री सुधासागर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>दृष्टिकोण बदलते ही बदल जाती है जीवन की दिशा : मुनिश्री सुधासागर</strong></h1>
<h2><strong>बोले—धन मिले तो अहंकार नहीं, विवेक बढ़ना चाहिए; सामर्थ्य का उपयोग आत्मकल्याण, सेवा और धर्म में करें</strong></h2>
<div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
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<p data-start="24" data-end="55" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><strong data-start="24" data-end="55" data-is-last-node="">संवाददाता :  राजेश जैन दद्दू</strong></p>
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<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start"><strong style="font-size: inherit;">इंदौर।</strong><span style="font-size: inherit;"> मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर महाराज ने शुक्रवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियों से अधिक महत्वपूर्ण हमारा दृष्टिकोण होता है। दृष्टिकोण बदलते ही परिस्थितियों को देखने और समझने का तरीका भी बदल जाता है। सकारात्मक दृष्टि कठिन परिस्थितियों में समाधान और कल्याण का मार्ग दिखाती है, जबकि नकारात्मक दृष्टि सुख-सुविधाओं के बीच भी कमियां खोज लेती है।</span></div>
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<p>मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य को दिखावे और ढोंग का नहीं, बल्कि व्यवस्थित एवं सदाचारपूर्ण जीवन जीना चाहिए। वर्तमान समय में जिन जीवन मूल्यों से संस्कारित समाज का स्वप्न देखा जा रहा है, उनमें शांति, वात्सल्य, सद्भावना और करुणा का विशेष महत्व है। धर्म, समाज, संस्कृति और परिवार के प्रति जिम्मेदारी का भाव ही व्यक्ति के जीवन को वास्तविक रूप से समृद्ध बनाता है।</p>
<h3><strong>दृष्टि और भावना से निर्धारित होता है अनुभव</strong></h3>
<p>मुनिश्री ने कहा कि संसार में किसी वस्तु या परिस्थिति को केवल अच्छा अथवा बुरा मान लेना उचित नहीं है। हमारी दृष्टि और भावना ही उसके अनुभव को निर्धारित करती है। सम्यक दृष्टि रखने वाला व्यक्ति विरोधी में भी आत्मीयता देख सकता है।</p>
<p>ज्ञानी व्यक्ति किसी को अपना स्थायी शत्रु नहीं मानता। उसके जीवन और व्यवहार में मैत्री, विनम्रता तथा करुणा का भाव बना रहता है। जब मनुष्य अपनी सोच बदलता है तो उसके व्यवहार, संबंधों और जीवन की दिशा में भी सकारात्मक परिवर्तन आने लगता है।</p>
<h3><strong>एक गलत कर्म वर्षों की प्रतिष्ठा पर पड़ सकता है भारी</strong></h3>
<p>मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में अनेक अच्छे कार्य करता है, पुण्य अर्जित करता है और समाज में प्रतिष्ठा बनाता है, लेकिन एक गंभीर गलत कर्म उसकी वर्षों की कमाई और प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>इसलिए मनुष्य को प्रत्येक कदम सोच-समझकर उठाना चाहिए। थोड़े समय का क्रोध, लोभ या अहंकार जीवनभर की साधना और सम्मान को नुकसान पहुंचा सकता है। व्यक्ति की वास्तविक पहचान केवल उसके शब्दों से नहीं, बल्कि उसके आचरण और कर्मों से होती है।</p>
<h3><strong>धन बुरा नहीं, उसके साथ बढ़ने वाला लोभ घातक</strong></h3>
<p>धन और पुण्य की चर्चा करते हुए मुनिश्री सुधासागर महाराज ने कहा कि धन बुरा नहीं है और पुण्य भी बुरा नहीं है। गृहस्थ जीवन में धन और संसाधनों की आवश्यकता होती है, लेकिन इनके साथ यदि लोभ, अहंकार, अत्यधिक भोग और अनुचित इच्छाएं बढ़ने लगें तो यही सामर्थ्य व्यक्ति के पतन का कारण बन सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि धन और पुण्य प्राप्त होने के बाद व्यक्ति को यह देखना चाहिए कि उसके भीतर इच्छाएं बढ़ रही हैं या धर्म एवं विवेक। सामर्थ्य का उपयोग यदि आत्मकल्याण, सेवा और धर्म के लिए किया जाता है तो जीवन सार्थक बनता है।</p>
<h3><strong>धर्मात्मा जीवनसाथी परिवार की सबसे बड़ी संपत्ति</strong></h3>
<p>मुनिश्री ने परिवारों को संदेश देते हुए कहा कि धर्मात्मा और ईमानदार जीवनसाथी परिवार की सबसे बड़ी संपत्ति होता है। यदि परिवार का पति, पिता, भाई या कोई अन्य सदस्य ईमानदारी से जीवन जीता है तथा गलत कमाई और अनैतिक साधनों से दूर रहता है, तो परिवार को उसकी आर्थिक सीमाओं की शिकायत करने के बजाय उस पर गर्व करना चाहिए।</p>
<p>दूसरों के बड़े मकान, महंगी गाड़ी और वैभव को देखकर अपने ईमानदार जीवनसाथी को कमतर नहीं आंकना चाहिए। कभी-कभी आर्थिक अभाव भी व्यक्ति को अनेक गलत कार्यों और अनुचित इच्छाओं से बचाने का माध्यम बन जाता है।</p>
<h3><strong>सामर्थ्य मिले तो पाप से बचने की शक्ति बढ़े</strong></h3>
<p>मुनिश्री ने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में धन मिले तो अहंकार नहीं, विवेक बढ़ना चाहिए। पुण्य मिले तो भोग नहीं, धर्म बढ़ना चाहिए और सामर्थ्य मिले तो पाप करने की शक्ति नहीं, बल्कि पाप से बचने की शक्ति बढ़नी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविक सफलता भौतिक साधनों की अधिकता में नहीं, बल्कि विचारों की पवित्रता, व्यवहार की सरलता और आचरण की शुद्धता में है।</p>
<p>मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि धर्मसभा में आलोक, आकाश कोल, संजय पाटोदी, नवीन आनंद गोधा, अशोक दोषी, भूपेंद्र जैन, स्वदेश गुरुजी, अखिलेश सोधिया, गिरीश गिन्नी, विपुल बांझल, श्रीमती मुक्ता जैन, कुणाल सोहिता कासलीवाल, प्रीतम पूर्वा पाटनी, सविता पवन मोदी, ब्रह्मचारिणी सविता दीदी और ब्रह्मचारी पारस भैया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Indore Job Fraud: इंटरव्यू लेकर भेजा नियुक्ति पत्र, फिर कोर्स के नाम पर युवक से ठगे 2.73 लाख रुपये</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-job-fraud-youth-duped-of-rs-2-73-lakh-through-fake-interview-appointment-letter-and-courses/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 12:22:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber crime Indore]]></category>
		<category><![CDATA[Employment Fraud]]></category>
		<category><![CDATA[Fake Course Certificate]]></category>
		<category><![CDATA[Indor]]></category>
		<category><![CDATA[Lasudia Police]]></category>
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		<category><![CDATA[Online Payment Fraud]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore Job Fraud: इंटरव्यू लेकर भेजा नियुक्ति पत्र, फिर कोर्स के नाम पर युवक से ठगे 2.73 लाख रुपये नौकरी डॉट कॉम पर रिज्यूमे अपलोड करने के बाद आया था ... <a title="Indore Job Fraud: इंटरव्यू लेकर भेजा नियुक्ति पत्र, फिर कोर्स के नाम पर युवक से ठगे 2.73 लाख रुपये" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-job-fraud-youth-duped-of-rs-2-73-lakh-through-fake-interview-appointment-letter-and-courses/" aria-label="Read more about Indore Job Fraud: इंटरव्यू लेकर भेजा नियुक्ति पत्र, फिर कोर्स के नाम पर युवक से ठगे 2.73 लाख रुपये">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Indore Job Fraud: इंटरव्यू लेकर भेजा नियुक्ति पत्र, फिर कोर्स के नाम पर युवक से ठगे 2.73 लाख रुपये</strong></h1>
<h2><strong>नौकरी डॉट कॉम पर रिज्यूमे अपलोड करने के बाद आया था फोन, जॉइनिंग नहीं मिलने और संपर्क बंद होने पर खुला ऑनलाइन ठगी का मामला</strong></h2>
<p><strong>इंदौर।</strong> शहर में नौकरी दिलाने के नाम पर एक बेरोजगार युवक से करीब 2 लाख 73 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवक का मोबाइल फोन पर इंटरव्यू लिया और एक निजी कंपनी के नाम से कथित नियुक्ति पत्र भेजकर उसका विश्वास जीता। इसके बाद नौकरी के लिए आवश्यक कोर्स और प्रमाणपत्र दिलाने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रुपये जमा करा लिए गए।</p>
<p>रकम जमा कराने के बाद युवक को न तो नौकरी मिली और न ही जॉइनिंग की कोई निश्चित तारीख बताई गई। बाद में संबंधित लोगों ने फोन उठाना और ई-मेल का जवाब देना बंद कर दिया। ठगी का संदेह होने पर पीड़ित युवक ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। लसूड़िया थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<h2><strong>नौकरी की तलाश में अपलोड किया था रिज्यूमे</strong></h2>
<p>पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता पिंटू दास वर्ष 2025 से बेरोजगार है और लगातार नौकरी की तलाश कर रहा था। नौकरी प्राप्त करने के लिए उसने ऑनलाइन जॉब पोर्टल नौकरी डॉट कॉम पर अपना रिज्यूमे और व्यक्तिगत जानकारी अपलोड की थी।</p>
<p>कुछ समय बाद उसके मोबाइल पर सिद्धार्थ नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मुंबई स्थित केएनके बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड का टैलेंट एक्विजिशन स्पेशलिस्ट बताया। उसने पिंटू के रिज्यूमे और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी होने का दावा करते हुए कंपनी में नौकरी का प्रस्ताव दिया।</p>
<p>निजी कंपनी और नौकरी से जुड़ी जानकारी मिलने के कारण पिंटू ने फोन करने वाले व्यक्ति पर विश्वास कर लिया। आरोपी ने उसे चयन प्रक्रिया के बारे में बताया और मोबाइल फोन के माध्यम से ही इंटरव्यू लेने की बात कही।</p>
<h2><strong>मोबाइल पर इंटरव्यू लेकर भेजा नियुक्ति पत्र</strong></h2>
<p>शिकायतकर्ता के अनुसार सिद्धार्थ ने उसका मोबाइल फोन पर इंटरव्यू लिया। इस दौरान नौकरी, कार्य अनुभव और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित कई सवाल पूछे गए। इंटरव्यू के बाद पिंटू को बताया गया कि उसका चयन कर लिया गया है।</p>
<p>इसके कुछ समय बाद कंपनी के नाम से एक नियुक्ति पत्र भेजा गया। कथित नियुक्ति पत्र में नौकरी जॉइन करने से पहले तीन विशेष कोर्स पूरा करने की शर्त का उल्लेख था। नियुक्ति पत्र और कंपनी की ओर से भेजे गए ई-मेल को देखकर पीड़ित को विश्वास हो गया कि नौकरी की प्रक्रिया वास्तविक है।</p>
<p>आरोपी ने दावा किया कि निर्धारित कोर्स के प्रमाणपत्र जमा करने के बाद कंपनी में उसकी जॉइनिंग करा दी जाएगी। इसके बाद उससे प्रमाणपत्र और नामांकन प्रक्रिया के नाम पर रुपये मांगे जाने लगे।</p>
<h2><strong>प्रमाणपत्र के लिए पहले जमा कराए 70 हजार रुपये</strong></h2>
<p>पिंटू के अनुसार सिद्धार्थ ने फोन करके बताया कि तीनों कोर्स के प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए उसे 70 हजार रुपये जमा करने होंगे। आरोपी ने एक बैंक खाते की जानकारी भेजी और रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहा।</p>
<p>नौकरी मिलने की उम्मीद में पिंटू ने बताए गए बैंक खाते में 70 हजार रुपये ऑनलाइन जमा कर दिए। भुगतान के बाद उसे एक एनरोलमेंट नंबर भेजा गया। कंपनी के नाम से इस्तेमाल की जा रही ई-मेल आईडी से भी संदेश आया, जिसमें तीन कोर्स से जुड़ी जानकारी दी गई थी।</p>
<p>बैंक खाते में भुगतान, ई-मेल और एनरोलमेंट नंबर मिलने के कारण युवक का विश्वास और मजबूत हो गया। उसे लगा कि कोर्स पूरा होने के बाद कंपनी की ओर से औपचारिक जॉइनिंग दी जाएगी।</p>
<h2><strong>तीन कोर्स के नाम पर फिर मांगे 1.50 लाख</strong></h2>
<p>कुछ समय बाद पिंटू को बताया गया कि तीनों कोर्स पूरा करने का कुल खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये होगा। इसके लिए उसे एक अन्य बैंक खाते का नंबर दिया गया। नौकरी का प्रस्ताव हाथ से निकलने के डर से उसने मांगी गई रकम भी ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी।</p>
<p>पिंटू ने संबंधित खाते में 1 लाख 50 हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बाद कथित रूप से उसका ऑनलाइन एग्जाम भी कराया गया और उसे फिर से नामांकन संबंधी विवरण उपलब्ध कराया गया। लगातार हो रही औपचारिक प्रक्रियाओं के कारण पीड़ित को ठगी का संदेह नहीं हुआ।</p>
<p>आरोपी कथित रूप से हर भुगतान को नौकरी की अनिवार्य प्रक्रिया बताता रहा। युवक को भरोसा दिलाया गया कि पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र से संबंधित प्रक्रिया पूरी होते ही उसे कंपनी में काम शुरू करने की अनुमति मिल जाएगी।</p>
<h2><strong>अतिरिक्त कोर्स के लिए लिए 53 हजार रुपये</strong></h2>
<p>इसके बाद कंपनी की ओर से बताई गई ई-मेल आईडी से पिंटू को एक और संदेश भेजा गया। इसमें कहा गया कि नौकरी के लिए एक अतिरिक्त कोर्स करना आवश्यक है। इस कोर्स के लिए उससे 53 हजार रुपये और जमा करने को कहा गया।</p>
<p>पिंटू ने दूसरे बैंक खाते से यह राशि भी ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी। इस प्रकार उसने अलग-अलग चरणों में कुल 2 लाख 73 हजार रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में जमा कर दिए।</p>
<p>रकम जमा होने के बाद युवक को उम्मीद थी कि उसे शीघ्र ही जॉइनिंग लेटर, कार्यालय का पता और काम शुरू करने की तारीख दी जाएगी। हालांकि, भुगतान पूरा होने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।</p>
<h2><strong>जॉइनिंग नहीं मिली तो हुआ ठगी का एहसास</strong></h2>
<p>सभी भुगतान करने के बाद पिंटू ने नौकरी जॉइन करने के संबंध में आरोपियों से संपर्क किया। शुरुआत में उसे आश्वासन दिया गया कि प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कथित कंपनी के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि यदि कोर्स पूरा नहीं हुआ या नौकरी नहीं मिली तो जमा की गई राशि वापस कर दी जाएगी।</p>
<p>कुछ समय बाद आरोपियों ने फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया। कंपनी के नाम से इस्तेमाल की जा रही ई-मेल आईडी से भी कोई उत्तर नहीं मिला। कई प्रयासों के बावजूद संपर्क नहीं होने पर पिंटू को अपने साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ।</p>
<p>इसके बाद उसने साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस को भुगतान से संबंधित बैंक रिकॉर्ड, ई-मेल, नियुक्ति पत्र, मोबाइल नंबर तथा अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए।</p>
<h2><strong>लसूड़िया पुलिस ने दर्ज किया मामला</strong></h2>
<p>लसूड़िया थाना पुलिस ने पिंटू दास की शिकायत पर मंगलवार रात ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और बैंक खातों की जांच कर रही है।</p>
<p>जांच के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि रुपये किन खातों में जमा हुए और वहां से किस खाते में भेजे गए। कंपनी के नाम, कथित नियुक्ति पत्र और कोर्स प्रमाणपत्रों की सत्यता भी जांची जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आरोपियों ने इसी तरीके से अन्य बेरोजगार युवाओं को निशाना तो नहीं बनाया है।</p>
<p>यह मामला नौकरी खोजने वाले युवाओं के लिए सतर्कता का संदेश है। किसी भी कंपनी में भर्ती के नाम पर कोर्स, रजिस्ट्रेशन या प्रमाणपत्र के लिए बड़ी रकम मांगे जाने पर आधिकारिक वेबसाइट, कार्यालय और कंपनी के पंजीकरण की स्वतंत्र रूप से जांच करनी चाहिए। संदिग्ध भुगतान से बचना और ठगी होने पर तत्काल बैंक, पुलिस तथा साइबर अपराध पोर्टल को सूचना देना जरूरी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Rolling Budget: मध्यप्रदेश में 8 सितंबर से शुरू होगी विभागवार बजट चर्चा, अगले दो वर्षों के रोलिंग बजट की भी तैयारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-department-wise-budget-discussions-to-begin-from-september-8-rolling-budget-preparations-underway/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Sep 2026 11:21:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[BEMS Portal]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal News]]></category>
		<category><![CDATA[Budget Estimates]]></category>
		<category><![CDATA[Department Wise Budget Discussion]]></category>
		<category><![CDATA[Finance Department MP]]></category>
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		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Budget]]></category>
		<category><![CDATA[MP Budget 2027-28]]></category>
		<category><![CDATA[P Rolling Budget]]></category>
		<category><![CDATA[Revised Estimates]]></category>
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					<description><![CDATA[MP Rolling Budget: मध्यप्रदेश में 8 सितंबर से शुरू होगी विभागवार बजट चर्चा, अगले दो वर्षों के रोलिंग बजट की भी तैयारी भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्षों के ... <a title="MP Rolling Budget: मध्यप्रदेश में 8 सितंबर से शुरू होगी विभागवार बजट चर्चा, अगले दो वर्षों के रोलिंग बजट की भी तैयारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-department-wise-budget-discussions-to-begin-from-september-8-rolling-budget-preparations-underway/" aria-label="Read more about MP Rolling Budget: मध्यप्रदेश में 8 सितंबर से शुरू होगी विभागवार बजट चर्चा, अगले दो वर्षों के रोलिंग बजट की भी तैयारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Rolling Budget: मध्यप्रदेश में 8 सितंबर से शुरू होगी विभागवार बजट चर्चा, अगले दो वर्षों के रोलिंग बजट की भी तैयारी</strong></h1>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्यप्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्षों के लिए बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित अनुमान, वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान तथा वित्तीय वर्ष 2028-29 और 2029-30 के रोलिंग बजट की तैयारी के लिए विभागवार बैठकों का कार्यक्रम जारी किया है। बजट चर्चा का पहला चरण 8 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगा।</p>
<p>वित्त विभाग की ओर से जारी समय-सारणी के अनुसार, अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ निर्धारित तिथि और समय पर बजट से संबंधित चर्चा की जाएगी। इसमें विभागों के वर्तमान वित्तीय प्रदर्शन, स्वीकृत बजट के उपयोग, आगामी योजनाओं और भविष्य में आवश्यक धनराशि के प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी।</p>
<h2><strong>वित्तीय वर्ष 2026-27 के खर्च की होगी समीक्षा</strong></h2>
<p>बजट बैठकों में सबसे पहले चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित अनुमानों पर चर्चा होगी। इसके तहत यह देखा जाएगा कि विभिन्न विभागों को बजट में कितनी राशि स्वीकृत की गई थी और अब तक उसमें से कितनी राशि खर्च हुई है।</p>
<p>विभागों से वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में संभावित खर्च की जानकारी भी मांगी जाएगी। यदि किसी योजना में निर्धारित राशि से अधिक या कम खर्च होने की संभावना है तो उसका संशोधित अनुमान प्रस्तुत करना होगा। इसके आधार पर वित्त विभाग पुनरीक्षित बजट तैयार करेगा।</p>
<p>वित्त विभाग का प्रयास रहेगा कि स्वीकृत राशि का सही उपयोग हो और ऐसे मदों की पहचान की जाए, जिनमें खर्च अनुमान से कम या अधिक हो रहा है। इससे राज्य की वित्तीय व्यवस्था को संतुलित रखने में सहायता मिलेगी।</p>
<h2><strong>वर्ष 2027-28 के बजट प्रस्तावों पर होगी चर्चा</strong></h2>
<p>बैठकों के दौरान वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट अनुमानों पर भी विचार किया जाएगा। विभागों को अपने प्रस्तावों में वर्तमान योजनाओं, निर्माण कार्यों, प्रशासनिक खर्च, कर्मचारियों से संबंधित व्यय और प्रस्तावित नई योजनाओं की जानकारी देनी होगी।</p>
<p>विभागों द्वारा प्रस्तुत मांगों का वित्तीय स्थिति और प्राथमिकताओं के आधार पर परीक्षण किया जाएगा। आवश्यक योजनाओं के लिए धनराशि निर्धारित करने से पहले उनकी उपयोगिता, प्रगति और संभावित परिणामों का भी आकलन किया जाएगा।</p>
<p>इस प्रक्रिया का उद्देश्य बजट तैयार करते समय विभागों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझना और उपलब्ध संसाधनों का प्राथमिकता के अनुसार वितरण करना है।</p>
<h2><strong>अगले दो वर्षों के लिए बनेगा रोलिंग बजट</strong></h2>
<p>मध्यप्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2028-29 और 2029-30 के लिए रोलिंग बजट भी तैयार करेगी। रोलिंग बजट के माध्यम से सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष के साथ आने वाले वर्षों की संभावित आय और व्यय का अनुमान तैयार करती है।</p>
<p>इससे लंबी अवधि की परियोजनाओं, अधोसंरचना विकास और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि का पहले से आकलन किया जा सकेगा। यह व्यवस्था सरकार को मध्यम अवधि की वित्तीय योजना बनाने और विभागों की भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाने में सहायता करेगी।</p>
<p>रोलिंग बजट अंतिम स्वीकृत बजट नहीं होता, बल्कि आगामी वर्षों के लिए एक वित्तीय रूपरेखा के रूप में तैयार किया जाता है। परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और योजनाओं की प्रगति के आधार पर इसमें आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।</p>
<h2><strong>विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल</strong></h2>
<p>वित्त विभाग ने 6 अगस्त और 12 अगस्त 2026 को जारी परिपत्रों के आधार पर बजट चर्चा की प्रक्रिया निर्धारित की है। बैठकों में संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष, अपर सचिव और उप सचिव स्तर के अधिकारी हिस्सा लेंगे।</p>
<p>संबंधित विभाग के वित्तीय सलाहकार अथवा वित्त अधिकारी को भी बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बजट पर चर्चा संबंधित बजट शाखा के अपर सचिव या उप सचिव के कक्ष में निर्धारित तिथि और समय पर होगी।</p>
<p>अधिकारियों को अपने विभाग से संबंधित वित्तीय आंकड़ों, योजनाओं की प्रगति और आगामी बजट प्रस्तावों के साथ बैठक में उपस्थित होना होगा। इससे बजट प्रस्तावों पर तथ्यात्मक और विस्तृत चर्चा की जा सकेगी।</p>
<h2><strong>BEMS पोर्टल पर जानकारी दर्ज करना अनिवार्य</strong></h2>
<p>वित्त विभाग ने सभी संबंधित विभागों को बजट चर्चा से कम से कम तीन दिन पहले आवश्यक जानकारी BEMS पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। समय पर जानकारी दर्ज नहीं होने की स्थिति में बजट प्रस्तावों की समीक्षा प्रभावित हो सकती है।</p>
<p>पोर्टल पर विभागों को स्वीकृत बजट, व्यय की स्थिति, पुनरीक्षित अनुमान, अगले वित्तीय वर्ष की मांग और रोलिंग बजट से संबंधित विवरण दर्ज करना होगा। इससे वित्त विभाग को बैठक से पहले प्रस्तावों का अध्ययन करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा।</p>
<p>इसके साथ ही विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल पर दर्ज जानकारी पूरी, सही और अद्यतन हो। बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले आंकड़ों और पोर्टल पर अपलोड किए गए विवरण में समानता बनाए रखना भी आवश्यक होगा।</p>
<h2><strong>चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी बजट प्रक्रिया</strong></h2>
<p>विभागवार बजट चर्चा के पहले चरण के बाद प्राप्त प्रस्तावों और आंकड़ों की वित्त विभाग द्वारा समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर विभागों से अतिरिक्त जानकारी अथवा स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है। इसके बाद आगामी बजट की प्राथमिकताओं और वित्तीय प्रावधानों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</p>
<p>बजट तैयार करने की इस कवायद में चालू वित्तीय वर्ष के खर्च की समीक्षा के साथ अगले तीन वर्षों की वित्तीय जरूरतों का आकलन किया जाएगा। इससे सरकार को विकास योजनाओं, प्रशासनिक खर्च और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए चरणबद्ध तरीके से संसाधन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर टोल वसूली के खिलाफ प्रदर्शन, 8 घंटे तक जाम; कांग्रेस विधायक ने सरकार को घेरा</title>
		<link>https://swarajvani.com/eight-hour-traffic-jam-on-balaghat-gondia-national-highway-as-transporters-protest-toll-collection/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 12:56:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Anubha Munjare]]></category>
		<category><![CDATA[Balaghat Congress]]></category>
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					<description><![CDATA[बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर टोल वसूली के खिलाफ प्रदर्शन, 8 घंटे तक जाम; कांग्रेस विधायक ने सरकार को घेरा Balaghat Toll Plaza Protest: मर्री टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों से ... <a title="बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर टोल वसूली के खिलाफ प्रदर्शन, 8 घंटे तक जाम; कांग्रेस विधायक ने सरकार को घेरा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/eight-hour-traffic-jam-on-balaghat-gondia-national-highway-as-transporters-protest-toll-collection/" aria-label="Read more about बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर टोल वसूली के खिलाफ प्रदर्शन, 8 घंटे तक जाम; कांग्रेस विधायक ने सरकार को घेरा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर टोल वसूली के खिलाफ प्रदर्शन, 8 घंटे तक जाम; कांग्रेस विधायक ने सरकार को घेरा</strong></h1>
<h2><strong>Balaghat Toll Plaza Protest: मर्री टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों से टोल वसूली का विरोध, ट्रांसपोर्ट और व्यापारी संगठनों के प्रदर्शन से हाईवे पर लगी वाहनों की लंबी कतार; 16 सितंबर को बैठक में समाधान की उम्मीद</strong></h2>
<p><strong>बालाघाट।</strong> बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर स्थित मर्री टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों से टोल वसूली शुरू किए जाने के विरोध में गुरुवार को विभिन्न परिवहन और व्यापारी संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण नेशनल हाईवे पर करीब आठ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।</p>
<p>प्रदर्शन में बालाघाट की कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे भी शामिल हुईं। उन्होंने टोल वसूली के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाईवे का निर्माण कार्य और सड़क से जुड़ी कमियां पूरी तरह दूर किए बिना टोल वसूली शुरू करना उचित नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा।</p>
<h2><strong>सुबह से शुरू हुआ प्रदर्शन, हाईवे पर लगी वाहनों की कतार</strong></h2>
<p>मर्री टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों से शुल्क वसूली के विरोध में सुबह से ही ट्रांसपोर्टर, व्यापारी और अन्य संगठनों से जुड़े लोग एकत्रित होने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने टोल व्यवस्था का विरोध करते हुए स्थानीय वाहनों को राहत देने की मांग उठाई।</p>
<p>प्रदर्शन लंबा चलने के कारण बालाघाट-गोंदिया नेशनल हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। हाईवे पर वाहनों की कतारें लगने लगीं। गोंदिया की ओर जाने वाले कई वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजना पड़ा।</p>
<p>आवागमन प्रभावित होने से यात्रियों के साथ मालवाहक वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<h2><strong>अधूरे सड़क कार्य के बीच टोल वसूली पर सवाल</strong></h2>
<p>प्रदर्शनकारियों की प्रमुख आपत्ति सड़क निर्माण से जुड़े अधूरे कार्यों और स्थानीय वाहनों से टोल शुल्क वसूले जाने को लेकर रही। संगठनों का कहना है कि पहले हाईवे से जुड़ी कमियों को दूर किया जाना चाहिए और इसके बाद ही टोल वसूली की व्यवस्था लागू होनी चाहिए।</p>
<p>स्थानीय वाहन मालिकों को टोल से राहत देने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाई गई। संगठनों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में नियमित आवाजाही करने वाले लोगों पर टोल का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।</p>
<h2><strong>विधायक अनुभा मुंजारे ने भाजपा सरकार को घेरा</strong></h2>
<p>प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि टोल प्लाजा शुरू करने से पहले सड़क की कमियों को दूर किया जाना चाहिए था। उन्होंने अधूरे कार्यों के बीच टोल वसूली शुरू किए जाने को लेकर सवाल उठाए।</p>
<p>विधायक ने राज्य की भाजपा सरकार को घेरते हुए स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की समस्याओं के समाधान की मांग की। उनका कहना था कि जनता से शुल्क लेने से पहले उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।</p>
<p>हालांकि सड़क निर्माण और टोल संचालन से जुड़े तकनीकी एवं प्रशासनिक पक्षों पर संबंधित एजेंसियों का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।</p>
<h2><strong>ट्रांसपोर्ट और व्यापारी संगठन भी विरोध में उतरे</strong></h2>
<p>टोल वसूली का मुद्दा केवल स्थानीय वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहा। ट्रांसपोर्ट और व्यापारी संगठनों ने भी आंदोलन में भाग लिया। बालाघाट और गोंदिया के बीच नियमित रूप से माल परिवहन करने वाले वाहनों के लिए टोल शुल्क कारोबार की लागत से जुड़ा मुद्दा भी बन सकता है।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय वाहनों के लिए टोल व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और सड़क से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।</p>
<h2><strong>करीब आठ घंटे प्रभावित रहा यातायात</strong></h2>
<p>सुबह से शाम तक चले प्रदर्शन का सबसे अधिक असर हाईवे के यातायात पर दिखाई दिया। मर्री टोल प्लाजा के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद यातायात व्यवस्था संभालने के प्रयास किए गए।</p>
<p>गोंदिया की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा। लंबे समय तक चले विरोध के कारण दैनिक यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।</p>
<h2><strong>16 सितंबर की बैठक पर टिकी निगाहें</strong></h2>
<p>टोल वसूली से जुड़े विवाद को लेकर अब <strong>16 सितंबर को होने वाली बैठक</strong> महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीद है कि बैठक में टोल व्यवस्था, स्थानीय वाहनों से शुल्क, सड़क निर्माण की स्थिति और प्रदर्शनकारी संगठनों की मांगों पर चर्चा की जाएगी।</p>
<p>फिलहाल स्थानीय वाहन चालकों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की नजर इस बैठक पर रहेगी। संगठनों की मांग है कि हाईवे की कमियों को दूर करने और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान किए बिना उन पर अतिरिक्त टोल का बोझ न डाला जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP के किसानों के लिए CM मोहन यादव के बड़े ऐलान, उद्यानिकी पर 2 लाख की मदद; दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली</title>
		<link>https://swarajvani.com/cm-mohan-yadav-announces-rs-2-lakh-horticulture-aid-and-10-hour-daytime-electricity-for-mp-farmers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 07:16:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
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					<description><![CDATA[MP के किसानों के लिए CM मोहन यादव के बड़े ऐलान, उद्यानिकी पर 2 लाख की मदद; दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली MP Farmers News: ग्वालियर में बलराम जयंती ... <a title="MP के किसानों के लिए CM मोहन यादव के बड़े ऐलान, उद्यानिकी पर 2 लाख की मदद; दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली" class="read-more" href="https://swarajvani.com/cm-mohan-yadav-announces-rs-2-lakh-horticulture-aid-and-10-hour-daytime-electricity-for-mp-farmers/" aria-label="Read more about MP के किसानों के लिए CM मोहन यादव के बड़े ऐलान, उद्यानिकी पर 2 लाख की मदद; दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP के किसानों के लिए CM मोहन यादव के बड़े ऐलान, उद्यानिकी पर 2 लाख की मदद; दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली</strong></h1>
<h2><strong>MP Farmers News: ग्वालियर में बलराम जयंती महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए की कई घोषणाएं, एक एकड़ में उद्यानिकी फसल लगाने पर 2 लाख रुपये तक सहायता की बात; KCC पोर्टल और कवच योजना की भी शुरुआत</strong></h2>
<p><strong>ग्वालियर।</strong> मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। ग्वालियर के मेला मैदान में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए अब रात के बजाय दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई किसान अपने एक एकड़ खेत में उद्यानिकी फसल लगाता है तो सरकार की ओर से उसे 2 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अधिक आय देने वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े KCC पोर्टल, कवच योजना और अपेक्स बैंक कार्यालय से जुड़ी पहल का भी शुभारंभ किया गया।</p>
<h2><strong>किसानों को दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की सिंचाई से जुड़ी बड़ी समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि अब उन्हें खेतों में सिंचाई के लिए रात में जाने की जरूरत कम होगी। सरकार किसानों को दिन के समय 10 घंटे बिजली देने की दिशा में काम कर रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि रात में बिजली मिलने के कारण किसानों को खेतों तक जाना पड़ता था। इस दौरान दुर्घटनाओं सहित कई प्रकार के जोखिम बने रहते थे। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय खेतों में सिंचाई करना किसानों के लिए परेशानी का कारण बनता रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।</p>
<h2><strong>एक एकड़ उद्यानिकी पर 2 लाख रुपये की सहायता</strong></h2>
<p>किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार उद्यानिकी खेती को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अगर एक एकड़ जमीन में उद्यानिकी फसल लगाता है तो सरकार उसे 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी।</p>
<p>उद्यानिकी के तहत फल, सब्जियों, फूलों और अन्य बागवानी फसलों की खेती की जाती है। सामान्य फसलों की तुलना में कई उद्यानिकी फसलें किसानों को अधिक आय देने की क्षमता रखती हैं, हालांकि इनमें शुरुआती निवेश और तकनीकी जानकारी की जरूरत भी अधिक हो सकती है।</p>
<p>सरकार की आर्थिक सहायता से किसानों पर शुरुआती लागत का बोझ कम करने और उन्हें नई फसलों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की जाएगी।</p>
<h2><strong>किसानों की आमदनी बढ़ाने पर सरकार का फोकस</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए सिंचाई, बिजली, कृषि ऋण और आधुनिक खेती से संबंधित योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p>उद्यानिकी खेती को बढ़ावा देना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। किसान यदि परंपरागत फसलों के साथ फल-सब्जी या अन्य व्यावसायिक फसलों की खेती करते हैं तो उनकी आय के नए स्रोत तैयार हो सकते हैं।</p>
<p>हालांकि सहायता प्राप्त करने की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, किन उद्यानिकी फसलों को योजना में शामिल किया जाएगा और राशि किस तरह जारी होगी, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक गाइडलाइन से स्पष्ट होगी।</p>
<h2><strong>मध्य प्रदेश में 31 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का दावा</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में बिजली की कमी नहीं है और वर्तमान में प्रदेश में लगभग 31 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री के मुताबिक करीब ढाई साल पहले प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 25 हजार मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 31 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बढ़ती बिजली उपलब्धता का फायदा किसानों सहित घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को देने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<h2><strong>रात में सिंचाई की परेशानी से किसानों को मिलेगी राहत</strong></h2>
<p>ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को लंबे समय से रात में सिंचाई के लिए बिजली मिलने की शिकायत रहती है। खेतों में रात के समय जाना कई तरह से जोखिम भरा हो सकता है।</p>
<p>अंधेरा होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। इसके अलावा सांप-बिच्छू और दूसरे जहरीले जीवों से भी किसानों को खतरा रहता है। सर्दियों के मौसम में रात में खेतों में सिंचाई करना और भी मुश्किल हो जाता है।</p>
<p>ऐसे में यदि किसानों को नियमित रूप से दिन में 10 घंटे बिजली मिलती है तो इससे उनकी खेती और दैनिक दिनचर्या दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<h2><strong>KCC पोर्टल और कवच योजना की शुरुआत</strong></h2>
<p>बलराम जयंती महोत्सव के दौरान किसानों के लिए डिजिटल और वित्तीय सुविधाओं से जुड़ी पहल भी सामने आई। कार्यक्रम में KCC पोर्टल और कवच योजना का शुभारंभ किया गया।</p>
<p>किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC किसानों को खेती से संबंधित जरूरतों के लिए संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने का एक प्रमुख माध्यम है। डिजिटल व्यवस्था मजबूत होने से किसानों के लिए इससे जुड़ी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>इसके अलावा अपेक्स बैंक से संबंधित कार्यालय की शुरुआत भी कार्यक्रम में की गई।</p>
<h2><strong>कांग्रेस पर भी साधा निशाना</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस के पूर्व शासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को बिजली और पानी के लिए परेशान होना पड़ता था, जबकि वर्तमान सरकार कृषि क्षेत्र के लिए बिजली सहित दूसरी बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर काम कर रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन में हुई बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए इसे सरकार की उपलब्धि बताया।</p>
<h2><strong>उद्यानिकी खेती से किसानों के लिए खुल सकते हैं नए विकल्प</strong></h2>
<p>मध्य प्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है। गेहूं, सोयाबीन, चना और अन्य पारंपरिक फसलों के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में फल-सब्जियों और मसालों की खेती भी बड़े स्तर पर की जाती है।</p>
<p>उद्यानिकी को बढ़ावा देने से किसानों को फसल विविधीकरण का विकल्प मिल सकता है। एक ही तरह की फसल पर निर्भरता कम होने से बाजार और मौसम से जुड़े कुछ जोखिमों को संतुलित करने में भी मदद मिल सकती है।</p>
<p>हालांकि उद्यानिकी खेती के लिए बेहतर सिंचाई, बाजार तक पहुंच, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन जैसी सुविधाओं की भी आवश्यकता होती है। ऐसे में आर्थिक सहायता के साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।</p>
<h2><strong>किसानों के लिए घोषणाओं का क्या होगा असर?</strong></h2>
<p>ग्वालियर में मुख्यमंत्री की घोषणाओं में सबसे ज्यादा चर्चा दिन में 10 घंटे बिजली और एक एकड़ में उद्यानिकी खेती पर 2 लाख रुपये तक की सहायता की हो रही है।</p>
<p>यदि इन घोषणाओं को व्यापक स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो प्रदेश के किसानों को सिंचाई व्यवस्था में राहत मिलने के साथ खेती में विविधता लाने का अवसर मिल सकता है।</p>
<p>अब किसानों की नजर इन घोषणाओं से संबंधित विस्तृत सरकारी दिशा-निर्देशों पर रहेगी। योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और सहायता वितरण की शर्तें सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश के कितने किसानों को इसका लाभ मिलेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
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