<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>JainNews &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/jainnews/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Mon, 15 Jun 2026 11:26:02 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>JainNews &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Dhariwal परिवार की बाल तपस्वी सृष्टि–समृद्धि ने शत्रुंजय महातीर्थ की नवाणु यात्रा कर अर्जित किया महान पुण्य</title>
		<link>https://swarajvani.com/dhariwal-community-celebrates-spiritual-milestone/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:11:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
		<category><![CDATA[#DhariwalFamily]]></category>
		<category><![CDATA[#NavanuYatra]]></category>
		<category><![CDATA[#ShatrunjayMahatirth]]></category>
		<category><![CDATA[#SrishtiSamriddhiDhariwal]]></category>
		<category><![CDATA[JainNews]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=328066</guid>

					<description><![CDATA[Dhariwal परिवार की बाल तपस्वी सृष्टि–समृद्धि ने शत्रुंजय महातीर्थ की नवाणु यात्रा कर अर्जित किया महान पुण्य छोटी उम्र में बड़ी तपस्या, जैन समाज में श्रद्धा और उत्साह का माहौल ... <a title="Dhariwal परिवार की बाल तपस्वी सृष्टि–समृद्धि ने शत्रुंजय महातीर्थ की नवाणु यात्रा कर अर्जित किया महान पुण्य" class="read-more" href="https://swarajvani.com/dhariwal-community-celebrates-spiritual-milestone/" aria-label="Read more about Dhariwal परिवार की बाल तपस्वी सृष्टि–समृद्धि ने शत्रुंजय महातीर्थ की नवाणु यात्रा कर अर्जित किया महान पुण्य">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
<div class="" data-turn-id-container="request-WEB:e8a8a456-e900-46ed-b20b-28ba1ace8a06-43" data-is-intersecting="true">
<section class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none has-data-writing-block:pointer-events-none [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto R6Vx5W_threadScrollVars scroll-mb-[calc(var(--scroll-root-safe-area-inset-bottom,0px)+var(--thread-response-height))] scroll-mt-[calc(var(--header-height)+min(200px,max(70px,20svh)))]" dir="auto" data-turn-id="request-WEB:e8a8a456-e900-46ed-b20b-28ba1ace8a06-43" data-turn-id-container="request-WEB:e8a8a456-e900-46ed-b20b-28ba1ace8a06-43" data-testid="conversation-turn-88" data-scroll-anchor="false" data-turn="assistant">
<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn" data-conversation-screenshot-content="">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1" dir="auto" tabindex="0" data-message-author-role="assistant" data-message-id="4d8d5e2f-65c1-4727-9bdf-a7cb34f076ad" data-message-model-slug="gpt-5-3-mini" data-turn-start-message="true">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full dark markdown-new-styling">
<h1 data-section-id="paocq" data-start="150" data-end="258"><strong>Dhariwal परिवार की बाल तपस्वी सृष्टि–समृद्धि ने शत्रुंजय महातीर्थ की नवाणु यात्रा कर अर्जित किया महान पुण्य</strong></h1>
<h2 data-section-id="1kpeui9" data-start="260" data-end="329">छोटी उम्र में बड़ी तपस्या, जैन समाज में श्रद्धा और उत्साह का माहौल</h2>
<p data-start="331" data-end="672">रतलाम नगर से एक अत्यंत प्रेरणादायक और आध्यात्मिक समाचार सामने आया है, जहां धर्मनिष्ठ एवं समाजसेवी सुश्रावक राजेंद्र सुमित्रा धारीवाल की पौत्री तथा विशाल एवं मोना Dhariwal की सुपुत्री, बाल तपस्वी रत्न सृष्टि और समृद्धि धारीवाल ने अपनी अल्पायु में ऐसी कठिन तपस्या पूर्ण की है, जिसे जैन समाज में अत्यंत उच्च कोटि का आध्यात्मिक साधन माना जाता है।</p>
<p data-start="674" data-end="882">दोनों बालिकाओं ने शत्रुंजय महातीर्थ गिरिराज की पावन नवाणु यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न कर एक महान पुण्य अर्जित किया है। इस उपलब्धि के बाद पूरे जैन समाज में हर्ष, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण देखा गया।</p>
<p data-start="884" data-end="1134">शत्रुंजय महातीर्थ को जैन परंपरा में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी तीर्थ माना जाता है, जहां की गई साधना को आत्मिक उन्नति का मार्ग माना जाता है। ऐसे में छोटी उम्र की बालिकाओं द्वारा इस कठिन यात्रा को पूर्ण करना समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।</p>
<h2 data-section-id="1jvjvbl" data-start="1141" data-end="1193"><strong>आदिनाथ दादा और भेरूजी की कृपा से पूर्ण हुई यात्रा</strong></h2>
<p data-start="1195" data-end="1473">धारीवाल परिवार द्वारा बताया गया कि यह नवाणु यात्रा भगवान आदिनाथ दादा और भेरूजी की असीम कृपा से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवाणु यात्रा एक अत्यंत कठिन और तपस्वी साधना है, जिसे पूर्ण करने के लिए गहरी श्रद्धा, अनुशासन और आत्मिक समर्पण की आवश्यकता होती है।</p>
<p data-start="1475" data-end="1650">सृष्टि और समृद्धि धारीवाल ने यह यात्रा पूर्ण कर समाज में यह संदेश दिया कि आस्था और संकल्प से कोई भी आध्यात्मिक लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है, चाहे आयु कितनी भी कम क्यों न हो।</p>
<h2 data-section-id="ht35yy" data-start="1657" data-end="1703"><strong>भव्य राजेंद्र सूरी गुरु पद महापूजन का आयोजन</strong></h2>
<p data-start="1705" data-end="1950">यात्रा की पूर्णाहुति के अवसर पर धारीवाल परिवार द्वारा एक भव्य धार्मिक आयोजन “राजेंद्र सूरी गुरु पद महापूजन” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन और आमंत्रित अतिथि शामिल हुए।</p>
<p data-start="1952" data-end="2136">पूजन का शुभारंभ दोपहर 12:39 के विजय मुहूर्त में विधि-विधान के साथ किया गया, जिसे शुभ और मंगलकारी समय माना जाता है। इस अवसर पर वातावरण पूरी तरह से धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।</p>
<p data-start="1952" data-end="2136"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-328068 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/8-11-286x300.jpg" alt="8 11" width="286" height="300" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/8-11-286x300.jpg 286w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/8-11.jpg 698w" sizes="(max-width: 286px) 100vw, 286px" /></p>
<h2 data-section-id="1mcr1fc" data-start="2143" data-end="2188"><strong>विधि-विधान और भक्ति संगीत से सजा कार्यक्रम</strong></h2>
<p data-start="2190" data-end="2333">इस महापूजन का संचालन सुप्रसिद्ध विधिकारक हेमंत जी मुथा (मक्सी) द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे पूजन को शास्त्रीय विधियों के अनुसार संपन्न कराया।</p>
<p data-start="2335" data-end="2502">साथ ही, संगीतकारों द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। ढोल, मंत्रोच्चार और भजनों के बीच उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति में लीन हो गए।</p>
<p data-start="2504" data-end="2630">करीब तीन घंटे तक चले इस महापूजन में सभी उपस्थित महानुभावों ने पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भाग लिया और पुण्य लाभ अर्जित किया।</p>
<p data-start="2632" data-end="2755">कार्यक्रम के दौरान बार-बार “परमात्मा गुरुदेव के मंगलकारी जयकारे” गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।</p>
<h2 data-section-id="18ir5f2" data-start="2762" data-end="2810"><strong>99 यात्राओं की तपस्वी बालिकाओं का भव्य सम्मान</strong></h2>
<p data-start="2812" data-end="2941">इस अवसर पर सृष्टि और समृद्धि धारीवाल, जिन्होंने 99 यात्राओं की तपस्या पूर्ण की है, उनका समाज द्वारा विशेष रूप से सम्मान किया गया।</p>
<p data-start="2943" data-end="3141">दोनों बालिकाओं का “अक्षत वधामणा” के माध्यम से पारंपरिक जैन रीति से स्वागत एवं बहुमान किया गया। समाज के गणमान्य सदस्यों और अतिथियों ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>
<p data-start="3143" data-end="3250">कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बाल तपस्वियों के इस समर्पण को जैन धर्म की महान परंपरा का जीवंत उदाहरण बताया।</p>
<h2 data-section-id="o1i753" data-start="3257" data-end="3294"><strong>सहभोज का आयोजन और सामाजिक सहभागिता</strong></h2>
<p data-start="3296" data-end="3467">धार्मिक आयोजन के पश्चात सभी आमंत्रित महानुभावों के लिए सहभोज (भोजन प्रसाद) का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने भाग लिया और एकता एवं भाईचारे का संदेश दिया।</p>
<p data-start="3469" data-end="3568">यह सहभोज केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और धार्मिक एकता का प्रतीक भी बना।</p>
<h2 data-section-id="1xoamma" data-start="3575" data-end="3610"><strong>Dhariwal परिवार का योगदान और आभार</strong></h2>
<p data-start="3612" data-end="3774">संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन धारीवाल परिवार—राजेंद्र कुमार, विशाल कुमार और वैभव कुमार धारीवाल द्वारा किया गया। परिवार ने आयोजन को सफल बनाने में पूर्ण समर्पण दिखाया।</p>
<p data-start="3776" data-end="3910">उन्होंने सभी आमंत्रित अतिथियों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह आयोजन केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक उत्सव है।</p>
<p data-start="3776" data-end="3910"><img decoding="async" class="size-medium wp-image-328070 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/8B-300x160.jpg" alt="8B" width="300" height="160" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/8B-300x160.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/8B-1024x547.jpg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/8B-768x411.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/06/8B.jpg 1313w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h2 data-section-id="vd8q1m" data-start="3917" data-end="3962"><strong>जैन समाज में श्रद्धा और प्रेरणा का वातावरण</strong></h2>
<p data-start="0" data-end="409">इस भव्य धार्मिक आयोजन के सम्पन्न होने के बाद पूरे जैन समाज में अत्यंत गहरी श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। शत्रुंजय महातीर्थ की नवाणु यात्रा जैसी कठिन और तपस्वी साधना को छोटी आयु में पूर्ण करना सृष्टि और समृद्धि धारीवाल के लिए एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है। समाज के वरिष्ठजनों से लेकर युवा वर्ग तक सभी ने इस तपस्या को सराहते हुए इसे धार्मिक परंपरा और संस्कारों की जीवंत मिसाल बताया।</p>
<p data-start="411" data-end="653">सृष्टि और समृद्धि धारीवाल की यह साधना केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण जैन समाज के लिए गौरव का विषय बन गई है। उनके इस समर्पण और अनुशासन को देखकर लोग भावविभोर हो उठे और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना गया।</p>
<p data-start="655" data-end="890" data-is-last-node="" data-is-only-node="">समाज के लोगों का मानना है कि इस प्रकार की तपस्या और धार्मिक अनुशासन युवा पीढ़ी को धर्म, संयम, त्याग और आस्था की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। यह आयोजन सामाजिक एकता और आध्यात्मिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।</p>
<h2 data-section-id="1j8d2pj" data-start="4304" data-end="4315"><strong>निष्कर्ष</strong></h2>
<p data-start="4317" data-end="4477">धारीवाल परिवार की बाल तपस्वी सृष्टि और समृद्धि का यह आध्यात्मिक सफर यह दर्शाता है कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण के साथ की गई साधना किसी भी आयु सीमा से परे होती है।</p>
<p data-start="4479" data-end="4641">शत्रुंजय महातीर्थ की नवाणु यात्रा पूर्ण कर उन्होंने न केवल महान पुण्य अर्जित किया, बल्कि जैन परंपरा की गहराई और तपस्या की शक्ति को भी समाज के सामने प्रस्तुत किया।</p>
<p data-start="4643" data-end="4839" data-is-last-node="" data-is-only-node="">यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह आस्था, अनुशासन और आध्यात्मिक समर्पण की जीवंत मिसाल बन गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को धर्म और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start"></div>
</div>
</div>
</section>
</div>
</div>
<div class="pointer-events-none -mt-px h-px translate-y-[calc(var(--scroll-root-safe-area-inset-bottom)-14*var(--spacing))]" aria-hidden="true"><em><strong>जैन समाज मीडिया प्रभारी : सचिन भंडारी , मेंहदीपुर रोड ।</strong></em></div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Nagda : भव्य श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण लेकर कुक्षी श्रीसंघ पहुंचा नागदा प्रतिनिधिमंडल</title>
		<link>https://swarajvani.com/nagda-jain-community-receives-invitation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Jun 2026 07:35:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[nagda]]></category>
		<category><![CDATA[BrijeshBohra]]></category>
		<category><![CDATA[JainNews]]></category>
		<category><![CDATA[JainSangh]]></category>
		<category><![CDATA[Kukshi]]></category>
		<category><![CDATA[Nagda]]></category>
		<category><![CDATA[PratishthaMahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[ReligiousEvent]]></category>
		<category><![CDATA[ShriShantinathMahotsav]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=327483</guid>

					<description><![CDATA[भव्य श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण लेकर कुक्षी श्रीसंघ पहुंचा नागदा प्रतिनिधिमंडल Nagda (मध्य प्रदेश) Nagda : मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल स्थित कुक्षी नगर में आयोजित होने वाले भव्य, ... <a title="Nagda : भव्य श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण लेकर कुक्षी श्रीसंघ पहुंचा नागदा प्रतिनिधिमंडल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/nagda-jain-community-receives-invitation/" aria-label="Read more about Nagda : भव्य श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण लेकर कुक्षी श्रीसंघ पहुंचा नागदा प्रतिनिधिमंडल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>भव्य श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण लेकर कुक्षी श्रीसंघ पहुंचा नागदा प्रतिनिधिमंडल</strong></h1>
<h2>Nagda (मध्य प्रदेश)</h2>
<p>Nagda : मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल स्थित कुक्षी नगर में आयोजित होने वाले भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक <strong>श्री शांतिनाथ प्रभु प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका महामहोत्सव</strong> के निमंत्रण अभियान के तहत 10 जून की रात्रि को कुक्षी श्रीसंघ का एक प्रतिनिधिमंडल नागदा नगर पहुंचा। यह दौरा धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों को महोत्सव में सम्मिलित होने का स्नेहपूर्ण निमंत्रण दिया जा रहा है।</p>
<p>कुक्षी श्रीसंघ का यह प्रतिनिधिमंडल जैन समाज के प्रमुख धार्मिक आयोजनों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने और समाजजनों को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न नगरों का भ्रमण कर रहा है।</p>
<h2><strong>ब्रजेश बोहरा को सौंपा प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण</strong></h2>
<p>नागदा प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद् के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी <strong>श्री ब्रजेश बोहरा</strong> के जयन्तराज निवास पर पहुंचकर प्रतिष्ठा महोत्सव की <strong>कंकोत्री एवं निमंत्रण पत्रिका</strong> सादर भेंट की।</p>
<p>इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें आगामी भव्य धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह किया। साथ ही जैन समाज के सभी श्रावक-श्राविकाओं को भी इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का सस्नेह आमंत्रण दिया गया।</p>
<p>प्रतिनिधियों ने बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।</p>
<h2><strong>प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य</strong></h2>
<p>इस प्रतिनिधिमंडल में कुक्षी श्रीसंघ के कई प्रतिष्ठित एवं सक्रिय सदस्य शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:</p>
<ul>
<li>श्री अरविंदजी जैन (डालडा)</li>
<li>श्री आनंद जैन</li>
<li>श्री जितेंद्र जैन</li>
<li>श्री संजय जैन</li>
<li>श्री सुधीर जैन</li>
</ul>
<p>इनके साथ <strong>जय केसरियाजी ग्रुप</strong> के सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन के निमंत्रण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने नागदा में विभिन्न जैन समाज के प्रमुख व्यक्तियों से मुलाकात कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया और आयोजन की महत्ता से अवगत कराया।</p>
<h2><strong>श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव की भव्य रूपरेखा</strong></h2>
<p>कुक्षी नगर में स्थित नवनिर्मित एवं जीर्णोद्धारित <strong>शिखरबद्ध श्री शांतिनाथ जिनप्रासाद</strong> में श्री शांतिनाथ प्रभु सहित जिनबिम्बों एवं गुरुबिम्बों की प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका महामहोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।</p>
<p>यह भव्य आयोजन जैन धर्म की परंपराओं और आस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जिसमें मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा और आध्यात्मिक विधियों का अत्यंत विधिवत आयोजन होता है।</p>
<p>इस महोत्सव का संचालन एवं आयोजन पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद्विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी महाराजा सहित अन्य श्रमण-श्रमणी भगवंतों की पावन निश्रा में संपन्न होगा।</p>
<h2><strong>महोत्सव की तिथियां और कार्यक्रम</strong></h2>
<p>आयोजकों द्वारा महोत्सव की प्रमुख तिथियां पहले ही घोषित कर दी गई हैं, जिनमें कई दिव्य और भव्य धार्मिक कार्यक्रम शामिल होंगे:</p>
<ul>
<li><strong>महोत्सव का शुभारंभ:</strong> 16 जून 2026</li>
<li><strong>मुख्य प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका समारोह:</strong> 25 जून 2026</li>
<li>विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, पूजा-विधान एवं प्रवचन श्रृंखलाएं आयोजन अवधि में संपन्न होंगी</li>
</ul>
<p>इस दौरान देशभर से श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं जैन धर्मावलंबियों के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है।</p>
<h2><strong>Nagda में समाजजनों से संवाद</strong></h2>
<p>नागदा प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ नागदा के पदाधिकारियों एवं समाजजनों से भी भेंट की।</p>
<p>इस अवसर पर उन्हें आगामी प्रतिष्ठा महोत्सव में सहभागी बनने के लिए सस्नेह आमंत्रण दिया गया। प्रतिनिधियों ने समाज के वरिष्ठजनों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस पावन आयोजन में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें।</p>
<p>समाजजनों ने भी आयोजन के प्रति गहरी रुचि दिखाई और इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर बताया।</p>
<h2><strong>धार्मिक और सामाजिक महत्व</strong></h2>
<p>यह प्रतिष्ठा महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि जैन समाज की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।</p>
<p>ऐसे आयोजनों से:</p>
<ul>
<li>समाज में एकता और समरसता बढ़ती है</li>
<li>धार्मिक जागरूकता का विस्तार होता है</li>
<li>युवा पीढ़ी को संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है</li>
<li>आध्यात्मिक मूल्यों का संवर्धन होता है</li>
</ul>
<p>आयोजकों का मानना है कि यह महामहोत्सव जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय साबित होगा।</p>
<h2><strong>कुक्षी और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह</strong></h2>
<p>महोत्सव की घोषणा के बाद से ही कुक्षी और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय श्रद्धालु इस आयोजन को लेकर विशेष तैयारियों में जुटे हुए हैं।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल के दौरे से यह उत्साह और अधिक बढ़ गया है, क्योंकि अब विभिन्न नगरों से समाजजनों की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है।</p>
<h2><strong>प्रतिनिधिमंडल की अगली यात्रा</strong></h2>
<p>नागदा में सभी निर्धारित कार्यक्रमों को पूर्ण करने के बाद कुक्षी श्रीसंघ प्रतिनिधिमंडल ने रात्रि में ही अपनी आगामी यात्रा के लिए <strong>बदनावर</strong> की ओर प्रस्थान किया।</p>
<p>यह यात्रा आगामी दिनों में अन्य नगरों में भी जारी रहेगी, जहां समाजजनों को इस भव्य महोत्सव के लिए आमंत्रित किया जाएगा।</p>
<h2><strong>निष्कर्ष</strong></h2>
<p>कुक्षी में आयोजित होने वाला श्री शांतिनाथ प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका महामहोत्सव जैन समाज के लिए अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक अवसर है। नागदा में दिया गया यह स्नेहपूर्ण निमंत्रण न केवल धार्मिक परंपराओं को मजबूत करता है, बल्कि समाज में एकता और श्रद्धा की भावना को भी सुदृढ़ करता है।</p>
<p>यह आयोजन आने वाले समय में जैन समाज की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
